घूर्णन गतिज ऊर्जा तथा कोणीय संवेग में सम्बन्ध, क्षैतिज तल पर लुढ़कती वस्तु की गतिज ऊर्जा

घूर्णन गतिज ऊर्जा व कोणीय संवेग में सम्बन्ध

“यदि कोई वस्तु घूर्णन गति कर रही है। तो उसकी गतिज ऊर्जा उसके द्रव्यमान और कोणीय वेग पर ही निर्भर नहीं करती हैं। परन्तु अक्ष के परितः वस्तु के द्रव्यमान के वितरण पर भी निर्भर करती हैं।”

घूर्णन गतिज ऊर्जा
घूर्णन गतिज ऊर्जा

माना कि m द्रव्यमान का एक कण P जो कि XY- अक्ष से r दूरी पर है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। जिसका v रेखीय वेग तथा ω कोणीय वेग है।अतः,
इस कण की गतिज ऊर्जा = \frac{1}{2} mv2
परंतु, u = rω

u = \frac{1}{2} mr2ω2

इस प्रकार संपूर्ण वस्तु की घूर्णन गतिज ऊर्जा

E = \frac{1}{2} mr2ω2

E = \frac{1}{2} ω2 Σmr2

{चूंकि I = Σmr2} अतः,

घूर्णन गतिज ऊर्जा \footnotesize \boxed{ E = \frac{1}{2} Iω^2 }

“यही घूर्णन गतिज ऊर्जा का समीकरण है।”

यदि ω = 1 है, तो

\footnotesize \boxed{ I = 2E }

अतः किसी अक्ष के सापेक्ष किसी दृढ़ वस्तु का जड़त्व आघूर्ण उसकी घूर्णन गतिज ऊर्जा के दोगुने के बराबर होता है जबकि वस्तु का कोणीय वेग इकाई हो। परन्तु

J = Iω

जिसमें J कोणीय संवेग घूर्णन अक्ष की दिशा में है। अतः घूर्णन गतिज ऊर्जा
E = \frac{1}{2} 2

E = \frac{1}{2} \frac{I^2ω^2}{I}

अब {चूंकि J = Iω}

E = \frac{J^2}{2I}

\footnotesize \boxed{J = \sqrt{2EI}}

“यही घूर्णन गतिज ऊर्जा तथा कोणीय संवेग के बीच संबंध है।”

और पढ़ें..घूर्णन गति के समीकरण

क्षैतिज तल पर लुढ़कती हुई वस्तु की गतिज ऊर्जा

माना यदि कोई वृत्ताकार, बेलनाकार या गोलाकार वस्तु एक क्षैतिज समतल पर लुढ़कती है। तो उसकी गति रेखीए तथा घूर्णन गतियों से मिलकर बनी होती है। किसी भी समय घूर्णन अक्ष वह होगा जो कि सम्पर्क बिन्दु P में से होकर गुजरता है।

क्षैतिज तल
क्षैतिज तल

यदि वस्तु के द्रव्यमान केंद्र का वेग तल के सापेक्ष v है। तो इसका रेखीय वेग P में होकर गुजरने वाले घूर्णन अक्ष के सापेक्ष कोणीय वेग ω = \frac{V}{R} होगा। जिसमें R वस्तु की त्रिज्या है। इसलिए उस दृढ़ वस्तु के समीकरण एक ही कोणीय वेग ω से रेखीय वेग P से जाने वाले अक्ष के सापेक्ष घूम रहे होंगे।
अतः वस्तु की सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा

E = \frac{1}{2} IPω2

जिसमें IP, P बिंदु से जाने वाले अक्ष के सापेक्ष वस्तु का जड़त्व आघूर्ण है। अतः समान्तर अक्षों की प्रमेय के अनुसार

IP = Icm + MR2

यहां Icm वस्तु का द्रव्यमान केंद्र O से गुजरते हुए अक्ष के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण है।

E = \frac{1}{2} Icm ω2 + \frac{1}{2} MR2ω2

E = \frac{1}{2} Icmω2 + \frac{1}{2} MV2

E = \frac{1}{2} MK2ω2 + \frac{1}{2} MV2

E = \frac{1}{2} MK2 \frac{V^2}{R^2} + \frac{1}{2} MV2

E = \frac{1}{2} MV2 [1 + \frac{k^2}{R^2} ]

यहां k परिभ्रमण त्रिज्या है। अतः
"यही क्षैतिज तल पर लुढ़कती वस्तु की गतिज ऊर्जा का समीकरण कहलाता है।"

इसे भी पढ़ें.. दृढ़ पिण्ड क्या है

Note - संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं?
Q.1 किसी दृढ़ वस्तु की घूर्णन गतिज ऊर्जा का व्यंजक कोणीय संवेग तथा जड़त्व आघूर्ण के साथ ज्ञात करो?
Q.2 क्षैतिज तल पर लुढ़कती हुई वस्तु की गतिज ऊर्जा का व्यंजक ज्ञात करो?
Q.3 सिद्ध कीजिए कि घूर्णन गतिज ऊर्जा तथा कोणीय संवेग के बीच संबंध क्या है?

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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