नत समतल पर लुढ़कती वस्तु का त्वरण | Acceleration of a Body Rolling Down in Hindi

नत समतल पर लुढ़कती वस्तु का त्वरण

जब कोई वस्तु किसी झुके हुए तल पर बिना फिसले लुढ़कती हैं। तो वह अपने गुरुत्व केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः घूमती है। तथा उसका गुरुत्व केंद्र भी आगे बढ़ता है। तथा वस्तु में घूर्णी गति तथा स्थानान्तरीय गति दोनों होती हैं। यदि वस्तु नीचे आती है। उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती है। यदि घर्षण के कारण ऊर्जा का ह्रास नहीं हो रहा है। तो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में होने वाली हानि उसको प्राप्त होने वाली गतिज ऊर्जाओं के योग के बराबर होगी।

नत समतल
नत समतल

माना एक गोल परिच्छेद वाली एक वस्तु ऐसे तल पर लुढ़कती दिखाई गई है। जो क्षैतिज से θ कोण पर झुकी है। वस्तु का द्रव्यमान M है। तथा गोल परिच्छेद की त्रिज्या R है। तथा तल पर s दूरी तय कर लेने पर उसमें उत्पन्न रेखीय वेग V है। तथा कोणीय वेग ω है। तब-
स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा = \frac{1}{2} MV2
तथा

वस्तु की घूर्णी गतिज ऊर्जा = \frac{1}{2} 2

जहां I वस्तु का घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है। इसलिए,

वस्तु द्वारा प्राप्त कुल गतिज ऊर्जा = \frac{1}{2} MV2 + \frac{1}{2} 2

यदि वस्तु की घूर्णन त्रिज्या k हो, तो I = Mk2 तथा ω = \frac{V}{R} हो, तो

वस्तु द्वारा प्राप्त कुल गतिज ऊर्जा = \frac{1}{2} MV2 + \frac{1}{2} Mk2 \frac{V^2}{R^2}

= \frac{1}{2} MV2 [1 + \frac{k^2}{R^2} ]

यदि तल पर s दूरी तय करने में वस्तु ऊर्ध्वाधर दूरी Ssinθ तय करती है। तथा गुरुत्व केंद्र O को पृथ्वी से ऊंचाई Ssinθ कम हो, तो

वस्तु द्वारा कम स्थितिज ऊर्जा = M.g.s sinθ

ऊर्जा संरक्षण के नियमों से, वस्तु द्वारा खोई स्थितिज ऊर्जा वस्तु द्वारा प्राप्त कुल गतिज ऊर्जा के बराबर होगी। अतः
M.g.s sinθ = \frac{1}{2} MV2(1 + \frac{k^2}{R^2} )

V2 = 2s \frac{gsinθ}{1 + \frac{k^2}{R^2}}

यान्त्रिकी के नियम से V2 = 2a.s, यहां 'a' लुढ़कने वाली वस्तु का त्वरण है। इसलिए-

2as = 2s \frac{gsinθ}{1 + \frac{k^2}{r^2}}

या \footnotesize \boxed{ a = \frac{gsinθ}{1 + \frac{k^2}{r^2}}} ....(1)

"यही एक नत समतल पर लुढ़कती वस्तु के त्वरण के लिए व्यापक समीकरण कहलाता है।" तो इस समीकरण से स्पष्ट है कि "नत समतल पर लुढ़कती वस्तु का त्वरण उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता हैं।"

इसे भी पढ़ें... जड़त्व तथा जड़त्व आघूर्ण क्या है

खोखले गोले की पहचान करना

माना एक नत समतल पर लुढ़कती वस्तु के त्वरण के लिए व्यापक समीकरण निम्न प्रकार है।
a = 2s \frac{gsinθ}{1 + \frac{k^2}{r^2}} ....(1)

A. खोखले गोले के लिए

जड़त्व आघूर्ण - I = Mk2 = \frac{2}{3} MR2
या \frac{k^2}{R^2} = \frac{2}{3}

समीकरण 1 में रखने पर,

a = \frac{gsinθ}{1 + \frac{2}{3}}
a = \frac{3}{5} gsinθ

उत्पन्न त्वरण का मान a = \frac{3}{5} gsinθ .....(2)

पढ़ें... ठोस गोले का जड़त्व आघूर्ण

B. वृत्ताकार घेरे के लिए

I = Mk2 = MR2
या \frac{k^2}{R^2} = I

यह मान समीकरण 1 में रखने पर,

a' = \frac{gsinθ}{1 + 1}
a' = \frac{1}{2} gsinθ

उत्पन्न त्वरण का मान a' = \frac{1}{2} gsinθ .....(3)

C. बेलन के लिए

I = \frac{1}{2} MR2

समीकरण 1 में रखने पर,

a" = \frac{gsinθ}{1 + \frac{1}{2}}
a" = \frac{2}{3} gsinθ

उत्पन्न त्वरण का मान a" = \frac{2}{3} gsinθ ....(4)

D. डिस्क के लिए

I = \frac{1}{2} MR2

समीकरण 1 में रखने पर,

a"' = \frac{gsinθ}{1 + \frac{1}{2}}
a"' = \frac{2}{3} gsinθ

उत्पन्न त्वरण का मान a = \frac{2}{3} gsinθ ....(5)

अतः इन समीकरणों से ज्ञात होता है। कि खोखले गोले तथा वृत्ताकार घेरे के लिए नत समतल पर त्वरण को व्यक्त करते हैं। स्पष्ट है। कि,

\footnotesize \boxed{a > a'}

अतः "यदि खोखले गोले तथा वृताकार घेरे को एक साथ किसी नत समतल पर एक बिंदु से छोड़े तो सबसे पहले खोखला गोला नीचे आएगा उसके बाद वृत्ताकार घेरा नीचे आएगा।"

इसे भी पढ़ें..खोखले बेलन का जड़त्व आघूर्ण

Note - नत समतल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं?
Q.1 सिद्ध कीजिए कि किसी नत समतल पर लुढ़कती हुई वस्तु का त्वरण उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है?
Q 2 नत समतल पर बिना खिसके हुए लुढ़कते हुए पिण्ड के त्वरण के लिए व्यंजक स्थापित कीजिए?
Q.3 समान द्रव्यमान तथा समान बाहरी व्यास के ठोस तथा खोखले गोले की पहचान कैसे करोगे? तथा इनके त्वरण का व्यंजक प्राप्त कीजिए तथा सिद्ध कीजिए कि कौन सा पहला नीचे पहुंचेगा?

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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