अशोक वाजपेयी – जीवन परिचय, साहित्यिक, रचनाएं, भाषा शैली व साहित्य में स्थान

हेलो दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हमने “अशोक वाजपेयी का जीवन परिचय” (Ashok Vajpeyi biography in Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है। इसमें हमने अशोक वाजपेई का जीवन परिचय भाव पक्ष कला पक्ष, साहित्यिक परिचय, रचनाएं एवं कृतियां, भाषा शैली, काव्यगत विशेषताएं, पुरस्कार व साहित्य में स्थान आदि को विस्तार पूर्वक सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि आप परीक्षाओं में ज्यादा अंक प्राप्त कर सकें। इसके अलावा इसमें हमने अशोक जी के जीवन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर भी दिए हैं, तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

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अशोक वाजपेयी का संक्षिप्त परिचय

विद्यार्थी ध्यान दें कि इसमें हमने अशोक जी की जीवनी के बारे में संक्षेप में एक सारणी के माध्यम से समझाया है।
अशोक वाजपेयी की जीवनी –

नामअशोक वाजपेयी
जन्म तिथि16 जनवरी, सन् 1941 ईस्वी
जन्म स्थानदुर्ग, छत्तीसगढ़
मूल निवाससागर, मध्य प्रदेश
वर्तमान आयु(81-82) वर्ष
पिता का नामश्री परमानंद वाजपेयी
माता का नामश्रीमती निर्मला देवी
शिक्षाप्रारंभिक शिक्षा गवर्नमेंट हायर सेकेंड्री स्कूल (सागर), उच्च शिक्षा सागर विश्वविद्यालय से बी०ए० और सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली से अंग्रेजी में एम०ए०।
वृत्तिभारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, महात्मा गाॅंधी अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पहले कुलपति।
संप्रतिदिल्ली में रहकर स्वतंत्र लेखक एवं कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका।
स्थापनाबहुआयामी कला केन्द्र ‘भारत-भवन’ की स्थापना।
पैशाकवि, अध्यापक, संपादक, आलोचक
नागरिकताभारतीय
साहित्य कालआधुनिक काल
सम्पादनपूर्वग्रह (पत्रिका)
लेखन विधाकविता, आलोचना, समीक्षण, निबन्ध
भाषासरल, साहित्यिक खड़ीबोली
प्रमुख रचनाएंशहर अब भी सम्भावना है, एक पतंग अनंत में, अगर इतने से, तत्पुरुष, कहीं नहीं वहीं, बहुरि अकेला, समय के पास समय, उम्मीदों का दूसरा नाम आदि।
पुरस्कारसाहित्य अकादमी पुरस्कार (1994), दयावती मोदी कवि शिखर सम्मान।
साहित्य में स्थानअशोक वाजपेयी जी का वर्तमान कवियों में महत्त्वपूर्ण स्थान है।

अशोक वाजपेयी का जीवन परिचय

जीवन-परिचय— अशोक वाजपेयी का जन्म 16 जनवरी, सन् 1941 ईस्वी को दुर्ग (सागर), मध्य प्रदेश के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा एवं बी०ए० तक की शिक्षा सागर में ही सम्पन्न हुई थी। इन्होंने सन् 1960 ई० में सागर विश्वविद्यालय से बी०ए० की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद इन्होंने सन् 1963 ई० में सेण्ट स्टीफेन्स काॅलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम०ए० किया। इसके बाद इन्हें दिल्ली के ही दयाल सिंह कॉलेज में प्राध्यापक पद पर नियुक्ति मिल गई और इन्होंने दो वर्ष तक वहीं अध्यापन कार्य किया। तदनन्तर श्री वाजपेयी जी ने आई०ए०एस० की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा इन्हें मध्य प्रदेश शासन भोपाल में विशेष सचिव, संस्कृति एवं प्रकाशन विभाग में नियुक्त किया गया।

अशोक वाजपेयी
अशोक वाजपेयी का जीवन परिचय

अशोक वाजपेयी जी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास करके भारत सरकार के विभिन्न पदों पर कार्य करते रहे। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच भी ये निरंतर साहित्य सेवा में लगे रहे। मध्य प्रदेश में ‘भारत-भवन’ उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत अकादमी, ध्रुपद केन्द्र, चक्रधर नृत्य केन्द्र मध्य प्रदेश, आदिवासी लोककला परिषद् आदि संस्थाओं की स्थापना करके वर्षों तक उसके संचालन के अलावा ये महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रथम कुलपति भी रहे।

सन् 1994 ई० में भारत सरकार ने इन्हें ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसके अलावा अशोक वाजपेयी जी को ‘दयावती मोदी कवि शिखर सम्मान’ एवं कबीर सम्मान से भी सम्मानित किया गया।

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अशोक वाजपेयी का साहित्यिक परिचय

साहित्यिक-परिचय— वाजपेयी जी ने ‘पूर्वग्रह’ नामक पत्रिका का अनेक वर्षों तक सफल सम्पादन किया। कविता, आलोचना एवं समीक्षण इनकी अनेक कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। इनकी कृति ‘शहर अब भी सम्भावना हैं’ सन् 1966 में प्रकाशित हुई तबसे ये निरन्तर हिन्दी साहित्य जगत में विशेष रूप से नवमुल्यों के विवेचक बन कर लिख रहे हैं।

इन्होंने अपनी रचनाओं में भाषा का एक ताजा एवं उत्तेजक रूप प्रस्तृत किया है। साठोत्तरी कवियों में अशोक वाजपेयी जी एक चमकते हुए नगीने हैं जिन्होंने अपने काल में आक्रामकता अथवा हिंसा को स्थान न देकर मातृ, करुणा एवं प्रेम आदि बुनियादी लगावों को स्थान दिया है। ‘दुनिया की बढ़ती विसंगति’ एवं ‘अर्थक्षीणता पूर्ण विश्वास’ इन्होंने ऐसी कविताएँ लिखी हैं जो मानवीय होने के अनुभव एवं तनावों को आत्मीय स्तर पर परिभाषित करती हैं। दुनिया के समस्त विनाश के विरुद्ध कुछ गहन मानवीय सम्बन्धों में अर्थ एवं सम्भावना की लगातार खोज करती हैं। इसी खोज में इनकी कविताओं का जन्म हुआ है।

अशोक वाजपेयी जी सन् 1959 ई० से निरन्तर हिन्दी साहित्य की सेवा कर रहे हैं। इनसे हिन्दी जगत को भारी अपेक्षाएँ हैं।

अशोक वाजपेयी की प्रमुख रचनाएं

रचनाएँ एवं कृतियां— वाजपेयी जी बहुआयामी व्यक्तित्व के रचनाकार हैं। इनकी प्रमुख कृतियाँ कुछ इस प्रकार है— ‘शहर अब भी सम्भावना है’, ‘एक पतंग अनंत में’, ‘अगर इतने से’, ‘तत्पुरुष’, ‘कहीं नहीं वहीं’, ‘बहुरि अकेला’, ‘उम्मीदों का दूसरा नाम’, ‘कुछ रफू कुछ बिगड़े’, ‘दुःख चिट्ठी रस’, ‘पुरखों की परछी में ध्रुप’, ‘अपनी आसन्नप्रसवा माँ के लिए’, ‘विदा’, ‘वे बच्चे’, ‘युवा जंगल’, ‘शरण्य’, ‘शेष’, ‘सद्य स्नाता’, ‘सूर्य समय से अनुरोध’, ‘आविन्यो’ और ‘तिनका-तिनका’। इसके अतिरिक्त ‘थोड़ी-सी जगह’, ‘घास में दुबका आकाश’ तथा ‘पुनरपि’ इनके संचयन प्रकाशित हैं।

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अशोक वाजपेयी की प्रेम कविताएं

रचनाएँ— अशोक वाजपेयी की अब तक स्वलिखित और सम्पादित 33 कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें –

  • शहर अब भी सम्भावना है (1966)
  • एक पतंग अनन्त में (1984)
  • अगर इतने से (1986)
  • तत्पुरुष (1989)
  • कहीं नहीं वहीं (1991)
  • बहुरि अकेला (1992)
  • थोड़ी-सी जगह (1994)
  • घास में दुबका आकाश (1994)
  • आविन्यो (1995)
  • जो नहीं है (1996)
  • अभी कुछ और (1998)

और समग्र कविताओं का संचयन ‘तिनका तिनका’ दो खण्डों में (1996) प्रकाशित कृतियाँ हैं। कविता के अलावा इन्होंने आलोचना भी लिखीं हैं-

  • ‘फिलहाल’ (1979)
  • कुछ पूर्वग्रह (1984)
  • समग्र से बाहर (1994)
  • सीढ़ियाँ शुरू हो गयी हैं। (1996)
  • कविता का गल्प (1996)
  • कवि कह गया है (1998) आदि आलोचना कृतियाँ प्रकाशित हुई हैं।

अशोक वाजपेयी की सम्पादित रचनाएं

सम्पादित कृतियाँ— तीसरा साक्ष्य (1979), साहित्य विनोद (1984), कला विनोद (1986), पुनर्वसु (1989), कविता का जनपद (1993) के अलावा गजानन माधव मुक्तिबोध, शमशेर और अज्ञेय की चुनी हुई कविताओं का सम्पादन कुमार गन्धर्व, निर्मल वर्मा, जैनेन्द्र कुमार, हजारीप्रसाद द्विवेदी और अज्ञेय पर एकाग्र पुस्तकें सम्पादित हैं।

अशोक वाजपेयी की साहित्यिक रचनाएं

साहित्यिक पत्रकारिता— साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अशोक वाजपेयी का उल्लेखनीय योगदान है। समवेत (1958-59), पहचान (1970-74), पूर्वग्रह (1974-1990), बहुवचन (1990), कविता एशिया (1990), समास (1992) आदि इनके साहित्यिक पत्रकारिता की पहचान के स्तम्भ हैं। इसके अतिरिक्त ‘द बुक रिव्यू’ समेत अनेक पत्रिकाओं के सलाहकार सम्पादक रहे।

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अशोक वाजपेयी की काव्यगत विशेषताएं

काव्यगत विशेषताएँ— वाजपेयी जी निजता और आत्मीयता के कवि हैं। इनका शब्द की अदम्यता, असमाप्तता और पवित्रता में अटूट विश्वास है। मनुष्य, मनुष्य की जिजीविषा, उसका रहस्य और उसका हर्ष-विवाद इनकी कविता के केन्द्र हैं। इनकी कविता माता-पिता, प्रेमिका, बाल सखा, बेटी, बेटा, बहु के सम्बन्धों को तो अपने संसार में समेटती ही है इसके साथ ही साथ कवियों, चित्रकारों एवं संगीतकारों आदि का भी वर्णन करती है।

अशोक वाजपेयी का साहित्य में स्थान

साहित्य में स्थान— वाजपेयी जी की कविताएँ सदैव संस्कृति से संवाद करती हुई बढ़ती हैं। नारेबाजी से बचते हुए प्राचीन परम्परा से शक्ति अर्जित कर कविता को निखारा है। अशोक वाजपेयी का वर्तमान कवियों में महत्त्वपूर्ण स्थान है।

अशोक वाजपेयी की कविताएं

(1) युवा जंगल

एक युवा जंगल मुझे,
अपनी हरी ऊँगलियों से बुलाता है।
मेरी शिराओं में हरा रक्त बने लगा हैं
आँखों में हरी परछाँइयाँ फिसलती हैं
कन्धों पर एक हरा आकाश ठहरा है
होठ मेरे एक हरे गान में कॉपते हैं-

मैं नहीं हूँ और कुछ
बस एक हरा पेड़ हूँ
-हरी पत्तियों की एक दीप्त रचना !

ओ जंगल युवा,
बुलाते हो
आता हूँ
एक हरे वसन्त में डूबा हुआ
आऽताऽ हूँ…।

(2) भाषा एकमात्र अनन्त है

फूल झरता है
फूल शब्द नहीं !
बच्चा गेंद उछालता है,
सदियों के पार
लोकती है उसे एक बच्ची !
बूढ़ा गाता है एक पद्य,
दुहराता है दूसरा बूढ़ा,
भूगोल और इतिहास से परे
किसी दालान में बैठा हुआ !
न बच्चा रहेगा,
न बुढ़ा,
न गेंद, न फूल, न दालान
रहेंगे फिर भी शब्द
भाषा एकमात्रा अनन्त है !

FAQs. अशोक वाजपेयी जी के जीवन से जुड़े प्रश्न उत्तर

1. अशोक बाजपेयी का जन्म कब और कहां हुआ था?

अशोक वाजपेयी का जन्म 16 जनवरी, सन् 1941 ईस्वी को दुर्ग (सागर), मध्य प्रदेश के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

2. अशोक वाजपेयी का मूल निवास कहाँ है?

अशोक वाजपेयी का जन्म-स्थान दुर्ग, छत्तीसगढ़ है तथा इनका मूल-निवास सागर, मध्य प्रदेश में है।

3. अशोक वाजपेयी के माता पिता का नाम क्या है?

अशोक वाजपेयी के पिता का नाम श्री परमानंद वाजपेयी तथा माता का नाम श्रीमती निर्मला देवी है।

4. अशोक वाजपेयी जी ने कहाँ रहकर स्वतंत्र लेखन किया था?

अशोक वाजपेयी जी ने भोपाल में रहकर स्वतंत्र लेखक के प्रशासनिक कार्यकाल के दिनों में इनके द्वारा हज़ार से भी अधिक आयोजन कराए गए जो साहित्य और कला की विभिन्न विधाओं के प्रसार में अद्वितीय योगदान कहा जाता है। उस दौर में ‘भारत-भवन’ जैसे साहित्य-कला-संस्कृति आयोजन का पर्याय ही हो गया था।

5. अशोक वाजपेयी ने कौन सी कविता लिखी है?

अशोक वाजपेयी का पहला कविता संग्रह ‘शहर अब भी संभावना है’ जो कि सन् 1966 ई० में प्रकाशित हुआ था। ‘कुछ रफ़ू कुछ थिगड़े’ इनका ग्यारहवां कविता संग्रह है। इस संग्रह का पहला संस्करण ‘राजकमल प्रकाशन’ को साल 2004 में प्रकाशित किया गया।

6. तत्पुरुष किसकी रचना है?

‘तत्पुरुष’ अशोक वाजपेयी का चौथा कविता संग्रह है।

7. अशोक वाजपेयी की प्रमुख रचनाएं कौन कौन सी हैं?

अशोक वाजपेयी की प्रमुख रचनाएं— शहर अब भी सम्भावना है, एक पतंग अनंत में, अगर इतने से, तत्पुरुष, कहीं नहीं वहीं, बहुरि अकेला, उम्मीदों का दूसरा नाम, कुछ रफू कुछ बिगड़े, दुःख चिट्ठी रस, पुरखों की परछी में ध्रुप, अपनी आसन्नप्रसवा माँ के लिए, विदा, वे बच्चे, युवा जंगल आदि।

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