जड़त्व आघूर्ण की समान्तर व समकोणिक अक्षों की प्रमेय | Moment of Inertia in Hindi

जड़त्व आघूर्ण क्या है

घूर्णन गति करती वस्तु का वह गुण है। जिसके कारण वह वस्तु अपने घूर्णन अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है। तो वह “जड़त्व आघूर्ण” कहलाती हैं।

जड़त्व आघूर्ण की प्रमेय – किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण ज्ञात करने के संबंध में दो प्रमेय हैं। जो कि निम्न प्रकार से दर्शाई गई हैं।

समान्तर अक्षों की प्रमेय (Theorem of Parallel Axes in Hindi)

इस प्रमेय के अनुसार “किसी अक्ष के सापेक्ष एक वस्तु का जड़त्व आघूर्ण उसके द्रव्यमान केन्द्र से गुजरने वाले समान्तर अक्ष के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण और वस्तु के द्रव्यमान तथा दोनों अक्षों के बीच की दूरी के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है।” अर्थात्
I = Ic.m + Ma2

यहां, I = किसी अक्ष के सापेक्ष वस्तु का जड़त्व आघूर्ण
Ic.m = वस्तु के द्रव्यमान केंद्र से गुजरते हुए समांतर अक्ष के
सापेक्ष वस्तु का जड़त्व आघूर्ण
M = वस्तु का द्रव्यमान
a = दोनों अक्षों के बीच की दूरी

उपपत्ति (Proof)

समान्तर अक्षों की प्रमेय
समान्तर अक्षों की प्रमेय

माना कि MN एक अक्ष है। जिसके सापेक्ष हमें वस्तु का जड़त्व आघूर्ण ज्ञात करना है। तथा दूसरा अक्ष RS है। जो कि वस्तु के द्रव्यमान केंद्र O से गुजर रहा है। तथा अक्ष MN के समान्तर है। तथा इन दोनों अक्षों के बीच की दूरी a है। जैसा कि चित्र- 1 में दर्शाया गया है।
माना कि वस्तु छोटे-छोटे कणों से मिलकर बनी है। उनमें से एक कण P लिया जो कि RS अक्ष से x दूरी पर है। तथा P कण का द्रव्यमान m है। अब कण P का MN अक्ष के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण-
I = m(x + a)2 …..(1)

चूंकि MN अक्ष के सापेक्ष सम्पूर्ण वस्तु का जड़त्व आघूर्ण
I = Σm (x+a)2

I = Σm x2 + Σm a2 + 2Σm ax

यदि RS के सापेक्ष वस्तु का जड़त्व आघूर्ण Ic.m है।, तो
Ic.m = Σm x2
तथा
Σm a2 = Ma2

चूंकि Σm = M सम्पूर्ण वस्तु का द्रव्यमान है।

I = Ic.m + Ma2 + 2aΣmx …..(2)

परन्तु RS अक्ष के सापेक्ष वस्तु के समस्त कणों के आघूर्णों का योग Σmx है। अतः इसके सापेक्ष वस्तु के सभी कणों के आघूर्णों का योग शून्य के बराबर होगा।अर्थात् Σmx = 0, तो
\footnotesize \boxed{I = I_{c.m} + Ma^2}

“यही समान्तर अक्षों की प्रमेय कहलाती हैं।”

इसे भी पढ़ें… जड़त्व तथा जड़त्व आघूर्ण क्या है

समकोणिक अक्षों की प्रमेय (Theorem of Perpendicular Axes in Hindi)

लम्बवत् अक्ष की प्रमेय के अनुसार “दो परस्पर लम्बवत् अक्षों के परितः किसी पिण्ड के जड़त्व आघूर्णों का योग उनके प्रतिच्छेद बिन्दु से जाने वाली तथा दोनों अक्षों के लम्बवत् अक्ष के परितः पिण्ड के सापेक्ष जड़त्व आघूर्ण के योग के बराबर होती है।”
अर्थात्

समकोणिक अक्षों की प्रमेय
समकोणिक अक्षों की प्रमेय

माना कि OX तथा OY पटल के तल में दो समकोणिक अक्ष है। जिनके सापेक्ष पटल के जड़त्व आघूर्ण क्रमशः Ix तथा Iy हैं।अब OX तथा OY के लम्बवत् और उनके बिन्दु O से गुजरते हुए
अक्ष के सापेक्ष पटल का जड़त्व आघूर्ण-
Iz = Ix + Iy

उपपत्ति (Proof)

माना कि पटल के किसी कण P का द्रव्यमान m है। OX तथा OY अक्षों से P दूरियां क्रमशः y तथा x है। दूसरी और O से दूरी r है। तो,
Iz = Σm r2, Ix = Σm y2 तथा Iy = Σm x2

Ix + Iy = Σm y2 + Σm x2
Ix + Iy = Σm (x2 + y2)

Ix + Iy = Σm r2

(चूंकि x2 + y2 = r2) अतः

\footnotesize \boxed{I_x + I_y = I_z}

“यहीं समकोणिक अक्षों की प्रमेय कहलाती हैं।”

और पढ़ें..घूर्णन गति के समीकरण

Note – जड़त्व आघूर्ण की प्रमेय से संबंधित प्रश्न-
Q 1 जड़त्व आघूर्ण की समान्तर व समकोणिक अक्षों की प्रमेय बताओं। तथा इन्हें सिद्ध करो?
Q.2 लम्बवत् अक्ष की प्रमेय को सिद्ध कीजिए?
Q.3 जड़त्व आघूर्ण क्या है। तथा इसकी समान्तर व समकोणिक अक्षों की प्रमेय को सिद्ध कीजिए?

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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