संधारित्र के आवेशन व निरावेशन के समय ऊर्जा का व्यंजक ज्ञात करों | Energy in Charging and Discharging in Hindi

आवेशन व निरावेशन में ऊर्जा

जब संधारित्र को प्रतिरोध युक्त परिपथ में बैटरी से जोड़कर आवेशित किया जाता है तो संधारित्र पर आवेश बढ़ने के साथ-साथ उसकी प्लेटों के बीच विभवान्तर भी बढ़ता जाता है। यह विभवान्तर बाह्य आरोपित विद्युत वाहक बल के विपरीत कार्य करता है। अतः किसी प्रतिरोध से होकर संधारित्र के आवेशन में बैटरी द्वारा कुछ कार्य किया जाता है जोकि संधारित्र में विद्युत स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है तथा प्रतिरोध में धारा बहने से कुछ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है। अतः बैटरी द्वारा दी गई ऊर्जा की कुल दर प्रतिरोध में उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा तथा संधारित्र में संचित ऊर्जा की दरों के योग के बराबर होती है। तथा संधारित्र के निरावेशन के समय संधारित्र में संचित ऊर्जा में बदल जाती है।

(1). आवेशन के समय ऊर्जा

आवेशन के समय बैटरी द्वारा ऊर्जा प्रदान करने की दर –
\frac{dE}{dt} = Ei
या \frac{dE}{dt} = E \frac{E}{R} e-t/RC
अथवा
\frac{dE}{dt} = \frac{E^2}{R} e-t/RC …(1)
अब प्रतिरोध में उत्पन्न उष्मीय ऊर्जा की दर,
\frac{dH}{dt} = i2R
या \frac{dH}{dt} = E \frac{E}{R} e-2t/RC
अथवा
\frac{dH}{dt} = \frac{E^2}{R} e-2t/RC …(2)
तथा संधारित्र में संचित विद्युत ऊर्जा की दर,
\frac{dU}{dt} = \frac{d}{dt} ( \frac{q^2}{2C} )
या \frac{dU}{dt} = \frac{q}{C} \frac{dq}{dt}
या \frac{dU}{dt} = \frac{1}{C} q0(1 – e-t/RC). \frac{E}{R} e-t/RC
अतः \frac{dU}{dt} = \frac{E^2}{R} e-t/RC (1 – e-t/RC) …(3)
{चूंकि q0 = EC}
अब समीकरण (1), (2) व (3) से स्पष्ट है कि –
\frac{dE}{dt} = \frac{dH}{dt} + \frac{dU}{dt}

(2). निरावेशन के समय ऊर्जा

निरावेशन के समय प्रतिरोध में उत्पन्न उष्मीय ऊर्जा की दर –
\frac{dH}{dt} = i2R
इसलिए, संधारित्र पूर्णतः निरावेशित होने में अनन्त समय ले लेता है। अतः उत्पन्न होने वाली संपूर्ण ऊष्मीय ऊर्जा,
H = \int^∞_0 i2R dt
या H = \int^∞_0 \frac{E^2}{R} e-2t/RC dt
या H = \frac{E^2}{R} ( \frac{e^{-2t/RC}}{-2/RC} )0
अतः H = – \frac{1}{2} CE2 (0 – 1)
अर्थात्
H = \frac{1}{2} CE2
अर्थात् यही संधारित्र के आवेशन व निरावेशन के समय परिपथ में धारा तथा समय के बीच ग्राफ को दर्शाता है।

Note – आवेशन व निरावेशन में ऊर्जा से सम्बन्धित प्रशन –
Q.1 R-C परिपथ में संधारित्र के आवेशन व निरावेशन के समय ऊर्जा के व्यंजक को स्थापित कीजिए?
Q.2 एक संधारित्र तथा प्रतिरोध युक्त परिपथ में निरावेशन के समय संधारित्र पर आवेश तथा परिपथ में धारा के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए परिपथ के कालांक से आप क्या समझते हैं? तथा R-C परिपथ में संधारित्र के आवेशन व निरावेशन के समय ऊर्जा के व्यंजक को सिद्ध कीजिए।

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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