ताप का परम मापक्रम क्या है, परम शून्य ताप | absolute scale of temperature in Hindi

ताप का परम कार्य स्केल

कार्नो इंजन की दक्षता केवल स्त्रोत एवं सिंक के ताप पर निर्भर करती है तथा यह कार्यकारी पदार्थ के गुणों पर निर्भर नहीं करती है। अतः कार्नो इंजन के कार्य करने के गुण को ताप मापन का एक ऐसा स्केल ज्ञात करने में कर सकते हैं, जो कार्यकारी पदार्थ के गुणों पर निर्भर नहीं करता। अर्थात् इसे “ऊष्मागतिकी, परम अथवा कार्य का ताप स्केल (thermodynamic, absolute or work scale of temperature)” कहा जाता है।

ऊष्मागतिकी ताप का परम मापक्रम

माना एक उत्क्रमणीय ऊष्मा इंजन स्त्रोत से θ1 ताप पर Q1 ऊष्मा लेता है तथा θ2 ताप पर सिंक को Q2 ऊष्मा देता है। यहां θ1 तथा θ2 किसी ऐच्छिक स्केल के ताप हैं। अतः
η = 1 – \frac{Q_1}{Q_2} = f(θ1, θ2)
या η = 1 – \frac{T_2 = θ_2}{T_1 = θ_1}
इसलिए
\frac{Q_2}{Q_1} = 1 – f(θ1, θ2)
अथवा
\frac{Q_1}{Q_2} = \frac{1}{1 - f(θ_1, θ_2)} = F(θ1, θ2) ….(1)

यहां F(θ1, θ2) ताप θ1 व θ2 का एक अन्य फलन है। इसी प्रकार θ2 एवं θ3 ताप के बीच θ2 > θ3 कार्य करने वाले कार्नो इंजन के लिए जो स्त्रोत से Q2 ऊष्मा लेता है तथा सिंक को Q3 ऊष्मा देता है।
\frac{Q_2}{Q_3} = F(θ2, θ3) ….(2)
तथा θ1 व θ3 के बीच कार्य करने वाले इंजन के बीच θ1 > θ3
\frac{Q_1}{Q_3} = F(θ1, θ3) ….(3)
चूंकि \frac{Q_1}{Q_3} = \frac{Q_1}{Q_2} × \frac{Q_2}{Q_3} ….(4)
इसलिए समीकरण (1), (2), (3) व (4) से,
F(θ1, θ3) = F(θ1, θ2) × F(θ2, θ3) ….(5)

चूंकि समीकरण (5) में बायीं और θ2 नहीं है अतः दायीं और का समीकरण (1), (2) का प्रारूप होना चाहिए।
F(θ1, θ2) = \frac{φ(θ_1)}{φ(θ_2)} , और F(θ2, θ3) = \frac{φ(θ_2)}{φ(θ_3)}
अतः इस प्रकार समीकरण (5) से,
F(θ1, θ3) = \frac{φ(θ_1)}{φ(θ_2)} × \frac{φ(θ_2)}{φ(θ_3)}
या F(θ1, θ3) = \frac{φ(θ_1)}{φ(θ_3)} ….(6)

चूंकि Q1 > Q2 इसलिए, φ(θ1) > φ(θ3)
अतः θ1 > θ3, φ(θ) ताप θ के अनुक्रमानुपाती होगा।
माना φ(θ) = ι (परम स्केल ताप पर)
इसलिए
\frac{Q_1}{Q_2} = \frac{ι_1}{ι_2} ….(7)
अतः परम ताप स्केल पर दो तापों का अनुपात इन दोनों तापों के बीच कार्य करने वाले कार्नो इंजन द्वारा लिये जाते हैं। तथा दिए गए तापों के अनुपात के बराबर होता है।
अतः समीकरण (7) से,
\frac{W}{Q_1} = \frac{Q_1 - Q_2}{Q_1}
या \frac{W}{Q_1} = \frac{ι_1 - ι_2}{ι_1} ….(8)
चूंकि कार्नो इंजन के द्वारा किया गया कार्य W = Q1 – Q2
अर्थात् इस प्रकार ताप स्केल पर नापें गये तापों पर निर्भर करता है, अतः यह स्केल “ताप का कार्य स्केल” भी कहलाता है।

इसे भी पढे़…ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम

ताप के परम मापक्रम का शून्य

माना किसी उत्क्रमणीय इंजन की दक्षता
η = 1 – \frac{Q_2}{Q_1} = 1 – \frac{ι_2}{ι_1} ….(9)

यदि जब T2 = 0 तब Q2 = 0 तथा η = 1
अर्थात् ताप के परम मापक्रम का शून्य सिंक का वह ताप होता है। जिस पर उत्क्रमणीय इंजन की दक्षता एक शत-प्रतिशत होती है। इसे “परम शून्य ताप” कहते हैं। अतः गैस के मापक्रम पर परम शून्य ताप की परिभाषा करना संभव नहीं है, क्योंकि सभी गैसें इस ताप पर पहुंचने से पहले ठोस हो जाती है। तथा तापमापी कार्य करना बन्द कर देती हैं। अतः स्पष्ट है कि परम शून्य ताप पर
Q2 = 0 तथा W = Q1
अतः परम तापक्रम शून्य सिंक का वह ताप है जिस पर इंजन द्वारा ली गई संपूर्ण ऊष्मा को कार्य में बदल दिया जाता है। तथा सिंक से कुछ भी ऊष्मा निष्कासित नहीं होती है। अर्थात्
“ताप के परम मापक्रम पर परम शून्य ही न्यूनतम सम्भव ताप है, इस मापक्रम पर ताप का ऋणात्मक मान सम्भव नहीं है।”
अर्थात् दूसरी सत्यता की जांच करने के लिए माना कि ι2 का कोई ऋणायन मान (- x) संभव है। अर्थात् ι2 = – x तब समीकरण (9) से उत्क्रमणीय इंजन की दक्षता,
η = \frac{W}{Q_1} = 1 – \frac{(- x)}{ι_1} = 1 + \frac{x}{ι_1}
अतः स्पष्ट है कि η > 1 या W = Q1
अर्थात् इसका मतलब है कि इंजन जितनी ऊष्मा स्त्रोत से लेता है। उससे अधिक ऊष्मा को कार्य में बदल देता है, जो स्वयं ही गलत है। अर्थात् η > 1 या W = Q1 असम्भव है।
अतः परम मापक्रम पर ताप का ऋणात्मक मान सम्भव नहीं है।

Note – ताप के परम मापक्रम से सम्बन्धित प्रशन परिक्षाओं में पूछें जाते हैं।
Q. 1 ताप के परम मापक्रम से आप क्या समझते हैं ? इसके सिद्धांत को विस्तार से समझाइए ?
Q. 2 ताप के परम मापक्रम पर परम शून्य को समझाइए । तथा इसे सिद्ध कीजिए ?
Q. 3 ऊष्मागतिकी के आधार पर परम तापक्रम तथा कार्य का ताप स्केल से क्या अभिप्राय है ? इन्हें सिद्ध कीजिए ?
Q. 4 परम शून्य ताप से आप क्या समझते हैं ? तथा यह ताप के परम मापक्रम से किस प्रकार भिन्न होते है ? सिद्ध कीजिए ?

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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