आदर्श वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत क्या हैं, इन्हें सिद्ध करो | ideal voltage source in Hindi

आदर्श वोल्टेज स्त्रोत क्या है

“ऐसा वोल्टेज स्त्रोत जिससे कितनी भी धारा लेने पर उसकी टर्मिनल वोल्टेता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, ‘आदर्श वोल्टेज स्त्रोत (ideal voltage source in Hindi)’ कहलाता है।” इसकी टर्मिनल वोल्टता सदैव इसके विद्युत वाहक बल के बराबर होती है। अर्थात् आदर्श वोल्टेज स्त्रोत का आन्तरिक प्रतिरोध सदैव शुन्य होता है।
माना चित्र-1 में एक आदर्श वोल्टेज स्त्रोत को प्रदर्शित किया गया है।

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आदर्श वोल्टेज स्त्रोत

यदि लोड प्रतिबाधा ZL में धारा IL बहती है तो स्त्रोत की टर्मिनल वोल्टता,
VS = ILZL …(1)
लेकिन वास्तव में आदर्श वोल्टेज स्त्रोत प्राप्त करना असम्भव है क्योंकि किसी भी वोल्टेज स्त्रोत के टर्मिनलों को लघुपथित करने पर उसकी टर्मिनल वोल्टता परिवर्तित हो जाती है।

वास्तविक वोल्टेज स्त्रोत

वास्तविक वोल्टेज स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा कुछ न कुछ अवश्य रहती है। आन्तरिक प्रतिबाधा को लोड प्रतिबाधा के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ा हुआ मानते हैं। जैसा कि चित्र-2 में वास्तविक वोल्टेज स्त्रोत को प्रदर्शित किया गया है।

वास्तविक वोल्टेज स्त्रोत

माना VS स्त्रोत का विद्युत वाहक बल, ZS इसकी आन्तरिक प्रतिबाधा तथा ZL लोड प्रतिबाधा है। तब लोड धारा,
IL = \frac{V_S}{Z_S + Z_L} …(2)
तथा स्त्रोत की टर्मिनल वोल्टता,
VMN = VL = IL × ZL = \frac{V_S}{Z_S + Z_L} .ZL
या VL = \frac{V_S}{1 + \frac{Z_S}{Z_L}} …(3)
अर्थात् समीकरण (3) से स्पष्ट है कि यदि ZL >>> ZS, तब \frac{Z_S}{Z_L} <<< 1, तब VS का मान नियत रहता है और स्त्रोत लगभग आदर्श स्त्रोत की भांति व्यवहार करता है। यदि ZL ≤ ZS, तब \frac{Z_L}{Z_S} ≥ 1, तब VL, ZL के साथ बदलता रहता है। जैसा कि ग्राफ-1 में एक आदर्श तथा वास्तविक वोल्टेज के अभिलाक्षणिक वक्र को प्रदर्शित किया गया है।

आदर्श वोल्टेज स्त्रोत

आदर्श धारा स्त्रोत क्या है

“ऐसा धारा स्त्रोत जो इसके टर्मिनलों के खुले होने पर नियत धारा प्रदान करें, ‘आदर्श धारा स्त्रोत (ideal current source in Hindi)’ कहलाता है।”
माना जैसा कि आदर्श धारा स्त्रोत को चित्र-3 में प्रदर्शित किया गया है।

आदर्श धारा स्त्रोत

लेकिन वास्तव में आदर्श धारा स्त्रोत प्राप्त नहीं किया जा सकता है। क्योंकि किसी भी स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा अनन्त नहीं हो सकती है।

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वास्तविक धारा स्त्रोत

वास्तविक धारा स्त्रोत को आदर्श धारा स्त्रोत के समानान्तर क्रम में आन्तरिक प्रतिबाधा ZS को जोड़कर प्रदर्शित किया जाता है। जिससे धारा स्त्रोत IS दो भागों में विभाजित हो जाती है –
(1). ZS से iS , (2). ZL से iL
माना चित्र-4 में एक वास्तविक धारा स्त्रोत प्रदर्शित किया गया है।

वास्तविक धारा स्त्रोत

इस प्रकार, IS = iS + iL …(4)
या iSZS = iLZL …(5)
अब समीकरण (4) व (5) को हल करने पर,
iL = \frac{I_SZ_S}{Z_S + Z_L} = \frac{I_S}{1 + \frac{Z_L}{Z_S}}
अतः iL = \frac{I_S}{1 + \frac{Z_L}{Z_S}} …(6)
अर्थात् समीकरण (6) से स्पष्ट है कि –
(1). यदि ZL = 0, तब iL = IS अतः राशि \frac{Z_L}{Z_S} के अति निम्न मानों के लिए \frac{Z_L}{Z_S} <<< 1 इस स्थिति में iL लगभग नियत रहती है। और धारा स्त्रोत लगभग आदर्श धारा स्त्रोत की भांति व्यवहार करता है। (2). यदि ZL > 1 तथा \frac{Z_L}{Z_S} का मान 1 के बराबर या 1 से अधिक हो जाए तो ZL के बढ़ने पर VL का मान भी बढ़ता है तथा iL घटती जाती है। जैसा कि ग्राफ-2 में एक वास्तविक व आदर्श धारा स्त्रोत का अभिलाक्षणिक वक्र प्रदर्शित किया गया है।

आदर्श धारा स्त्रोत

वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत के उपयोग

वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत का उपयोग करना कब लाभप्रद होता है।

  • जब ZL > ZS, अर्थात् जब लोड प्रतिबाधा, आन्तरिक प्रतिबाधा से अधिक हो ।
  • जब ZL < ZS, अर्थात् जब लोड प्रतिबाधा, आन्तरिक प्रतिबाधा से कम हो ।

Note – महत्वपूर्ण प्रशन उत्तर ?

Q.1- एक आदर्श वोल्टेज स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा कितनी होनी चाहिए?

Ans. – एक आदर्श वोल्टेज स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा शून्य होती है।

Q.2- एक आदर्श धारा स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा क्या होती है?

Ans. – एक आदर्श धारा स्त्रोत की आन्तरिक प्रतिबाधा अनन्त होती है।

Note – वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत से सम्बन्धित प्रशन पूछें जाते हैं –
Q.1 आदर्श वोल्टेज स्त्रोत तथा धारा स्त्रोत से क्या तात्पर्य है? वास्तविक, (1). वोल्टेज स्त्रोत, (2). धारा स्त्रोत, को किस प्रकार निरूपित किया जाता है?
Q.2 आदर्श वोल्टेज स्त्रोत तथा आदर्श धारा स्त्रोत से आप क्या समझते हैं? चित्रों की सहायता से इन्हें सिद्ध कीजिए।

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