यान्त्रिकी क्या है, क्वाण्टम, चिरसम्मत यान्त्रिकी समझाइए | Mechanics in Hindi

यान्त्रिकी क्या है

यांत्रिकी भौतिक विज्ञान कि वह शाखा है। जिसमें पदार्थ की सरलतम गति, यांत्रिकी गति का अध्ययन किया जाता है। इस गति में वस्तुओं कि या उनके हिस्सों की आपेक्षिक स्थितियों का समय के साथ परिवर्तन सम्मिलित होता है।

यांत्रिकी की तीन प्रमुख शाखाएं हैं।

स्थैतिक (Statics in Hindi) – इसके अंतर्गत पदार्थों के संतुलन तथा बलों के जोड़ के नियमों का अध्ययन करते हैं।

शुद्ध गतिकी (Kinematics in Hindi) – इसके अंतर्गत वस्तु की केवल गति का ही वर्णन करते हैं। तथा गति उत्पन्न करने वाले बालों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

गतिकी (Dynamics in Hindi) – इसके अंतर्गत वस्तु की गति तथा उसे उत्पन्न करने वाले कारणों का अध्ययन किया जाता है। वस्तु के द्रव्यमान तथा उस पर कार्य करने वाले बलों में संबंध ज्ञात करते हैं। वस्तु की गति का घूर्णन बल, द्रव्यमान तथा संवेग के पदों में किया जाता है। जैसे किसी वस्तु के त्वरण को उस पर परिणामी बल तथा उसके द्रव्यमान के पदों में स्पष्ट करना संभव होता है।
( \overrightarrow{a} = \frac{ \overrightarrow{F}}{m} )

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क्वाण्टम यान्त्रिकी किसे कहते है

इस यांत्रिकी के अंतर्गत सूक्ष्म कणों जैसे- अणु, परमाणु, नाभिक आदि तथा मूल कणों जैसे- इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन आदि के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। तथा इस यांत्रिकी से कणों की गतियों का अध्ययन करेंगे जिनकी चालें अन – आपेक्षिकीय है। अर्थात् (v << v) इसी कारण इस यांत्रिकी को “क्वाण्टम यांत्रिकी” कहा जाता हैं।

आपेक्षिकीय यान्त्रिकी क्या है

सन् 1905 मैं आइंस्टीन ने प्रकाश में प्रकाश की चाल के तुलनीय चाल से चलने वाली वस्तुओं की गति के वर्णन के लिए न्यूटन के गति के नियमों में संशोधन किया। इन संशोधनों को “आइंस्टीन का आपेक्षिकता का विशिष्ट सिद्धांत” कहते हैं। इस सिद्धान्त के अनुसार दिक् तथा काल अचर नहीं है। बल्कि वस्तु या प्रेक्षिक की गति पर निर्भर करते हैं। इसके साथ ही किसी वस्तु का द्रव्यमान उसकी चाल पर निर्भर करता है। जैसे किसी वस्तु की चाल V पर द्रव्यमान m = m0 \sqrt{ \frac{1 - v^2}{c^2}} दिया जाता है। जहां m0 वस्तु का विराम द्रव्यमान है। जबकि V = 0 तथा c प्रकाश की चाल है। उच्च वेर्गों पर गणना की इस पद्धति को “आपेक्षिकीय यांत्रिकी” कहते हैं। अतः चिरसम्मत यांत्रिकी वास्तव में आपेक्षिकीय यांत्रिकी की एक विशेष दशा हैं।

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चिरसम्मत यान्त्रिकी क्या है

इसके अंतर्गत उन वस्तुओं की गति का अध्ययन किया जाता है। जिनकी चाल v प्रकाश की निर्वात में चाल (c = 3 × 108 m/s) से बहुत कम होती है। (V << c) तथा वस्तुओं का आकार परमाणु के आकार (∼ = 10 – 10 m) से बहुत बड़ा होता है। इस यांत्रिकी में गणना के लिए न्यूटन के गति के नियमों का पालन किया जाता है। अतः उसे न्यूटोनियन यांत्रिकी भी कहते हैं। इस यांत्रिकी में द्रव्यमान, समय तथा लंबाई को अचर माना जाता है। इसका मान वस्तु या प्रेक्षक की गति पर निर्भर नहीं करता है।

Note – यान्त्रिकी से सम्बन्धित प्रश्न –
Q.1 यांत्रिकी से आप क्या समझते हैं। इसे कितने भाग में बांटा गया है?
Q.2 क्वाण्टम यान्त्रिकी पर टिप्पणी लिखों?
Q.3 आपेक्षिकीय यान्त्रिकी पर टिप्पणी लिखों?
Q.4 चिरसम्मत यान्त्रिकी क्या हैं? समझाइए?
Q.5 यान्त्रिकी क्या है? क्वाण्टम यान्त्रिकी, आपेक्षिकीय यान्त्रिकी तथा चिरसम्मत यान्त्रिकी को उदाहरण सहित समझाइए।

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