ऊर्जा घनत्व, उत्सर्जन क्षमता, अवशोषण क्षमता व प्रेवो के विनिमय सिद्धांत पर टिप्पणी लिखिए

ऊर्जा घनत्व क्या है

किसी बिन्दु पर ऊर्जा घनत्व, उस बिन्दु के परितः एकांक आयतन में विकिरण ऊर्जा के बराबर होता है जबकि सभी तरंगदैर्ध्य के विकिरणों पर एक साथ विचार किया जाता है, तो इसी कारण इसे ‘ऊर्जा घनत्व‘ कहते है। इसे प्रायः अक्षर u से निरूपित किया जाता है। इसका मात्रक जूल/मीटर3 होता है।

स्पेक्ट्रमी ऊर्जा घनत्व

किसी विशेष तरंगदैर्ध्य λ के लिए स्पेक्ट्रमी ऊर्जा घनत्व उस तरंगदैर्ध्य पर एकांक तरंगदैर्ध्य परास में प्रति एकांक आयतन विकिरण ऊर्जा के बराबर होता है। तो इसे ‘स्पेक्ट्रमी ऊर्जा घनत्व‘ कहते हैं। इसे अक्षर uλ से निरूपित करते हैं।
ऊर्जा घनत्व u तथा स्पेक्ट्रमी ऊर्जा घनत्व uλ में निम्न संबंध होता है।
\footnotesize \boxed{ u = \int^∞_0 µ_λ dλ } ….(1)
यहां dλ तरंगदैर्ध्य परास है।

उत्सर्जन क्षमता या उत्सर्जकता क्या है

किसी उत्सर्जक पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल द्वारा प्रति सेकंड में उत्सर्जित कुल विकिरण ऊर्जा को उस पृष्ठ की ‘उत्सर्जन क्षमता‘ कहते हैं। इसे E से व्यक्त किया जाता है। तथा इसका मात्रक जूल/मोटर2-सेकंड (या वाट मीटर2) होता है।
समान ताप पर विभिन्न उत्सर्जक पृष्ठों के लिए, उत्सर्जन-क्षमता (E) का मान भिन्न-भिन्न हो सकता है।

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स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन क्षमता

किसी उत्सर्जक पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल द्वारा प्रति सेकण्ड, तरंगदैर्ध्य λ पर एकांक तरंगदैर्ध्य परास में उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा को, उस पृष्ठ की तरंगदैर्ध्य λ पर ‘स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन क्षमता‘ कहते हैं। इसे eλ से व्यक्त करते हैं। तथा इसका मात्रक जूल/मीटर2 सेकण्ड \AA होता है।
यदि किसी उत्सर्जक पृष्ठ की तरंगदैर्ध्य λ पर स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन क्षमता eλ है, तो उस पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकण्ड तरंगदैर्ध्य परास λ से λ + dλ तक उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा eλ.dλ होगी तथा पृष्ठ की कुल उत्सर्जन क्षमता
\footnotesize \boxed{ E = \int^∞_0 e_λ.dλ } ….(2)

अवशोषण क्षमता क्या है

किसी पृष्ठ द्वारा किसी समय में अवशोषण विकिरण ऊर्जा की मात्रा तथा उसी समय में उस पर एक सेकण्ड में आपतित कुल विकिरण ऊर्जा की मात्रा के अनुपात को उस पृष्ठ की ‘अवशोषण क्षमता’ अथवा ‘अवशोषण गुणांक‘ कहते है। इसे अक्षर a से प्रदर्शित करते हैं। तथा इसका कोई मात्रक नहीं होता है।

स्पेक्ट्रमी अवशोषण क्षमता

किसी पृष्ठ द्वारा किसी समय में तरंगदैर्ध्य λ पर प्रति एकांक तरंगदैर्ध्य परास में अवशोषित विकिरण ऊर्जा तथा आपतित विकिरण ऊर्जा के अनुपात को उस पृष्ठ की तरंगदैर्ध्य λ पर ‘स्पेक्ट्रमी अवशोषण क्षमता‘ कहते हैं। इसे aλ से व्यक्त किया जाता है। तथा इसका कोई मात्रक नहीं होता है। अर्थात्
aλ = पृष्ठ द्वारा किसी समय में अवशोषित विकिरण की मात्रा / उतने ही समय में पृष्ठ पर आपतित कुल विकिरण की मात्रा

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प्रेवो का विनिमय सिद्धांत क्या है

प्रेवो के विनिमय सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक वस्तु सभी तापों पर ऊष्मा विकिरणों के रूप में ऊर्जा का उत्सर्जन करती है जिसकी दर केवल उस वस्तु के पृष्ठ की प्रकृति एवं ताप पर निर्भर करती है। इसके साथ ही प्रत्येक वस्तु अपने चारों ओर के माध्यम में रखी वस्तुओं से उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा का अवशोषण भी करती है जिसकी दर वस्तु के पृष्ठ की प्रकृति तथा चारों और के माध्यम के ताप पर निर्भर करती है।
इस प्रकार, जब किसी वस्तु का ताप अपने समीप रखी अन्य वस्तुओं से अधिक होता है तो वह वस्तु विकिरण द्वारा अन्य वस्तुओं को ऊष्मा देती है तथा साथ ही उन वस्तुओं से विकिरण ऊष्मा प्राप्त भी करती है। लेकिन वस्तु के अपेक्षाकृत ऊंचे ताप के कारण उसके द्वारा दी गई ऊष्मा की दर ली गई ऊष्मा की दर से अधिक होती है। अतः वस्तु का ताप गिरता जाता है। यह क्रिया तब तक होती है जब तक की वस्तु का ताप समीप रखी अन्य वस्तुओं के बराबर नहीं हो जाता है। इस स्थिति में भी वस्तु ऊष्मा का उत्सर्जन करती है लेकिन उत्सर्जन की दर अवशोषित ऊष्मा की दर के बराबर होती है। अतः वस्तु का ताप स्थिर बना रहता है। और पढे़…ऊष्मागतिकी फलन क्या है

उदाहरण के लिए – जैसा कि हम जानते हैं कि यदि आग के पास खड़े होने पर गर्मी तथा बर्फ के पास खड़े होने पर ठण्ड का अनुभव होता है। अर्थात् प्रेवो के सिद्धांत के अनुसार, हमारा शरीर दोनों स्थितियों में विकिरण द्वारा ऊष्मा देता भी है तथा ऊष्मा लेता भी है। अतः पहली स्थिति में वह ऊष्मा देता कम है, लेकिन आग से लेता अधिक है। अतः हमें गर्मी का अनुभव होता है। दूसरी स्थिति में यह ऊष्मा देता अधिक है, लेकिन बर्फ से लेता कम है अतः इस प्रकार हमें ठण्ड का अनुभव होता है।

Note – इन सभी से सम्बन्धित प्रशनों को परिक्षाओं में इस प्रकार पूंछा जाते हैं।
Q. 1 निम्न पदों पर टिप्पणी कीजिए ?
(1).ऊर्जा घनत्व (2).स्पेक्ट्रमी ऊर्जा घनत्व (3).उत्सर्जन क्षमता (4).स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन क्षमता (5).अवशोषण क्षमता (6).स्पेक्ट्रमी अवशोषण क्षमता ।
Q. 2 प्रेवो के विनिमय सिद्धान्त पर टिप्पणी लिखिए ?
Q. 3 उत्सर्जन क्षमता तथा अवशोषण क्षमता पदों की व्याख्या कीजिए ?
Q. 4 आदर्श कृष्णिका की अवशोषण क्षमता क्या होती है ?

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