धर्मवीर भारती: जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली, पुरस्कार व साहित्य में स्थान

महान् गद्य-लेखक एवं उच्चकोटि के पत्रकार डॉ. धर्मवीर भारती आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक, कवि, नाटककार, उपन्यासकार एवं समाज विचारक थे। भारती जी ने हिंदी की प्रख्यात साप्ताहिक पत्रिका ‘संगम’ और ‘धर्मयुग’ का संपादन भी किया था। और इन्हें ‘पद्मश्री’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया। तो चलिए आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम डॉ. धर्मवीर भारती जी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं, ताकि परीक्षाओं में हम ज्यादा अंक प्राप्त कर सकें।

तो दोस्तों, आज के इस लेख में हमने “धर्मवीर भारती का जीवन परिचय” (Dharmvir Bharti Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है। इसमें हमने धर्मवीर भारती का जीवन परिचय, साहित्यिक परिचय, रचनाएं एवं कृतियां, पुरस्कार, भाषा शैली एवं साहित्य में स्थान को विस्तार से सरल भाषा में समझाया है।

इसे भी पढ़ें… प्रताप नारायण मिश्र का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

इसके अलावा, इसमें हमने धर्मवीर भारती जी के जीवन से जुड़े उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए हैं जो अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यदि आप डॉ. धर्मवीर भारती जी से जुड़े उन सभी प्रश्नों के उत्तर के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें।

धर्मवीर भारती का संक्षिप्त परिचय

विद्यार्थी ध्यान दें कि इसमें हमने डॉ. धर्मवीर भारती जी की जीवनी के बारे में संक्षेप में एक सारणी के माध्यम से समझाया है।
धर्मवीर भारती की जीवनी –

पूरा नामडॉ. धर्मवीर भारती
जन्मतिथि25 दिसम्बर, 1926 ई.
जन्मस्थानप्रयागराज (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश
मृत्युतिथि04 सितम्बर, 1997 ई.
मृत्युस्थानमुम्बई (भारत)
पिता का नामश्री चिरंजीलाल भारती
माता का नामश्रीमती चन्दा देवी
पत्नीकान्ता भारती (पहली पत्नी), पुष्पा भारती (दूसरी पत्नी)
पुत्र व पुत्रीपुत्र व पुत्री पुत्री परमिता (पहली पत्नी से); पुत्र किंशुक भारती और पुत्री प्रज्ञा भारती (दूसरी पत्नी से)
शिक्षाएम० ए०, पी०-एच०डी०
उच्च शिक्षइलाहाबाद विश्वविद्यालय
व्यवसायलेखक, कवि, निबंधकार, उपन्यासकार
भाषासरल, सुबोध एवं साहित्यिक खड़ीबोली
शैलीभावात्मक, वर्णनात्मक, व्यंग्यात्मक
प्रमुख रचनाएंठेले पर हिमालय, गुनाहों का देवता, नीली झील, कनुप्रिया, अन्धायुग, चाॅंद और टूटे हुए लोग।
साहित्य योगआधुनिक युग
संपादनसंगम एवं धर्मयुग
पुरस्कारपद्मश्री, भारत-भारती, सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ नाटककार पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी, राजेंद्र प्रसाद पुरस्कार
हिंदी साहित्य में स्थानकथाकार, नाटककार, निबंधकार एवं कवि के रूप में

डॉ धर्मवीर भारती जी एक प्रतिभावशाली लेखक, कवि, कथाकार एवं नाटककार थे। इनकी कविताओं में बौद्धिक उत्कर्ष की दर्शनीय है। कहानियों और उपन्यासों में इन्होंने सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं को जागृत करते हुए बड़े ही जीवन्त चरित्र अंकित किए हैं। भारती जी ने समाज की विद्रुपता पर व्यंग्य करने की विलक्षण क्षमता दिखाई है।

और पढ़ें… हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक, कवि, नाटककार, उपन्यासकार और समाजवादी विचारक, डॉ. धर्मवीर भारती का जन्म 25 दिसंबर, सन् 1926 ई. को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (या इलाहाबाद) के अतरसुइया मोहल्ले में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री चिरंजीलाल तथा माता का नाम चंदा देवी था। इनके बाल्यकाल में ही इनकी माता का निधन हो गया था जिस कारण इनके पिता पर गहरा प्रभाव पड़ा। और कुछ समय बाद ही इनके पिता की असमयक मृत्यु हो गई। जिस कारण इन्हें बहुत ही आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, परिवार की आर्थिक स्थिति पूर्ण रूप से आर्य समाज में ढली हुई थी। जिसके कारण भारती जी पर भी उसका गहरा प्रभाव पड़ा। इनकी एक बहन भी थी जिनका नाम डॉक्टर वीरबाला था।

धर्मवीर भारती
धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

धर्मवीर भारती जी ने प्राथमिक स्तर से उच्च स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की। इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में एम० ए० की परीक्षा उत्तीर्ण की। और फिर पी०एच०डी० की उपाधि प्राप्त करके इन्हें इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग में के प्राध्यापक पद पर नियुक्ति मिली। भारती जी ने कुछ समय तक यहीं से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक पत्र “संगम” का संपादन किया। और सन् 1959 ई. से 1987 ई. तक ये मुंबई से प्रकाशित होने वाले हिंदी के प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्र “धर्मयुग” के संपादक रहे।

धर्मवीर भारती जी ने अपनी शिक्षा इलाहाबाद से पूरी की और वहीं से उनमें लिखने का गहरा जुनून विकसित हुआ और इन्होंने कविताएं एवं कहानियां लिखकर अपनी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत की। इनके शुरूआती कार्यों में मानवीय भावनाओं का गहन अवलोकन और उस समय की सामाजिक गतिशीलता की भावनाओं का गहन चित्रण प्रदर्शित किया है।

सन् 1972 ई. में डॉ. धर्मवीर भारती जी को भारत सरकार ने “पद्मश्री” की उपाधि से सम्मानित किया था। और सन् 1989 ई. में “भारत-भारती” सम्मान, सन् 1994 ई. में “महाराष्ट्र गौरव” सम्मान, सन् 1994 ई. में “व्यास” सम्मान और सन् 1984 ई. में “हल्दीघाटी श्रेष्ठ पत्रकारिता” पुरस्कार से भी अलंकृत किया गया था। 04 सितंबर, सन् 1997 ई. को हृदय रोग के कारण डॉ. धर्मवीर भारती जी का देहांत हो गया था।

पढ़ें… मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

धर्मवीर भारती का साहित्यिक योगदान

भारती जी को आधुनिक हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए जाना जाता था और उन्हें नई कहानी साहित्यिक आंदोलन के अग्रदूतों में से एक माना जाता है। उनके लेखन में मानवीय भावनाओं की गहरी समझ झलकती है और उन्होंने प्रेम, रिश्ते, सामाजिक मुद्दों पर मानवीय स्थिति जैसे अनेक विषयों की खोज की है। भारती जी ने सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ है जो 1949 ई. में प्रकाशित हुआ था। यह इलाहाबाद में स्थापित एक प्रेम कहानी और चंदर और सुधा के पात्रों के बीच जटिल रिश्ते के आसपास घूमती है। इस उपन्यास को काफी लोकप्रियता मिली और इसे हिंदी साहित्य में एक क्लासिक माना जाता है।

डॉ. धर्मवीर भारती जी उपन्यासकार होने के साथ-साथ एक कुशल कवि भी थे। उनकी कविताओं में अक्सर आत्मनिरीक्षण की भावना होती थी और जीवन की जटिलताओं को चित्र किया जाता था। उनके कुछ उल्लेखनीय कविता संग्रहों में ‘सूरज का सातवां घोड़ा’ और ‘अन्धा-युग’ शामिल हैं, जो कि महाभारत पर आधारित एक नाटक हैं।

हिंदी साहित्य में धर्मवीर भारती जी का योगदान उनकी अपनी लेखनी तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने अपने संपादकीय कार्य के माध्यम से अन्य लेखकों और कवियों के को बढ़ावा देने और समर्थन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारती जी ने अनेक वर्षों तक हिंदी साहित्यिक पत्रिका ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ के संपादक के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने युवा लेखकों को प्रोत्साहित किया और उनकी प्रतिभा को निखारा जिससे हिंदी भाषा के साहित्यिक परिदृश्य पर स्थाई प्रभाव पड़ा।

अपने पूरे करियर के दौरान भारती जी को साहित्य में अनेक योगदान के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। धर्मवीर भारती जी को साहित्यिक उपलब्धियों के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था।

पढ़ें… महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

पढ़ें… श्रीराम शर्मा का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

धर्मवीर भारती की रचनाएं एवं कृतियां

भारती जी बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार हैं गद्य-पद्य दोनों पर ही इनका समान अधिकार रहा है। भारती जी लगभग 20 कृतियों है जो निम्नलिखित हैं –
कहानी-संग्रह – चाॅंद और टूटे हुए लोग, मुर्दों का गांव, स्वर्ग और पृथ्वी, बन्द गली का आखिरी मकान, साॅंस की कलम से।
काव्य-संग्रह – ठण्डा लोहा, सात गीत वर्ष, कनुप्रिया, अन्धा युग, सपना अभी-भी, आधान्त।
उपन्यास – गुनाहों का देवता, सूरज का सातवां घोड़ा, ग्यारह सपनों का देश, प्रारंभ व समापन।
निबंध-संग्रह – ठेले पर हिमालय, कहानी-अनकहानी, पश्यन्ती।
नाटक एवं एकांकी संग्रह – नदी प्यासी थी, नीली-झील।
आलोचना – मानव मूल्य और साहित्य, प्रगतिवादी एक समीक्षा।
अनुवाद – देशान्तर ।
सम्पादन – संगम और धर्मयुग ।

धर्मवीर भारती की भाषा शैली

भारती जी की भाषा सरल, सुबोध तथा साप्ताहिक साहित्यिक खड़ीबोली है जिसमें संस्कृत के शब्द प्रचुरता से पाए जाते हैं। या फिर कहें कि भारती जी की भाषा परिष्कृत एवं परिमार्जित खड़ीबोली है। इनकी भाषा में सरलता, सजीवता और आत्मीयता का पुट है तथा देशज, तत्सम एवं तद्भव शब्दों का प्रयोग हुआ है। मुहावरों एवं लोकोक्तियों के प्रयोग से भाषा में गति और बोधगम्यता आ गई है। विषय और विचार के अनुकूल भारती जी की रचनाओं में भावात्मक, समीक्षात्मक, वर्णनात्मक, चित्रात्मक, व्यंग्यात्मक आदि शैलियों का प्रयोग किया गया है।

धर्मवीर भारती के पुरस्कार

  • भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार (सन् 1972 ई. में)
  • हल्दीघाटी सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार (सन् 1984 ई. में)
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार (सन् 1985 ई. में)
  • सर्वश्रेष्ठ नाटककार महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन पुरस्कार (सन् 1988 ई. में)
  • संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली (सन् 1989 ई. में)
  • राजेंद्र प्रसाद शिखर सम्मान (सन् 1989 ई. में)
  • भारत भारती सम्मान (सन् 1989 ई. में)
  • महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार (सन् 1994 ई. में)
  • कौड़िया न्यासी पुरस्कार (सन् 1994 ई. में)
  • व्यास सम्मान (सन् 1994 ई. में)

धर्मवीर भारती का साहित्य में स्थान

पद्मश्री डॉ. धर्मवीर भारती प्रयोगवादी मनोवृति के सशक्त कवि होने के साथ-साथ एक सफल निबंधकार, कथाकार, नाटककार, उपन्यासकार तथा श्रेष्ठ पत्रकार के रूप में भी आधुनिक हिंदी साहित्य जगत् में अपनी आधुनिक दृष्टि, रोमांटिक प्रवृत्ति, व्यक्तिवादी चेतना तथा सहज जीवन एवं बोलचाल की भाषा के प्रख्यात हैं।

पढ़ें… काका कालेलकर का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

पढ़ें… रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

FAQs. डॉ. धर्मवीर भारती जी से जुड़े प्रश्न उत्तर

1. धर्मवीर भारती का जन्म कब और कहां हुआ था?

धर्मवीर भारती का जन्म 25 दिसंबर 1926 ई. में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (या प्रयागराज) के अतरसुइया मोहल्ले में हुआ था।

2. धर्मवीर भारती के माता पिता का क्या नाम था?

धर्मवीर भारती के पिता का नाम श्री चिरंजीलाल तथा माता का नाम चंदा देवी था।

3. धर्मवीर भारती की मृत्यु कब और कहां हुई थी?

धर्मवीर भारती की मृत्यु 4 सितंबर 1997 ई. को मुंबई भारत में हुई थी।

4. धर्मवीर भारती की पत्नी और बच्चों का क्या नाम था?

धर्मवीर भारती की पत्नियों के नाम – कान्ता भारती (विवाह 1954 ई. में) (पहली पत्नी), पुष्पा भारती (दूसरी पत्नी)।
तथा भारती जी के बच्चों का नाम – पुत्री परमिता (पहली पत्नी से); पुत्र किंशुक भारती और पुत्री प्रज्ञा भारती (दूसरी पत्नी से)।

5. धर्मवीर भारती को कौन कौन से अवार्ड मिले हैं?

धर्मवीर भारती को पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी, भारत भारती, श्रेष्ठ नाटककार, श्रेष्ठ पत्रकारिता, राजेंद्र प्रसाद सम्मान इत्यादि अवार्डों से सम्मानित किया गया था।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *