सरल नेटवर्क क्या है, वोल्टेज का धारा स्त्रोत में तथा धारा का वोल्टेज स्त्रोत में परिवर्तन

सरल नेटवर्क तथा समतुल्य परिपथ

एक अकेले बन्द विद्युत् परिपथ को “सरल नेटवर्क (simple network in Hindi)” कहते हैं। ऐसे परिपथ में बहने वाली धारा उनके सिरों पर विभवांतर की गणना ओम के नियम तथा किरचाॅफ के नियम से की जा सकती है। लेकिन एक से अधिक परिपथों से मिलकर बने जटिल परिपथों कि किसी प्रतिबाधा में धारा अथवा विभवान्तर ज्ञात करने के लिए किरचॉफ का नियम व ओम का नियम लगाना काफी जटिल हो जाता है।
अर्थात् ऐसे परिपथों में गणना को आसान करने के लिए विभिन्न नेटवर्क प्रमेयों का उपयोग किया जाता है।

सरल नेटवर्क व समतुल्य परिपथ के लिए व्यंजक

माना श्रेणी क्रम संयोजन में परिणामी प्रतिबाधा,
Zeq = Z1 + Z2 + Z3 +….
तथा समान्तर क्रम में परिणामी प्रतिबाधा,
\frac{1}{Z_{eq}} = \frac{1}{Z_1} + \frac{1}{Z_2} +.. …(1)
अतः नेटवर्क विश्लेषण में कभी-कभी विभव विभाजक तथा धारा की भी आवश्यकता होती है। जैसा कि चित्र-1(a) में दिखाया गया है।

सरल नेटवर्क

अतः चित्र में V को Z1 व Z2 में विभाजित किया गया है। अतः
V1 = \frac{V}{Z_1 + Z_2} .Z1 = \frac{V}{Z_{eq}} .Z1 …(2)
तथा
V2 = \frac{V}{Z_1 + Z_2} .Z2 = \frac{V}{Z_{eq}} .Z2 …(3)
अर्थात् जैसा कि चित्र-1(b) में I को Z1 व Z2 में विभाजित किया गया है अतः
I1 = \frac{IZ_2}{Z_1 + Z_2} = \frac{IZ_2}{Z_{eq}} …(4)
I2 = \frac{IZ_1}{Z_1 + Z_2} = \frac{IZ_1}{Z_{eq}} …(5)

वोल्टेज स्त्रोत का धारा स्त्रोत में अथवा धारा स्त्रोत का वोल्टेज स्त्रोत में परिवर्तन

एक वोल्टेज स्त्रोत को एक आदर्श वोल्टेज स्त्रोत VS के साथ आन्तरिक प्रतिबाधा ZS को श्रेणी क्रम में तथा एक धारा स्त्रोत को एक आदर्श धारा स्त्रोत IS के साथ आन्तरिक प्रतिबाधा ZS को समानान्तर क्रम में जोड़कर निरूपित किया जाता है। जैसा कि चित्र-2 में दिखाया गया है।

वोल्टेज का धारा में व धारा का वोल्टेज में परिवर्तन
वोल्टेज का धारा स्त्रोत में तथा धारा का वोल्टेज स्त्रोत में परिवर्तन

माना चित्र-2(b) में लोड धारा,
IL = \frac{V_S}{Z_L + Z_S}
तथा चित्र-2(c) में लोड धारा,
iL = \frac{I_SZ'_S}{Z'_S + Z_L}
चूंकि IL = iL अतः VS = ISZ’S …(1)
जबकि ZS = Z’S
अर्थात् इस प्रकार समीकरण (1) की सहायता से वोल्टेज स्त्रोत को धारा स्त्रोत में या धारा स्त्रोत को वोल्टेज स्रोत में प्रतिस्थापित कर सकते हैं।

और पढ़ें.. आदर्श वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत क्या हैं, इन्हें सिद्ध करो

Note – समतुल्य व लघुपथित वैधुत परिपथ का क्या अर्थ है?

समतुल्य व लघुपथित वैधुत परिपथ

सभी ऊर्जा स्त्रोतों को उनकी आन्तरिक प्रतिबाधाओं से प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त परिपथ समतुल्य वैधुत परिपथ कहलाता है। और जिन परिपथों में आन्तरिक स्त्रोतों को शून्य मान लिया जाता है, वह लघुपथित वैधुत परिपथ कहलाते हैं।

Note – सम्बन्धित प्रशन –
Q.1 वोल्टेज स्त्रोत का धारा स्त्रोत में परिवर्तन अथवा धारा स्त्रोत को वोल्टेज स्रोत में किस प्रकार परिवर्तित किया जाता है? एक जटिल विद्युत नेटवर्क को समतुल्य परिपथ में किस प्रकार सरल किया जाता है?
Q.2 नेटवर्क का सरलीकरण किस प्रकार कर सकते हैं? अथवा वोल्टेज का धारा स्त्रोत में तथा धारा स्त्रोत का वोल्टेज स्त्रोत में परिवर्तन किस प्रकार किया जा सकता है? सिद्ध करो तथा चित्र को भी समझाइए।

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