अवमन्दित सरल आवर्ती दोलक क्या है, परिभाषा, सूत्र | Damped Simple Harmonic Oscillator in Hindi

अवमन्दित सरल आवर्ती दोलक क्या है

यदि जब कोई वस्तु दोलन करती है। तो कण उसकी गति को रोकता है तथा जिसमें दोलन का आयाम निरंतर कम होता है। तथा वस्तु कम्पन करना बंद कर देती है। इस प्रकार के आवर्ती दोलक को “अवमन्दित सरल आवर्ती दोलक” कहते हैं।

औसत संपूर्ण ऊर्जा और शक्ति ह्रास का व्यंजक

जब कोई वस्तु किसी माध्यम में दोलन करती है। तो माध्यम की श्यानता के कारण वस्तु पर उसकी गति के विपरीत दिशा में अवरोधी बल जिन्हें अवमन्दन बल कहते हैं। कार्य करते हैं, जिसके फलस्वरूप गति करते हुए कण की यांत्रिक ऊर्जा का ह्रास होता है। जिससे वस्तु का दोलन आयाम कम होता जाता है। तथा इसे ‘शक्ति ह्रास’ कहते हैं। अर्थात् ऊर्जा के क्षय होने की दर ज्ञात की जा सकती हैं।

और पढ़ें… अवमन्दित आवर्ती दोलक क्या है

अवमन्दित सरल आवर्त गति में किसी क्षण t पर कण का विस्थापन निम्न समीकरण में लिख सकते है।
x = a0 cos e-kt sin(ωt + φ) …(1)
इसलिए, कण का वेग –
\frac{dx}{dx} = a0 e-kt [(-k) sin(ωt + φ) + ω cos(ωt + φ)]

इसलिए दोलन की गतिज ऊर्जा
K = \frac{1}{2} ma20 e-2kt [h2 sin(ωt + φ) + ω2 cos2(ωt + φ) – 2kω sin(ωt + φ)cos(ωt + φ)] ….(2)

तथा दोलन की स्थितिज ऊर्जा
U = \int^x_0 20 dx
U = \frac{mω^2_0 x^2}{2}

U = \frac{1}{2} ma20 e-2kt20 sin2(ωt + φ)] ….(3)

अर्थात् इस आवर्तकाल के लिए औसत संपूर्ण ऊर्जा औसत गतिज ऊर्जा व औसत स्थितिज ऊर्जाओं का योग होता है यदि एक आवर्तकाल में दोलन का आयाम अधिक परिवर्तित नहीं होता है। तो राशि इसको एक चक्र के लिए स्थिर मान सकते हैं।

क्योंकि एक आवर्तकाल के लिए sin2(ωt + φ) और cos2(ωt + φ) के औसत मान \frac{1}{2} के बराबर है। और 2 sin(ωt + φ)cos(ωt + φ) का औसत शून्य होता है। अतः

औसत गतिज ऊर्जा

Kn = \frac{1}{2} ma20 e-2kt [ k2 \frac{1}{2} + ω2 \frac{1}{2} ]

Kn = \frac{1}{4} m(a20ω2 e-2kt)

{चूंकि अवमन्दन कम है, अतः k2 < < ω2 } तथा

औसत स्थितिज ऊर्जा

अतः Um = \frac{1}{4} ma20ω2 e-2kt

औसत संपूर्ण ऊर्जा

अतः E = \frac{1}{2} ma20ω2 e-2kt

औसत शक्ति ह्रास

P = – \frac{dE}{dt}
P = \frac{d}{dt} ( \frac{1}{2} ma20ω2 e-2kt )

P = kma20ω2 e-2kt

\footnotesize \boxed{P = 2 KE} …(4)

अतः औसत संपूर्ण ऊर्जा में हुई हानि प्रायः दोलन में इष्यातंत्र के रूप में उत्पन्न होती है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न –
Q. 1 किसी अवमन्दित सरल आवर्ती दोलक के लिए औसत संपूर्ण ऊर्जा और शक्ति ह्रास के लिए व्यंजक स्थापित कीजिए?
Q. 2 अवमन्दित सरल आवर्ती दोलक क्या है? इसकी औसत गतिज ऊर्जा, औसत स्थितिज ऊर्जा व औसत सम्पूर्ण ऊर्जा को सिद्ध कीजिए? तथा शक्ति ह्रास को समझाइए?

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *