जूल प्रसार, रुद्धोष्म प्रसार व जूल-थॉमसन प्रसार में अंतर समझाइए

रुद्धोष्म प्रसार, जूल प्रसार व जूल-थॉमसन प्रसार तीनों में ही dQ = 0 होता है। अतः ये तीनों परिवर्तन रुद्धोष्म होते हैं, परंतु निम्न आधारों पर उक्त तीनों प्रसारों में अंतर स्पष्ट किया गया है। जो कि इस प्रकार से है।

1.गैस द्वारा किया गया कार्य

रुद्धोष्म प्रसार में गैस अत्यधिक बाह्य कार्य करती है, जबकि जूल-प्रसार में यांत्रिक कार्य शून्य होता है। तथा जूल-थॉमसन प्रसार में कार्य, रुद्धोष्म प्रसार में कृत कार्य से कम होता है। जूल-थॉमसन परिवर्तन में कृत कार्य P2V2 – P1V1 होता है।

2.आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन

रुद्धोष्म प्रसार में गैस की आन्तरिक ऊर्जा में अत्यधिक कमी होती है, [∆U = \frac{-R}{γ - 1} (T1 – T2)]; जबकि जूल-प्रसार में ∆U = 0 होता है। जूल-थॉमसन प्रसार में प्रसार से पूर्व व प्रसार के बाद गैस की एन्थैल्पी (H) अचर रहती है। अर्थात U1 + P1V1 = U2 + P2V2; जिसमें ∆U = U2 – U1 = P1V1 – P2V2 अतः आन्तरिक उर्जा में कम परिवर्तन होता है।

3.गैस के ताप में परिवर्तन

रुद्धोष्म प्रसार में गैस के ताप में काफी कमी आती है। जबकि जूल प्रसार में आदर्श गैस के लिए ताप नियत रहता है। तथा वास्तविक गैस के लिए ताप में नगण्य गिरावट आती है। जूल-थॉमसन प्रसार में आदर्श गैस के ताप में कोई परिवर्तन नहीं होता, जबकि वास्तविक गैस के ताप में रुद्धोष्म प्रसार की तुलना में नगण्य परिवर्तन होता है। इसमें ताप परिवर्तन गैस के प्रारंभिक ताप पर निर्भर करता है। यदि प्रारंभिक ताप T > Ti (चूंकि Ti व्युत्क्रमण ताप है), तो प्रसार के उपरांत वास्तविक गैस के ताप में वृद्धि होगी। T = Ti के लिए ताप नियत रहेगा तथा T < Ti के लिए प्रसार उपरांत वास्तविक गैस के ताप में कमी आएगी।

और पढ़ें.. जूल-टाॅमसन प्रभाव क्या है

Note – दूसरे शब्दों में रुद्धोष्म प्रसार, जूल प्रसार तथा जूल-थॉमसन प्रसार में अंतर इस प्रकार भी स्थापित किया जा सकता है।

A.जूल-थॉमसन प्रसार तथा रुद्धोष्म प्रसार में अंतर

जूल-थॉमसन प्रसार में गैस को उच्च नियत दाब की ओर से सरंध्र डॉट में से होते हुए निम्न नियत दाब की और भेजा जाता है। तथा गैस अन्तराअणुक आकर्षण के विरुद्ध ‘आन्तरिक कार्य’ करती है। इस कार्य के लिए आवश्यक ऊर्जा गैस अपनी आन्तरिक ऊर्जा से ही लेती है। तथा शीतलन उत्पन्न करती है इस प्रसार में गैस बाह्य कार्य भी करती है, परंतु इसके लिए ऊर्जा गैस को सरंध्र डॉट में भेजने वाले संपीडक से ली जाती है। चूंकि गैसें बाॅयल के नियम का पूर्णतः पालन नहीं करती, अतः सम्पीडक द्वारा गैस पर किया गया कार्य गैस द्वारा किए गए बाह्य कार्य के ठीक बराबर नहीं होता। कुछ परिणामी बाह्य कार्य गैस द्वारा किया जाता है अथवा गैस पर किया जाता है। इस प्रकार, जूल-थॉमसन प्रसार में ‘आन्तरिक कार्य’ के कारण शीतलन तथा परिणामी ‘बाह्य कार्य’ के कारण शीतलन अथवा तापन उत्पन्न होता है। अतः परिणामी प्रभाव शीतलन अथवा तापन अथवा शून्य कुछ भी हो सकता है।
रुद्धोष्म प्रसार में संपीडक गैस को अचानक वायुमंडल में छोड़ा जाता है। तथा रुद्धोष्म प्रसार में गैस वायुमंडल के दाब के विरुध्द ‘बाह्य’ कार्य करती है। चूंकि प्रसार अचानक होता है। अतः गैस वातावरण से कोई ऊष्मा नहीं ले पाती तथा बाह्य कार्य के लिए आवश्यक ऊर्जा गैस अपनी आन्तरिक ऊर्जा से ही लेती है। इस प्रकार, रुद्धोष्म प्रसार में सदैव शीतलन ही उत्पन्न होता है। तथा यह मुख्यता गैस द्वारा किए गए ‘बाह्य कार्य’ के कारण होता है।

B.जूल प्रसार तथा जूल-थॉमसन प्रसार में अंतर

जूल प्रसार एक ‘मुक्त प्रसार’ होता है जिसमें गैस अचानक ही निर्वात में प्रसारित होती है। अतः कोई बाह्य कार्य नहीं करती। गैस केवल अंतराअणुक आकर्षण के विरुद्ध आन्तरिक कार्य करती है। जिससे शीतलन उत्पन्न होता है, परंतु यह प्रभाव उपकरण की अधिक उष्मा-धारिता के कारण प्रायः प्रेक्षित नहीं होता।
जूल-थॉमसन प्रसार में गैस आंतरिक कार्य तो करती ही है, परंतु इसके साथ-साथ गैस द्वारा अथवा गैस पर वह ‘बाह्य कार्य’ भी होता है। दोनों कार्यों का नेट प्रभाव शीतलन अथवा तापन अथवा शून्य कुछ भी हो सकता है। यह गैस के प्रारंभिक ताप पर निर्भर करता है। साधारण तापों पर, हाइड्रोजन और हीलियम में हल्का तापन होता है, जबकि अन्य सभी गैसों में शीतलन होता है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न –
Q. 1 गैसों के रुद्धोष्म प्रसार, जूल प्रसार तथा जूल-थॉमसन प्रसार में अंतर स्पष्ट कीजिए?
Q. 2 जूल-थॉमसन प्रसार तथा रुद्धोष्म प्रसार में अंतर बताइए?
Q. 3 जूल प्रसार तथा जूल-थॉमसन प्रसार में क्या अंतर है? स्थापित कीजिए?

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *