ऊष्मा इंजन क्या है, रुद्धोष्म वक्र का ढाल समतापी वक्र के ढाल से अधिक होना | Heat Engine in Hindi

ऊष्मा इंजन क्या है

“इस मशीन के द्वारा ऊष्मा को यान्त्रिक ऊर्जा में बदला जा सकता है। जिस कारण इसे ऊष्मा इंजन कहते हैं।” इसके निम्न भाग होते हैं। (1). उच्च ताप का एक स्त्रोत, (2). कम ताप पर सिंक, (3). ऊष्मा को कार्य में परिवर्तन करने के लिए मशीन में (सिलेण्डर, पिस्टन आदि) तथा (4). कार्यकारी पदार्थ आदि वस्तुओं का उपयोग किया जाता है।
माना एक स्त्रोत से Q1 ऊष्मा लेकर कार्यकारी पदार्थ W कार्य करता है तथा Q2 ऊष्मा सिंक को दे देता है, तो
Q1 = Q2 + W
या W = Q1 – Q2 ….(1)

ऊष्मा इंजन की क्षमता (heat engine capacity in Hindi)

“किसी कार्यकारी पदार्थ द्वारा एक चक्र में किए गए उपयोगी यान्त्रिक कार्य तथा स्त्रोत से ली गई ऊष्मा के अनुपात को ‘इंजन की ऊष्मीय क्षमता’ कहते हैं।” अतः
η = \frac{W}{Q_1}
अतः समीकरण (1) से W का मान रखने पर,
η = \frac{Q_1 - Q_2}{ Q_1}
या η = [1 – \frac{Q_2}{Q_1} ]

चूंकि सिंक को दी गई ऊष्मा = Q2 \neq 0
अतः ऊष्मा इंजन की दक्षता η \neq 1 या 100% ।

इसे भी पढे़...कार्नो इंजन क्या है

Note - दर्शाइए कि रुद्धोष्म वक्र की प्रवणता, समतापी वक्र की प्रवणता का γ गुना होती है।

रुद्धोष्म वक्र का ढाल एवं समतापी वक्र का ढाल

एक निश्चित द्रव्यमान की वस्तु का आदर्श गैस के लिए दाब P तथा आयतन V के बीच ग्राफ खींचा जाए, तो एक वक्र प्राप्त होता है। यदि T को स्थिर रखकर ग्राफ खींचे, तो उस वक्र को 'समतापी वक्र' कहते हैं। तथा इसी प्रकार रुद्धोष्म प्रक्रम के लिए P तथा V के बीच खींचा गया वक्र 'रुद्धोष्म वक्र' कहलाता है। अतः इन दोनों का ग्राफ चित्र में दिखाया गया है।

रुद्धोष्म वक्र ढाल समतापी वक्र ढाल

समतापी वक्र के लिए ताप स्थिर रहता है। तब आदर्श गैस समीकरण से, PV = स्थिर
अवकलन करने पर,
PdV + VdP = 0
या VdP = - PdV
( \frac{dP}{dV} )समतापी = - \frac{P}{V} ….(1)

अब रुद्धोष्म वक्र के लिए, PVγ = स्थिरांक

अवकलन करने पर, VγdP + γPVγ-1dV = 0

या VγdP = - γPVγ-1dV

( \frac{dP}{dV} )रुद्धोष्म = - γ \frac{P}{V} ….(2)

अतः समीकरण (2) तथा (1) से,

\frac{(dP/dV)_{रुद्धोष्म}}{(dP/dV)_{समतापी}} = \frac{- γ P/V}{- P/V}

\frac{(dP/dV)_{रुद्धोष्म}}{(dP/dV)_{समतापी}} = γ

( \frac{dP}{dV} )रुद्धोष्म = γ( \frac{dP}{dV} )समतापी

अतः स्पष्ट है कि, किसी बिन्दु पर रुद्धोष्म वक्र की प्रवणता (या ढाल) उसी बिन्दु पर स्थित समतापी वक्र की प्रवणता (या ढाल) का γ-गुना होती है।

Note - सम्बन्धित प्रशन -
Q.1 ऊष्मा इंजन क्या है ? उसकी क्षमता को ज्ञात कीजिए।
Q.2 सिद्ध कीजिए कि रुद्धोष्म वक्र की प्रवणता या ढाल समतापी वक्र की प्रवणता या ढाल से अधिक होती है ?
Q.3 सूचक आरेख से आप क्या समझते हैं ? दर्शाइए कि रुद्धोष्म वक्र की प्रवणता, समतापी वक्र की प्रवणता का γ गुना होती है। (γ = \frac{C_p}{C_v} ) ।

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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