जर्मेनियम क्रिस्टल को विद्युतरोधी न मानकर एक अर्द्ध-चालक माने तो क्या होगा | Germanium in Hindi

जर्मेनियम का परमाणु क्रमांक

जर्मेनियम का परमाणु-क्रमांक Z = 32 तथा परमाणु भार 72.6 होता है। अर्थात् इसके परमाणु के नाभिक में 32 प्रोटॉन तथा नाभिक के चारों ओर विभिन्न कोशों में 32 इलेक्ट्रॉन होते हैं। K-कोश में 2, L-कोश में 8, M-कोश में 18 तथा शेष 4 इलेक्ट्रॉन बाहरी अपूर्ण N-कोश में होते हैं जो कि संयोजक इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं। जर्मेनियम की चालकता इन्हीं चार इलेक्ट्रॉनों से निर्धारित होती है।

जर्मेनियम क्रिस्टल के सह-संयोजक बन्ध के इलेक्ट्रॉन 0.75 eV की ऊर्जा लेकर सह-संयोजक बन्ध से मुक्त होते हैं।

प्रशन-1 यदि जर्मेनियम क्रिस्टल को विद्युतरोधी न मानकर अर्द्ध-चालक मानते हैं? जबकि इसके सभी इलेक्ट्रॉन नाभिक से मजबूती से बॅंधे रहते हैं, क्यों?

उत्तरजर्मेनियम (Ge) – जर्मेनियम की संयोजकता चार होती है अतः जर्मेनियम में क्रिस्टल के परमाणु में 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। प्रत्येक परमाणु के चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन अपने चारों ओर स्थित चार परमाणुओं के एक-एक संयोजी इलेक्ट्रॉन के साथ चार सह-संयोजी बन्ध बनाकर अपने-अपने अष्टकों को पूरा कर लेते हैं, जिसके फलस्वरूप विद्युत् चालन के लिए मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होते हैं।

जर्मेनियम

अतः परम शून्य तथा निम्न तापों पर जर्मेनियम एक कुचालक की भांति व्यवहार करता है। सामान्य ताप पर कुछ संयोजी ताप पर कुछ संयोजी इलेक्ट्रॉन इतनी ऊष्मीय ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं कि वे सह-संयोजक को तोड़कर मुक्त हो जाते हैं, अथवा संयोजी बैण्ड से कुछ इलेक्ट्रॉन ऊर्जा अन्तराल को पार करके चालन बैण्ड में पहुंच जाते हैं और संयोजी बैण्ड में होल उत्पन्न हो जाता है। ये इलेक्ट्रॉन-होल युग्म आवेश वाहक का कार्य करते हैं।

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प्रशन-2 बताइए कि किसी पी-टाइप जर्मेनियम अर्द्ध-चालक के लिए तीन संयोजकता वाला अपद्रव्य क्यों मिलाया जाता है?

उत्तर – क्योंकि तीन संयोजकता वाला अपद्रव्य पदार्थ मिलाने से अपद्रव्य परमाणु क्रिस्टल जालक में एक जर्मेनियम परमाणु का स्थान ले लेता है। इसके समीप के तीन जर्मेनियम परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन अपद्रव्य परमाणु के इलेक्ट्रॉनों के साथ बन्ध बना लेते हैं तथा चौथे जर्मेनियम परमाणु के साथ बन्ध बनाने के लिए इलेक्ट्रॉन की कमी रह जाती है। यह इलेक्ट्रॉन एक धनावेशित कण के तुल्य है जिसे कोटर (होल) कहते हैं। इस प्रकार जालक में धनावेशित कोटर उत्पन्न हो जाते हैं।

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