अणुगति सिद्धांत के नियम | बॉयल, चार्ल्स और आवोगाद्रो का नियम

अणुगति सिद्धांत के द्वारा आदर्श गैस के नियमों की व्याख्या – अणुगति सिद्धांत के आधार पर आदर्श गैस के नियमों की व्याख्या इस प्रकार की जा सकती है

बॉयल का नियम (Boyle’s Law in Hindi)

इस नियम के अनुसार, ” माना किसी स्थायी ऊष्मा पर किसी दी हुई वाष्प के लिए दाब तथा आयतन का परिणाम निरन्तर एक नियतांक होता है।” तो इसे ‘ बॉयल का नियम ‘ कहते हैं।

गैस के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, किसी दी हुई आदर्श गैस का दाब होता है।
P = \frac{1}{3} \frac{mN}{V} \overline{c^2}
अथवा
PV = \frac{1}{3} mN \overline{c^2}

यदि ताप स्थिर रखा जाए, तो गैस के प्रत्येक अणु की औसत स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा भी स्थिर रहती है। अर्थात् \frac{1}{2} m \overline{c^2} एक नियतांक है। इसके साथ-साथ दी हुई गैस के लिए द्रव्यमान m भी स्थिर रहता है। अतः उपर्युक्त समीकरण को लिखने पर,

\footnotesize \boxed{ PV = स्थिरांक }

अतः ” यही बॉयल का नियम ” कहलाता है।

चार्ल्स का नियम (Charle’s law in Hindi)

इस नियम के अनुसार, ” स्थिर ताप पर किसी दी हुई गैस का आयतन उसके परम ताप (T) के अनुक्रमानुपाती होता है।” तो इसीलिए इसे ‘ चार्ल्स का नियम ‘ कहते हैं।

गैस के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, किसी दी हुई आदर्श गैस का दाब होता है।
P = \frac{1}{3} \frac{mN}{V} \overline{c^2}
अथवा
V = \frac{2}{3} \frac{N}{P} ( \frac{1}{2} m \overline{c^2} )

परन्तु ताप की गतिज व्याख्या के अनुसार,
\frac{1}{2} m \overline{c^2} = \frac{3}{2} kT
तो
V = \frac{2}{3} \frac{N}{P} ( \frac{3}{2} kT)
इसलिए, V = \frac{N}{P} kT

यदि दाब P स्थिर रखा जाए, तो

\footnotesize \boxed{ V ∝ T }

अतः यही ‘ चार्ल्स का नियम ‘ कहलाता है।

और पढ़ें… डाल्टन का आंशिक दाब का नियम

आवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s law in Hindi)

इस नियम के अनुसार, ” समान दाब तथा समान ताप पर भिन्न-भिन्न गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या बराबर होती है।” तो इस नियम को ‘ आवोगाद्रो का नियम ‘ कहते हैं।

माना कि किसी गैस के एक अणु का द्रव्यमान m1, अणुओं की कुल संख्या n1 तथा वर्ग-माध्य-वेग \overline{c^2_1} है तो अणुगति सिद्धांत के अनुसार,
PV = \frac{1}{3} m1n1 \overline{c^2_1} ….(1)

यदि समान दाब व समान आयतन की एक अन्य गैस के लिए एक अणु का द्रव्यमान m2, अणुओं की कुल संख्या n2 तथा वर्ग-माध्य-वेग \overline{c^2_2} हो, तो
PV = \frac{1}{3} m2n2 \overline{c^2_2} ….(2)

उपर्युक्त समीकरण (1) व (2) की तुलना करने पर,
m1n1 \overline{c^2_1} = m2n2 \overline{c^2_2} ….(3)

यदि दोनों गैसों के ताप समान हो, तो प्रत्येक अणु की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा भी समान होगी। अर्थात्
\frac{1}{2} m1 \overline{c^2_1} = \frac{1}{2} m2 \overline{c^2_2} …(4)

अर्थात् समीकरण (3) व (4) की तुलना करने पर,

\footnotesize \boxed{ n_1 = n_2 }

अतः यही ‘ आवोगाद्रो का नियम ‘ कहलाता है।

ग्राहम या ग्राह्म का विसरण नियम (Graham’s law of Diffusion in Hindi)

इस नियम के अनुसार, ” गैस के विसरण की दर उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है। ” तो इस नियम को ‘ ग्राहम या ग्राह्म का विसरण नियम ‘ कहते हैं।

यदि आदर्श गैस के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, किसी आदर्श गैस का दाब होता है।
PV = \frac{1}{3} mn \overline{c^2}
अथवा
\overline{c^2} = \frac{3PV}{mn}

या \overline{c^2} = \frac{3P}{ρ}

जहां ρ = \frac{mn}{V} गैस का घनत्व है। तो
\sqrt{ \overline{c^2}} = \sqrt{ \frac{3P}{ρ}}
अथवा

\sqrt{ \overline{c^2}} \sqrt{ \frac{3P}{ρ}}

परन्तु अणुओं का औसत वेग उनके वर्ग-माध्य-मूल-वेग के अनुक्रमानुपाती होता है। अतः हम कह सकते हैं कि अणुओं का औसत वेग घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अतः यही ” ग्राह्म का विसरण नियम ” कहलाता है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न
Q. 1 अणुगति सिद्धांत के आधार पर आदर्श गैस के नियमों की व्याख्या कीजिए ?
Q. 2 अणुगति सिद्धांत के द्वारा बॉयल के नियम को सिद्ध कीजिए ?
Q. 3 अणुगति सिद्धांत के द्वारा चार्ल्स के नियम को लिखिए ?
Q. 4 अणुगति सिद्धांत के द्वारा आवोगाद्रो और ग्राह्म का विसरण नियम को सिद्ध कीजिए ?

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