ब्रह्मांड की एण्ट्रॉपी घटती है | short answer type questions in Hindi

लघु उत्तरीय प्रशन समझाइए (short answer type questions in Hindi)-

प्रशन 1 – “पृथ्वी पर गिरने वाली कॉस्मिक किरणें पृथ्वी की एण्ट्रॉपी घटाती हैं ।” क्या यह कथन सत्य है ? कारण सहित समझाइए ।

उत्तर – हाॅं, पृथ्वी की एण्ट्रॉपी घटती हैं लेकिन ब्रह्माण्ड में जहाॅं से कॉस्मिक किरणें आती हैं, वहाॅं एण्ट्रॉपी बढ़ती है। इस प्रकार ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का उल्लंघन नहीं होता है।

प्रशन 2 – क्या ऐसा सम्भव है कि किसी प्रक्रम में ब्रह्माण्ड की एण्ट्रॉपी घट जाए ?

उत्तर – नहीं, क्योंकि ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार किसी भी प्रक्रम में ब्रह्माण्ड की एण्ट्रॉपी घट नहीं सकती है।

प्रशन 3 – एण्ट्रॉपी की भौतिक अवधारणा बताइए । इसका मात्रक क्या है ?

उत्तर – एण्ट्रॉपी का ऊष्मीय गति से वही संबंध होता है जो द्रव्यमान का रैखिक गति से तथा जड़त्व-आघूर्ण का गति से सम्बन्ध होता है। इसका मात्रक कैलोरी/K या जूल/K होता है।

प्रशन 4 – जब साइकिल का टायर अचानक फटता है तो ठण्डक उत्पन्न होती है, क्यों ?

उत्तर – जब साइकिल का टायर अचानक फटता है तो अधिक दाब पर भरी हुई वायु का रुद्धोष्म प्रसार होता है। क्योंकि प्रसार में वायु द्वारा कार्य किया जाता है जिससे उसकी आन्तरिक ऊर्जा घट जाती है। और उसमें ठण्डक उत्पन्न हो जाती है।
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से, चूंकि dQ = 0, अतः dU = – dW । चूंकि प्रसार में निकाय द्वारा कार्य किया जाता है। अर्थात् dW धनात्मक होता है, अतः इसकी आन्तरिक ऊर्जा घटती है। और इसका ताप भी घट जाता है।

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प्रशन 5 – क्या किसी रेफ्रिजरेटर का दरवाजा खुला रखकर कमरे को ठण्डा किया जा सकता है ?

उत्तर – नहीं, बल्कि कमरा गरम हो जाएगा क्योंकि दरवाजा खोला रखने पर जैसे ही रेफ्रिजरेटर के अन्दर का ताप बाह्य वायुमण्डल का ताप समान हो जायेगा। तथा मोटर द्वारा किए गए कार्य से उत्पन्न ऊष्मा कमरे को मिलने लगेगी। जिससे कमरे का ताप बढ़ने लगेगा ।

प्रशन 6 – बाह्य दहन इंजन तथा आन्तरिक दहन इंजन में क्या अंतर है ?

उत्तर – बाह्य दहन इंजन में कार्यकारी पदार्थ को दी जाने वाली ऊष्मा, बाह्य भट्टी में ईंधन जलाकर पैदा की जाती है। जबकि आन्तरिक दहन इंजन में यह सिलिण्डर के अन्दर ही स्त्रोत दहन द्वारा उत्पन्न की जाती है।

प्रशन 7 – डीजल इंजन की दक्षता, ऑटो इंजन से अधिक हो सकती हैं। क्या यह कथन सत्य हैं ? अपने कथन का तर्क सहित उत्तर दीजिए ।

उत्तर – यह कथन सत्य है। क्योंकि डीजल इंजन में केवल वायु ही सम्पीडित होती है, अतः रुध्दोष्म सम्पीडन में निष्पत्ति अधिक हो सकती है क्योंकि इसमें विस्फोट होने का कोई खतरा नहीं होता है। जबकि ऑटो इंजन में पेट्रोल वाष्प मिश्रित वायु सम्पीडित होती है, अतः सम्पीडन निष्पत्ति अधिक नहीं हो सकती है अन्यथा स्पार्क होने से पहले ही पेट्रोल विस्फोटित हो जाएगा।

प्रशन 8 – क्या 4.2 जूल कार्य से 1 कैलोरी ऊष्मा प्राप्त कर सकते हैं ? क्या 1 कैलोरी ऊष्मा से 4.2 जूल कार्य प्राप्त कर सकते हैं ?

उत्तर – 4.2 जूल कार्य से 1 कैलोरी ऊष्मा प्राप्त करना सम्भव है, क्योंकि कार्य को ऊष्मा में पूर्णतः रूपांतरित किया जा सकता है। लेकिन 1 कैलोरी ऊष्मा से 4.2 जूल कार्य प्राप्त करना सम्भव नहीं है, चूंकि ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार ऊष्मा को कार्य में पूर्णतः रूपांतरित नहीं किया जा सकता है।

प्रशन 9 – ऊष्मा इंजन के लिए सिंक की आवश्यकता समझाइए ?

उत्तर – केल्विन-प्लांक के नियमानुसार, बिना कुछ ऊष्मा निष्कासित किए ऊष्मा को कार्य में रूपांतरित नहीं किया जा सकता है। अतः ऊष्मा इंजन के लिए सिंक का होना आवश्यक है।

प्रशन 10 – क्या ताप के परम मापक्रम पर ताप का ऋणात्मक मान सम्भव है ?

उत्तर – नहीं, क्योंकि इसकी दक्षता η = \frac{W}{Q_1} = 1 – \frac{T_2}{T_1}
यदि T2 ऋणात्मक है, तो η > 1 या W > Q1 जिसका अर्थ है कि इंजन जितनी ऊष्मा स्त्रोत से लेता है उससे अधिक ऊष्मा को कार्य में बदल देता है, जो ऊर्जा संरक्षण नियम के विरुद्ध है।

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