क्लाॅसियस प्रमेय क्या है, परिभाषा व सूत्र स्थापित कीजिए | Clausius Theorem in Hindi

क्लाॅसियस प्रमेय

क्लाॅसियस के अनुसार, जब भी किसी ऊष्मागतिकी निकाय में परिवर्तन होता है, तो उसकी एण्ट्राॅपी या तो नियत रहती है अथवा बढ़ती है। अर्थात् एक पूर्ण उत्क्रमणीय चक्र के लिए राशि \frac{dQ}{T} का समाकलन शून्य होता है, अतः
\footnotesize \boxed{ \oint \frac{dQ}{T} = 0 }
यहां \oint एक चक्र के लिए समाकलन को व्यक्त करता है।

क्लाॅसियस प्रमेय की उपपत्ति

माना किसी निकाय को उत्क्रमणीय प्रक्रम द्वारा अवस्था i से अवस्था f तक ले जाया जाता है। जैसा की चित्र-1 में दिखाया गया है।

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क्लाॅसियस प्रमेय
क्लाॅसियस प्रमेय
चित्र-1

अतः क्षेत्रफल im’n’f प्रक्रम में निकाय द्वारा किए गए कार्य को व्यक्त करता है। तब यदि i तथा f बिंदुओं पर क्रमशः दो रुद्धोष्म वक्र M1M’1 तथा M2M’2 खींचते हैं। इन दोनों रुद्धोष्म वक्रों के बीच एक समतापी वक्र mn इस प्रकार खींचते हैं कि टेढ़े-मेढ़े पथ im’n’f द्वारा आयतन अक्ष से घिरा क्षेत्रफल ठीक im’n’f क्षेत्रफल के बराबर है। इस प्रकार,
पथ if के लिए निकाय द्वारा किया गया कार्य = पथ imnf के लिए किया गया कार्य
अर्थात् dWif = dWimnf ….(1)
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से,
पथ if के लिए, dQif = dUif + dWif
तथा पथ imnf के लिए, dQimnf = dUimnf + dWimnf …(2)
परन्तु dUif = dUimnf …(3)
क्योंकि पथ if तथा imnf के लिए प्रारंभिक व अन्तिम अवस्थाएं समान है।
अतः समीकरण (1), (2) व (3) से,
dQif = dQinf
अथवा dQif = dQin + dQmn + dQnf
लेकिन dQim = dQnf = 0 (क्योंकि ये रुद्धोष्म पथ है।)
अतः
dQif = dQmn …(4)
इस प्रक्रम if को विभिन्न प्रक्रमों जैसे im रुद्धोष्म, mn समतापी तथा nf रुद्धोष्म के तुल्य माना जा सकता है। अतः प्रक्रम if में अवशोषित या निष्कासित ऊष्मा ठीक उतनी ही है। जितनी की समतापी प्रक्रम mn में है।

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क्लाॅसियस प्रमेय उत्क्रमणीय चक्र में

अब यदि हम एक उत्क्रमणीय चक्र M→N→M लेते हैं। जैसा कि चित्र-2 में दिखाया गया है।

क्लाॅसियस प्रमेय
क्लाॅसियस प्रमेय
चित्र-2

अतः इस चक्र को अनेक रुद्धोष्म वक्रों M1, M2, M3,… द्वारा अनेक छोटी-छोटी पट्टियों में बांटा जा सकता है। रुद्धोष्म वक्रों M1 व M2 के बीच घिरे वक्र के दो भागों को दो समतापी वक्रों mn तथा po द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है। ऐसा करने पर निष्कोण वक्र के लिए ऊष्मा का स्थानान्तरण ठीक उतना ही होगा। जितना कि समतापी वक्रों mn तथा po के लिए होता है।
इसी प्रकार एक कार्नो चक्र mnopm प्राप्त होता है। इसी प्रकार संपूर्ण चक्र M→N→M को अनेक उत्क्रमणीय कार्नो चक्रों mnopm, rstur आदि में विभाजित किया जा सकता है।
प्रथम कार्नो चक्र mnopm में माना कि समतापी प्रसारण mn में ताप T1 पर Q1 ऊष्मा अवशोषित होती है। तथा समतापी संपीडन op में ताप T2 पर Q2 ऊष्मा निष्कासित होती है। तब
\frac{Q_1}{T_1} = \frac{Q_2}{T_2} …(5)
ऊष्मा की चिन्ह परिपाटी के अनुसार, निकाय द्वारा अवशोषित ऊष्मा Q1 धनात्मक तथा निकाय द्वारा निष्कासित ऊष्मा Q2 ऋणात्मक होगी। अतः
\frac{Q_1}{T_1} = – \frac{Q_2}{T_2}
अथवा
\frac{Q_1}{T_1} + \frac{Q_2}{T_2} = 0 ….(6)
इसी प्रकार अगले उत्क्रमणीय चक्र rstur के लिए,
\frac{Q_3}{T_3} = \frac{Q_4}{T_4}
या \frac{Q_3}{T_3} + \frac{Q_4}{T_4} = 0 …(7)
यहां Q3 ताप T3 पर समतापी वक्र rs के लिए अवशोषित ऊष्मा है। तथा Q4 ताप T4 पर समतापी वक्र tu के लिए निष्कासित ऊष्मा है।
अतः इस प्रकार अनेक कार्नो चक्रों के लिए भी इसी प्रकार की समीकरणें प्राप्त होंगी। अर्थात् सभी समीकरणों को जोड़ने पर,
\frac{Q_1}{T_1} + \frac{Q_2}{T_2} + \frac{Q_3}{T_3} + \frac{Q_4}{T_4} + …… = 0
अथवा
Σ \frac{Q}{T} = 0 ….(8)
यहां Σ संपूर्ण चक्र के लिए राशि Q/T के योग को प्रदर्शित करता है।
अनेक रुद्धोष्म वक्रों को एक-दूसरे के अत्यन्त समीप खींचकर तथा उनके संगत समतापी वक्रों को खींचकर अनेक सूक्ष्म कार्नो चक्र प्राप्त किए जा सकते हैं। तब कार्यकारी पदार्थ टेढ़े-मेढ़े पथ mnrs,…. tuopm का अनुसरण करता है, जोकि निष्कोण वक्र M→N→M के समतापी होता है। यदि प्रत्येक सूक्ष्म चक्र में स्थानांतरित ऊष्मा की सूक्ष्म मात्रा dQ हो, तो संपूर्ण चक्र M→N→M के लिए,
\footnotesize \boxed{ \oint \frac{dQ}{T} = 0 } ….(9)
यही “क्लाॅसियस प्रमेय” का व्यंजक कहलाता है।
अतः राशि को ‘एण्ट्रॉपी में परिवर्तन’ कहते हैं। तथा इसे के द्वारा निरूपित करते हैं। अतः किसी भी उत्क्रमणीय चक्र के लिए
\oint dS = 0 ….(10)
अर्थात् किसी भी उत्क्रमणीय चक्र में एण्ट्रॉपी में परिवर्तन शून्य होता है।

Note – क्लाॅसियस प्रमेय से सम्बन्धित प्रशन पूछें जाते हैं।
Q. 1 क्लाॅसियस प्रमेय \oint \frac{dQ}{T} = 0 को विस्थापित कीजिए ?
Q. 2 सिद्ध कीजिए कि एक उत्क्रमणीय चक्र में \oint \frac{dQ}{T} = 0 होता है ?
Q. 3 एण्ट्रॉपी के लिए क्लाॅसियस की प्रमेय लिखिए तथा सिद्ध कीजिए ?

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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