डाल्टन का आंशिक दाब का नियम, जूल का नियम | Dalton’s Law of Partial Pressure in Hindi

डाल्टन का आंशिक दाब का नियम

इस नियम के अनुसार, “यदि किसी बर्तन में भरी अनेक प्रकार की गैसें परस्पर रसायनिक अभिक्रिया ना करती हों, तो इन गैसों का सम्मिलित दाब उनके आंशिक दाबों के योग के बराबर होता है।” तो इसे ‘डाल्टन का आंशिक दाब का नियम’ कहते हैं।

अर्थात् आंशिक दाब वह दाब होता है। जो मिश्रण की अकेली एक गैस से बर्तन भरने पर उस गैस द्वारा बर्तन की दीवारों पर लगाया जाता है। माना कि किसी बर्तन में कई प्रकार की गैसें भरी है। जिनके आंशिक दाब P1, P2, P3,…. है। तथा बर्तन का आयतन V है। माना कि आंशिक दाब P1 की गैस में m1 द्रव्यमान के n1 अणु हैं। जिनका वर्ग-माध्य-वेग \overline{c^2_1} है, तो P2 आंशिक दाब की गैस में m2 द्रव्यमान के n2 अणु हैं। जिनका वर्ग-माध्य-वेग \overline{c^2} आदि है। तो यदि

अणुगति सिद्धांत के अनुसार,
p1V = \frac{1}{3} m1n1 \overline{c^2_1} ……(1)
और
p2V = \frac{1}{3} m2n2 \overline{c^2_2} …, आदि …..(2)

तथा समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर,

(p1V + p2V + ….) = ( \frac{1}{3} m1n1 \overline{c^2_1} + \frac{1}{3} m2n2 \overline{c^2_2} ……)
या
(p1 + p2 + ….)V = \frac{1}{3} (m1n1 \overline{c^2_1} + m2n2 \overline{c^2_2} …) …..(3)

चूंकि गैसों का मिश्रण एक ही ताप पर होता है। अतः प्रत्येक गैस के अणुओं की औसत स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा भी समान होगी, अर्थात्
\frac{1}{2} m1 \overline{c^2_1} = \frac{1}{2} m2 \overline{c^2_2} = …. = \frac{1}{2} m \overline{c^2} (मान लेने पर)

तो इस मान को समीकरण (3) में रखने पर,
(p1 + p2 + ….)V = \frac{1}{3} (n1 + n2 + ….)m \overline{c^2} …..(4)

अतः n1 + n2 + n3 + ….. मिश्रण में कुल अणुओं की संख्या है। अतः अणुगति सिद्धांत के अनुसार, गैसों के मिश्रण का सम्मिलित दाब p होगा।
pV = \frac{1}{3} (n1 + n2 + ….)m \overline{c^2} …..(5)

अतः समीकरण (4) व (5) की तुलना करने पर,
(p1 + p2 + ….)V ÷ \frac{1}{3} (n1 + n2 + ….)m \overline{c^2} ÷ (pV ÷ \frac{1}{3} (n1 + n2 + ….)m \overline{c^2} )
या \frac{(p_1 + p_2 + ….)V}{ \frac{1}{3} (n_1 + n_2 + ….)m \overline{c^2}} × \frac{ \frac{1}{3} (n_1 + n_2 + ….)m \overline{c^2}}{pV}

या \footnotesize \boxed{ (p_1 + p_2 + ....) = P }

अतः यही ‘ डाल्टन का आंशिक-दाब का नियम ‘ कहलाता है।

और पढ़ें… अणुगति सिद्धांत के नियम, बॉयल, चार्ल्स और आवोगाद्रो का नियम

Note – जूल का नियम लिखिए तथा मुक्त प्रसार की परिभाषा दीजिए ?

जूल का नियम (Joule’s Law in Hindi)

इस नियम के अनुसार, ” यदि किसी आदर्श गैस की आंतरिक ऊर्जा U केवल ताप T पर निर्भर करती है। तथा दाब P व आयतन V पर निर्भर नहीं करती है। ” तो इस ‘ जूल का नियम ‘ कहते हैं।
गणितीय के रूप में लिखने पर,
U = f(T) …..(1)
अर्थात्
( \frac{∂U}{∂V} )T = 0 तथा ( \frac{∂U}{∂P} )T = 0 ……(2)

तथा
( \frac{∂U}{∂T} )P = ( \frac{∂U}{∂T} )V ……(3)

अर्थात् समीकरण (2) से स्पष्ट है। कि ताप (T) के नियत रहने पर आंतरिक ऊर्जा (U) भी नियत रहती है। चाहे आयतन (V) तथा दाब (P) में कुछ भी परिवर्तन क्यों न किया जाए। अतः समीकरण (3) से स्पष्ट है कि एकांक ताप – परिवर्तन के लिए आंतरिक ऊर्जा (U) में परिवर्तन समान होगा। चाहे दाब (P) नियत रखें या आयतन (V) को नियत रखें । अतः यही ‘ जूल का नियम ‘ कहलाता है।

और पढ़ें… गैसों का अणुगति सिद्धांत

मुक्त प्रसार (Free Expansion in Hindi)

यदि जब किसी गैस की निश्चित मात्रा का इस प्रकार प्रसार होता है। कि प्रसार के समय गैस को कोई कार्य न करना पड़े तथा गैस से ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान भी न हो, तब गैस के इस प्रसार की को ” मुक्त प्रसार ” कहते हैं। अर्थात् गैस के मुक्त प्रसार में किया गया कार्य,
dW = 0 तथा dQ = 0 ……(1)

ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से,
dQ = dU + dW ……(2)

अतः मुक्त प्रसार में,
dU = 0
या \footnotesize \boxed{ U = स्थिरांक }

अर्थात् ‘ मुक्त प्रसार में गैस की आंतरिक ऊर्जा नियत रहती है।’

Note – सम्बन्धित प्रश्न
Q. 1 अणुगति सिद्धांत के आधार पर आदर्श गैस के डाल्टन का आंशिक – दाब के नियम को सिद्ध कीजिए ?
Q. 2 मुक्त प्रसार की परिभाषा दीजिए तथा जूल का नियम लिखिए तथा इसकी व्याख्या कीजिए ?
Q. 3 डाल्टन का आंशिक दाब का नियम लिखिए तथा सिद्ध कीजिए ?
Q. 4 डाल्टन का आंशिक दाब का नियम क्या हैं ? तथा जूल के नियम को सिद्ध कीजिए ?

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