प्रवर्धक का तुल्य परिपथ खींचकर व्यंजक ज्ञात कीजिए | Amplifier Equivalent Circuit in Hindi

प्रशन 1. प्रवर्धक का तुल्य परिपथ खींचकर वोल्टता लाभ, धारा लाभ, शक्ति लाभ के लिए व्यंजक ज्ञात कीजिए?

प्रवर्धक का तुल्य परिपथ (Amplifier Equivalent Circuit in Hindi)

विश्लेषण की दृष्टि से किसी भी प्रवर्धक के स्थान पर एक तुल्य परिपथ लिया जा सकता है। जैसा कि चित्र-1 (a) में प्रवर्धक परिपथ और चित्र-1 (b) में इसका तुल्य परिपथ दिखाया गया है।

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प्रवर्धक का तुल्य परिपथ
प्रवर्धक का तुल्य परिपथ

सिग्नल स्त्रोत के साथ तुल्य परिपथ (Equivalent Circuit with Signal Source in Hindi)

यदि Es वोल्टता और Rs प्रतिरोध सिग्नल स्त्रोत लें, तो तुल्य परिपथ चित्र-2 के अनुसार होगा।

सिग्नल स्त्रोत के साथ तुल्य परिपथ
सिग्नल स्त्रोत के साथ तुल्य परिपथ

चूंकि I1 = \frac{E_s}{R_s + R_{in}}
अतः V1 = I1Rin = \frac{E_sR_{in}}{R_s + R_{in}}

अब I2 = \frac{A_0V_L}{R_{out} + R_L}
या I2 = \frac{A_0I_1R_{in}}{R_{out} + R_L}
इसलिए V2 = I2RL = \frac{A_0V_1R_L}{R_{out} + R_L} , इस प्रकार

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वोल्टता लाभ – Av = \frac{V_2}{V_1} = \frac{A_0R_L}{R_{out} + R_L}

धारा लाभ – Ai = \frac{I_2}{I_1} = \frac{A_0R_{in}}{R_{out} + R_L}

शक्ति लाभ – Ap = \frac{I^2_2R_L}{I^2_1R_{in}}
या Ap = \frac{(I_2R_L)I_2}{(I_1R_{in})I_1}
या Ap = \frac{V_2I_2}{V_1I_1}
अथवा Ap = \frac{V_2}{V_1} × \frac{I_2}{I_1}
अर्थात् शक्ति लाभ – \footnotesize \boxed{ A_p = A_v + A_i }

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