एण्ट्रॉपी के पदों में ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का व्यंजक ज्ञात कीजिए

एण्ट्रॉपी के पदों में द्वितीय नियम का सूत्र

क्लाॅसियस की प्रमेय के अनुसार, ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम यह प्रदर्शित करता है कि विश्व की संपूर्ण ऊर्जा अचर रहती है। अर्थात् इसे ऊर्जा संरक्षण का नियम भी कहते है। क्लाॅसियस के अनुसार, ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम को इस प्रकार व्यक्त किया जाता है कि विश्व की एण्ट्रॉपी अधिकतम होने की ओर अग्रसर होती है।
यदि S1 तथा S2 दो स्थितियों में किसी निकाय की एण्ट्रॉपी हो, तो
S2 – S1 = \int^2_1 \frac{dQ}{T}
यदि बिन्दु 1 तथा 2 अति समीप है, तो
dS = \frac{dQ}{T}
अथवा
\footnotesize \boxed{ dQ = TdS }
“यही ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का गणितीय रूप है।”

ताप-एण्ट्रॉपी चित्र (T. S. Diagram in Hindi)

किसी ऊष्मागतिकी निकाय की अवस्था के अध्ययन के लिए ताप-एण्ट्रॉपी चित्र का प्रयोग किया जाता है। एण्ट्रॉपी को X-अक्ष पर तथा ताप को Y-अक्ष पर लिया जाए तो एक आयत की रचना होती है जिसमें रेखाएं MN तथा OP समतापीय परिवर्तनों को व्यक्त करती हैं। तथा रेखाएं NO तथा MP रुध्दोष्म परिवर्तन को व्यक्त करती है। जैसा की चित्र में दिखाया गया है।

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ताप-एण्ट्रॉपी चित्र
ताप-एण्ट्रॉपी चित्र

अतः सम्पूर्ण आयत MNOP एक कार्नो चक्र को प्रदर्शित करता है। तो
सम्पूर्ण प्रक्रम में अवशोषित ऊष्मा = क्षेत्रफल(MNOP)
अवशोषित ऊष्मा = (T1 – T2)(S2 – S1)
इंजन की दक्षता,
η = ऊष्मीय ऊर्जा जो कार्य के तुल्य है/अवशोषित ऊष्मा
η = \frac{(T_1 - T_2)(S_2 - S_1)}{T_1(S_2 - S_1)}
अथवा
η = \frac{(T_1 - T_2)}{T_1}
या η = 1 – \frac{T_2}{T_1}
“यही कार्नो चक्र के लिए एन्ट्रॉपी तापमान चक्र तथा कार्नो इंजन की दक्षता का सूत्र कहलाता है।”

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Note – ठोस अवस्था से वाष्प अवस्था में परिवर्तित एन्ट्रॉपी में वृद्धि क्या होगी ?

ठोस से वाष्प अवस्था में परिवर्तित एन्ट्रॉपी में वृद्धि

माना कि 1 किलो-ग्राम कोई ठोस पदार्थ जिसकी विशिष्ट ऊष्मा Cs है तथा गलनांक Tm एवं क्वथनांक Tn है तथा इनको ठोस से वाष्प में बदलना है। माना इनका गलन तथा क्वथन की गुप्त ऊष्माएं क्रमशः Lu एवं Lv है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

एन्ट्रॉपी में वृद्धि
एन्ट्रॉपी में वृद्धि

तथा इसमें यह क्रियाएं प्रदर्शित हैं।

प्रथम प्रक्रम (1 → 2) – 1 किलो ठोस को TK से TmK तक गर्म करने में ली गई ऊष्मा
dQ = CsdT
एन्ट्रॉपी में वृद्धि
dS = \frac{dQ}{T} = Cs \frac{dT}{T}
अथवा
\int^{s_2}_{s_1} dS = S2 – S1 = Cs \int^{T_m}_T \frac{dT}{T}
अथवा
S2 – S1 = Cs loge( \frac{T_m}{T} ) …(1)

द्वितीय प्रक्रम (2 → 3) – ठोस का निम्न ताप Tm पर पिघलना
dQ = Lu (ठोस के पिघलने की गुप्त ऊष्मा)
एन्ट्रॉपी में वृद्धि
S3 – S2 = \frac{L_u}{T_m} …(2)

तृतीय प्रक्रम (3 → 4) – पिघले हुए ठोस का Tm से क्वथनांक Tn तक गर्म होना, Cp द्रव की विशिष्ट ऊष्मा
dQ = Cp dT या dS = Cp \frac{dT}{T}
एन्ट्रॉपी में वृद्धि
S4 – S3 = Cp \int^{T_n}_{T_m} \frac{dT}{T}
अथवा
S4 – S3 = Cp loge \frac{T_n}{T_m} …(3)

चतुर्थ प्रक्रम (4 → 5) – द्रव का वाष्प में बदलना निम्न ताप Tn पर,
S5 – S4 = \frac{L_v}{T_n} …(4)

अतः समीकरण (1), (2), (3) व (4) से,

एन्ट्रॉपी में कुल वृद्धि
S5 – S1 = Cs loge( \frac{T_m}{T} ) + \frac{L_u}{T_m} + Cp loge ( \frac{T_n}{T_m} ) + \frac{L_v}{T_n} …(5)
“यही ठोस अवस्था से वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने में एन्ट्रॉपी में वृद्धि का व्यंजक है।”

Note – सम्बन्धित प्रशन पूछें जाते हैं।
Q. 1 एन्ट्रॉपी के पदों में ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का सूत्रण कीजिए ?
Q. 2 कार्नो चक्र के लिए एन्ट्रॉपी तापमान चक्र खींचिए तथा कार्नो इंजन की दक्षता का सूत्र ज्ञात कीजिए ?
Q. 3 ठोस अवस्था से वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने में एन्ट्रॉपी में हुई वृद्धि की गणना कीजिए ?

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