आभासीय छद्म बल क्या हैं, व्याख्या तथा उदाहरण | Fictitious या Psuduo Force in Hindi

आभासीय छद्म बल

माना कि M एक जड़त्वीय निर्देश फ्रेम है। तथा M’ एक त्वरित फ्रेम है। तथा फ्रेम M’ फ्रेम M के सापेक्ष \overrightarrow{a_0} त्वरण से चल रहा है। प्रारम्भ में समय (t = 0 पर) दोनों फ्रेमों के मूल बिन्दु O व O’ संपाती है। समय t पर M व M’ के सापेक्ष किसी कण बिन्दु P के स्थिति सदिश \overrightarrow{r} \overrightarrow{r'} निम्न प्रकार से सम्बन्धित होंगे-
\overrightarrow{r'} = r – O \overrightarrow{O'}
\overrightarrow{r'} = \overrightarrow{r} \frac{1}{2} \overrightarrow{a_0} {t2}

आभासीय छद्म बल

( माना t = 0 पर N’ व N के सापेक्ष प्रारम्भिक वेग u_0 = 0 ) समय के साथ अवकलन करने पर हमें प्राप्त होता है।
\frac{\overrightarrow{d}}{dt} r’ = \frac{\overrightarrow{d}}{dt} r – \overrightarrow{a_0} t
तथा

\frac{d^2 \overrightarrow{r'}} {dt^2} = \frac{d^2 \overrightarrow{r}} {dt^2} \overrightarrow{a_0}
या
\overrightarrow{a'} = \overrightarrow{a} \overrightarrow{a_0} …..(1)

जहां a व a’ फ्रेम M व M’ के सापेक्ष कण के त्वरण हैं। समीकरण (1) में m (कण के द्रव्यमान) का गुणा करने पर,
m \overrightarrow{a'} = m \overrightarrow{a} – m \overrightarrow{a_0}
{चूंकि F = ma}
या
\overrightarrow{F'} = \overrightarrow{F} + \overrightarrow{F_0} …..(2)
यहां
\overrightarrow{F_0} = – m \overrightarrow{a_0} …..(3)

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आभासीय छद्म बल की व्याख्या

(1). क्योंकि M एक जङत्वीय फ्रेम है। अतः इसमें न्यूटन का द्वितीय नियम लागू होता है। यदि कण p पर कोई बाह्य बल \overrightarrow{F} लगाया जाए जिससे त्वरण \overrightarrow{a} उत्पन्न हो तो फ्रेम M के लिए हम लिख सकते हैं। \overrightarrow{F} = m \overrightarrow{a}
अतः M’ एक अजङत्वीय फ्रेम है। इस प्रकार सिद्ध होता है कि त्वरित निर्देश फ्रेम अजङत्वीय होता है। फ्रेम M’ में न्यूटन के प्रथम व द्वितीय नियम लागू नहीं होते हैं।

(2). यदि फ्रेम M में कण पर कोई बल ना लगाएं अर्थात यदि \overrightarrow{F} = 0 तो समीकरण (2) से,
\overrightarrow{F'} = \overrightarrow{F_0} = – m \overrightarrow{a_0} …..(4)
अर्थात जब कण पर कोई बाह्य बल नहीं लग रहा हो, तब भी फ्रेम M’ का प्रेक्षक कण पर एक बल – m \overrightarrow{a_0} कार्य करता हुआ प्रेक्षित होगा। यह बल M’ के त्वरण के कारण होता है। यह बल कण पर कार्य नहीं करता परंतु कार्य करता हुआ फ्रेम M’ के कारण प्रतीत होता है।
अतः वह बल जो कण पर वास्तव में नहीं लगता बल्कि फ्रेम के त्वरण के कारण कार्य करता हुआ प्रतीत होता है। कल्पित, आभासी या छदम बल कहलाता है। अतः कण पर आभासी बल – ( \overrightarrow{F_0} ) = – m \overrightarrow{a_0} = – m(a_0) …(5)
अतः आभासी बल = कण का द्रव्यमान × फ्रेम का त्वरण विपरीत चिन्ह सहित।

आभासीय छद्म बल के उदाहरण

(1). माना लिफ्ट g त्वरण से नीचे आ रही है। माना m द्रव्यमान का एक कण इसके सापेक्ष विरामावस्था में हैं। तो कण पर लगा आभासी बल F_0 (ऊपर की ओर)
= -mg | (लिफ्ट के त्वरण g के कारण)
कण पर लगा वास्तविक बल F (नीचे की ओर)
= mg | (पृथ्वी के आकर्षण के कारण)
चूंकि लिफ्ट में स्थित किसी प्रेक्षक द्वारा कण पर प्रेक्षित परिणामी बल
F’ = F + F_0 = mg – mg = 0
अर्थात् कण भारहीन हो जाता है। और हवा में एक स्थान पर ही लटका हुआ दिखाई देगा ।
(2). यदि कोई वस्तु को अपनी हथेली पर रखकर किसी मेज से पृथ्वी पर कूदें तो हमें वस्तु भारहीन लगती हैं। यहां भी वस्तु प्रारम्भ में हथेली के सापेक्ष विरामावस्था में हैं। कूदते समय वह भी त्वरण g से नीचे आती है। अतः वस्तु पर आभासी बल F_0 = -mg, यहां m वस्तु का द्रव्यमान है। वस्तु पर वास्तविक बल F = mg, अतः परिणामी बल
F’ = F + F_0 = mg – mg = 0, अतः वस्तु भारहीन मालूम पड़ती है।
(3). आभासी बल का उदाहरण, अपकेन्द्र बल हैं। :- यदि m द्रव्यमान की एक वस्तु किसी अजङत्वीय फ्रेम में विराम अवस्था में है। अतः इस फ्रेम में प्रेक्षित त्वरण शून्य होगा। माना
अजङत्वीय फ्रेम एक जड़त्वीय फ्रेम के सापेक्ष नियत कोणीय चाल ω से घूम रहा है। अतः जड़त्वीय फ्रेम के सापेक्ष कण पर अभिकेन्द्रक त्वरण –
\overrightarrow{a_0} = – ω2 \overrightarrow{r}
जहां \overrightarrow{r} अक्ष से कण की सदिश दूरी है। अब वस्तु पर आभासी बल – \overrightarrow{F_0} = – m \overrightarrow{a_0}
= mω2 \overrightarrow{r}
इस आभासी बल \overrightarrow{F_0} को अपकेन्द्र बल कहते हैं। इसकी दिशा केन्द्र से बाहर की ओर होती है।

Note – कल्पित बल क्या होते हैं?

कल्पित बल क्या है (Fictitious or pseudo force)

“वह बल जो पिण्ड पर वास्तव में आरोपित नहीं होते हैं। किन्तु अजड़त्वीय निर्देश फ्रेम के कारण पिण्ड पर लगते हुए प्रतीत होते हैं। कल्पित बल कहलाते हैं।”

आभासीय छदम बल से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q.1 आभासीय ‌‌ छद्म बल को सिद्ध करों? तथा व्याख्या भी दीजिए। तथा इसके उदाहरण भी समझाइए ?
Q.2 आभासीय छद्म बल क्या हैं। उदाहरण सहित समझाइए?
Q.3 आभासीय छद्म बल तथा कल्पित बल क्या होते हैं?

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