प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट, एकविमीय प्रत्यास्थ संघट्ट को सिद्ध करों | Elastic Collision in Hindi

प्रत्यास्थ टक्कर क्या है

“प्रत्यास्थ टक्करें वे टक्करें होती है, जिसमें रेखीय संवेग संरक्षण के साथ-साथ गतिज ऊर्जा भी संरक्षित या नियत रहती है। इसी कारण इसे पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर या संघट्ट कहते हैं।”
उदाहरण के लिए स्टील (या कांच) की दो गोलियों की टक्कर लगभग प्रत्यस्थ होती है।

अप्रत्यास्थ टक्कर क्या है

“जब पिंडों के संघट्ट में गतिज ऊर्जा नियत नहीं रहती है। परंतु कुल ऊर्जा तथा संवेग संरक्षित रहते हैं। तब इस टक्कर को अप्रत्यास्थ टक्कर या संघट्ट कहते हैं।”
उदाहरण के लिए – बंदूक की गोली तथा लक्ष्य में संघट्ट आदि।

एकविमीय प्रत्यास्थ टक्कर क्या है

“जब एक सरल रेखा में गतिशील दो पिण्डों के बीच टक्कर होती है। तो इसे एकविमीय टक्कर कहते हैं।

इसे भी पढ़ें.. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम

1.संघट्टों के संवेग संरक्षित रहता है

माना m1 व m2 द्रव्यमान के दो पिण्ड एक ही दिशा में क्रमशः वेग u1 व u2 से गतिमान हैं। अर्थात् (u1 > u2) तथा जिसके पश्चात उनके वेग v1 व v2 हो जाते हैं।

एकविमीय प्रत्यास्थ टक्कर

टक्कर से पहले कुल संवेग = m1u1 + m2u2
टक्कर के बाद कुल संवेग = m1v1 + m2v2
संवेग संरक्षण के सिद्धान्त से,
m1u1 + m2u2 = m1v1 + m2v2
या
m1(u1 – v1) = m2(v2 – u2) ….(1)
टक्कर से पहले कुल गतिज ऊर्जा-
= \frac{1}{2} m1u21 + \frac{1}{2} m2u22
तथा टक्कर के बाद कुल गतिज ऊर्जा-
= \frac{1}{2} m1v21 + \frac{1}{2} m2v22
गतिज ऊर्जा संरक्षण के सिद्धान्त से,
\frac{1}{2} m1u21 + \frac{1}{2} m2u22 = \frac{1}{2} m1v21 + \frac{1}{2} m2v22
या
m1(u21 – v21) = m2(v22 – u22) ……(2)
समीकरण (2) में (1) का भाग करने पर,
u1 + v1 = v2 + u2
या
u1 – u2 = v2 – v1
या
\footnotesize \boxed{ u_1 - u_2 = - (v_1 - v_2) } …..(3)
अर्थात्
टक्कर से पहले आपेक्षिक वेग = – टक्कर के बाद आपेक्षिक वेग

अतः “प्रत्यास्थ टक्कर में टक्कर से पूर्व पिण्डों के परस्पर पास आने का आपेक्षिक वेग वही होता है। जो कि टक्कर के बाद इन पिण्डों के दूर जाने का आपेक्षिक वेग होता हैं।”

और पढ़ें…न्यूटन के गति के नियम

2.दो पिंडों के बीच पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट

माना जब m1 = m2
समीकरण (3) से,
v2 = u1 – u2 + v1
v2 का यही मान समीकरण (1) में रखने पर,
m1(u1 – v1) = m2(u1 – v2) = m2(u1 – u2 + v1 – u2)
या
v1(m1 + m2) = u1(m1 – m2) + 2m2u2
या
v1 = \frac{(m_1 - m_2)}{(m_1 + m_2)} u1 + \frac{(2m_2)}{(m_1 + m_2)} u2 …..(4)
इसी प्रकार समीकरण (1) व (3) से v1 हटाने पर,
v2 = \frac{2m_1}{(m_1 + m_2)} u1 + \frac{(m_2 - m_1)}{(m_1 + m_2)} u2 …..(5)
यदि दोनों पिण्डों के द्रव्यमान समान है। अर्थात् (m1 = m2)
तब समीकरण (4) व (5) से,
v1 = u2 तथा। v2 = u1 …….(6)

अर्थात् “माना की जब दो समान द्रव्यमान के पिण्ड परस्पर आपस टकराते हैं। तो उनकी टक्कर के बाद उनके वेग परस्पर आपस में परिवर्तित हो जाते हैं।”

Note – प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट संबंधित प्रशन –
Q.1 प्रत्यास्थ टक्कर से आप क्या समझते हैं। सिद्ध कीजिए कि दो कणों की एकविमीय प्रत्यास्थ टक्कर मे, कणों का आपेक्षिक वेग नियत रहता है। एवं यदि कणों के द्रव्यमान समान हो तो उनके वेग परस्पर बदल जाते हैं|
Q.2 प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट (टक्कर) क्या है? उदाहरण सहित समझाइए। एकविमीय प्रत्यास्थ संघट्ट को सिद्ध करो?

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