समतल प्रगामी तरंगों का ऊर्जा घनत्व क्या है, तरंग की तीव्रता | Plane Progressive Waves in Hindi

समतल प्रगामी तरंगों का ऊर्जा घनत्व

माना किसी प्रगामी तरंग के माध्यम में गति करने पर माध्यम के कण कम्पन्न करने लगते हैं। अर्थात् तरंग द्वारा इन कणों को ऊर्जा दी जाती है। यह ऊर्जा तरंग द्वारा स्त्रोतों को मिलती है।
माना कि आयाम a की एक समतल प्रगामी सरल आवर्त तरंग v वेग से x-अक्ष की धनात्मक दिशा में चल रही है। इस तरंग के कारण क्षण t पर मूल बिंदु से x दूरी पर है, तथा माध्यम के कण का विस्थापन होगा

y = a sin \frac{2π}{λ} (vt – x) ….(1)

यहां v तथा λ तरंग का वेग तथा तरंगदैर्ध्य है, तथा इस क्षण मूल बिंदु से x दूरी पर माध्यम के कण का वेग

\frac{dy}{dt} = \frac{2πv}{λ} acos \frac{2π}{λ} (vt – x) ….(2)
तथा दोबारा अवकलन करने पर,

\frac{d^2y}{dt^2} = – \frac{4π^2v^2}{λ^2} asin \frac{2π}{λ} (vt – x)
या \frac{d^2y}{dt^2} = – [ \frac{2πv}{λ} ]2 y
या \frac{d^2y}{dt^2} = – \frac{4π^2v^2}{λ^2} y ……(3)

माना माध्यम का घनत्व ρ है। तब माध्यम के एकांक आयतन का द्रव्यमान = ρ

इसे भी पढ़े… समतल प्रगामी तरंगें क्या है? परिभाषा व सूत्र (Transverse Waves in Hindi)

तरंग की गतिज ऊर्जा

माना यदि माध्यम का घनत्व ρ है, तो प्रति एकांक आयतन माध्यम की गतिज ऊर्जा होगी,
K = \frac{1}{2} × (एकांक आयतन का द्रव्यमान) × (वेग)2

K = \frac{1}{2} ρ[ \frac{dy}{dt} ]2
या K = \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 cos2 \frac{2π}{λ} (vt – x) ….(4)

तरंग की स्थितिज ऊर्जा

यदि माध्यम के एकांक आयतन में लगने वाला बल, माध्यम के किसी सूक्ष्म विस्थापन dy में किया गया कार्य,
F = बल × dy (विस्थापन)
F = एकांक आयतन का द्रव्यमान (घनत्व) × त्वरण × dy

F = ρ × \frac{d^2y}{dt^2} × dy

F = ρ × \frac{4π^2v^2}{λ^2} y × dy

अर्थात् माध्यम के कणों के कारण y विस्थापन में किया गया कुल कार्य,
= \int^y_0 ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} y dy

= ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} \frac{y^2}{2}
समीकरण (1) से y का मान रखने पर,

= \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 sin2 \frac{2π}{λ} (vt – x) …(5)

यह कार्य माध्यम के एकांक आयतन में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होता है। अतः माध्यम के कणों की प्रति एकांक आयतन की स्थितिज ऊर्जा,

U = \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 sin2 \frac{2π}{λ} (vt – x) …(6)

और पढ़ें.. सरल आवर्ती दोलक की ऊर्जा

तरंग की सम्पूर्ण ऊर्जा

अतः इस प्रकार माध्यम के कणो कि गति की प्रति एकांक आयतन की कुल ऊर्जा,
E = K + U

E = \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 cos2 \frac{2π}{λ} (vt – x) + \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 sin2 \frac{2π}{λ} (vt – x)
या E = \frac{1}{2} .ρ . \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 …(7)
{चूंकि v = nλ या n = \frac{v}{λ} }

E = \frac{1}{2} ρ 4π2n2a2

\footnotesize \boxed{ E = 2π^2n^2a^2ρ } …(8)

अतः समीकरण (7) व (8) से स्पष्ट है कि माध्यम के प्रति एकांक आयतन की ऊर्जा को “ऊर्जा घनत्व” कहते हैं। यद्यपि गतिज ऊर्जा व स्थितिज ऊर्जा का मान t व x पर निर्भर करता है। परंतु तरंग की कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है।

और पढ़ें.. डोरी की अभिलाक्षणिक प्रतिबाधा क्या है? (Characteristic Impedence of String in Hindi)

तरंग की तीव्रता या ऊर्जा फ्लेक्स

तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत् प्रति एकांक परिच्छेद क्षेत्रफल से प्रति सेकण्ड ऊर्जा के प्रवाह को तरंग की तीव्रता अथवा ऊर्जा फ्लक्स अथवा ऊर्जा धारा कहते हैं।
क्योंकि तरंग का वेग v है, अर्थात् प्रति सेकण्ड संचरण की दिशा में तरंग v दूरी तय करती है। अतः माध्यम के प्रति एकांक परिच्छेद क्षेत्रफल से ऊर्जा के संचरण की दर,

\footnotesize \boxed{ I = 2π^2n^2a^2ρv }

अतः यही ‘तरंग की तीव्रता’ अथवा ‘उर्जा फ्लक्स’ या ‘ऊर्जा धारा’ के लिए व्यंजक है। तथा यह ऊर्जा घनत्व व तरंग वेग के गुणनफल के बराबर होता है।

Note – समतल प्रगामी तरंगों के प्रति एकांक आयतन की औसत गतिज व स्थितिज ऊर्जा के मान ज्ञात करो?

समतल तरंगों के आयतन की औसत गतिज व स्थितिज ऊर्जा

औसत गतिज ऊर्जा – यदि समीकरण (4) का λ के बीच अवकलन करके λ से भाग देने पर प्रति एकांक आयतन की औसत गतिज ऊर्जा प्राप्त होती है। अर्थात्

Kae = \frac{1}{λ} \int^λ_0 \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 cos2 \frac{2π}{λ} (vt – x) dx

Kae = \frac{2π^2n^2a^2ρ}{λ} \int^λ_0 \frac{1}{2} [1 + cos \frac{4π}{λ} (vt – x)] dx

Kae = \frac{2π^2n^2a^2ρ}{2λ} (λ + 0)

{चूंकि \int^λ_0 cos \frac{4π}{λ} (vt – x) dx = 0} इसलिए,

\footnotesize \boxed{ K_{ae} = π^2n^2a^2ρ }

औसत स्थितिज ऊर्जा – अतः इसी प्रकार औसत स्थितिज ऊर्जा को ज्ञात कर सकते हैं।

Uae = \frac{1}{λ} \int^λ_0 \frac{1}{2} ρ \frac{4π^2v^2}{λ^2} a2 sin2 \frac{2π}{λ} (vt – x) dx

Uae = \frac{2π^2n^2a^2ρ}{λ} \int^λ_0 \frac{1}{2} [1 – cos \frac{4π}{λ} (vt – x)] dx

Uae = \frac{2π^2n^2a^2ρ}{2λ} (λ + 0)

\footnotesize \boxed{ U_{ae} = π^2n^2a^2 ρ }

कुल औसत ऊर्जा – Eae = Kae + Uae

Eae = π2n2a2ρ + π2n2a2ρ

\footnotesize \boxed{ E_{ae} = 2π^2n^2a^2ρ }

अतः स्पष्ट है कि सरल आवर्त गति में समतल प्रगामी तरंग में कुल ऊर्जा का आधा भाग गतिज ऊर्जा व आधा भाग स्थितिज ऊर्जा के रूप में होता है।

Note – समतल प्रगामी तरंगों से सम्बन्धित प्रश्न –
Q. 1 समतल तरंगों के ऊर्जा घनत्व तथा ऊर्जा धारा अथवा तीव्रता के लिए व्यंजक ज्ञात करो?
Q. 2 सिद्ध कीजिए कि समतल प्रगामी तरंग में कुल ऊर्जा का आधा भाग गतिज ऊर्जा तथा आधा भाग स्थितिज ऊर्जा होता है?
Q. 3 एक प्रगामी तरंग के ऊर्जा घनत्व तथा तरंग की तीव्रता के लिए संबंध व्युत्पन्न कीजिए?

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