Jivan Parichay in Hindi

Top 25+ Jivan Parichay in Hindi | लेखकों व कवियों के जीवन परिचय-कक्षा 9

Jivan Parichay in Hindi में जीवनी कैसे लिखें

यह साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है जिसमें किसी महापुरुष के जीवन की घटनाओं उसके कार्य-कलापों तथा अन्य गुणों का आत्मीयता, औपचारिकता तथा गंभीरता से व्यवस्थित रूप में वर्णन किया जाता है। इसमें व्यक्ति विशेष के जीवन की प्रत्येक घटना का इस प्रकार वर्णन किया जाता है कि पाठक उसके अन्तरंग जीवन से परिचित ही नहीं होता, बल्कि तादात्म्य स्थापित कर लेता है। जीवनीकार जीवनी में प्रायः उन स्थलों पर विशेष बल देता है जिनके द्वारा पाठक प्रेरणा ग्रहण कर अपने जीवन को अधिक उन्नति शील बनाने में समर्थ हो सके।

जीवनी का प्रामाणिक होना आवश्यक है। यह तभी संभव है जब जीवनीकार को उस व्यक्ति के जीवन के विभिन्न स्वरूपों, तथ्यों तथा घटनाओं का निजी तथा पूर्ण ज्ञान हो। जीवनी में एक और तो इतिहास जैसी प्रामाणिकता तथा तथ्य पूर्णता होती है और वह साहित्यिकता के तत्वों से पूर्ण होती है।

इसे भी पढ़ें… हिंदी व्याकरण

लेखक परिचय क्या होता है?

“लेखक” वह होता है जो लिखने का कार्य करता है। वह व्यक्ति विभिन्न रूपों में लेखन करता है, जैसे कि पुस्तकें, कहानियां, उपन्यास, कविताएँ, निबंध, लेख आदि। लेखक अपने रचनात्मक विचारों, अनुभवों, और ज्ञान को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करता है।

लेखक अपनी रचनाएँ विभिन्न उद्देश्यों से लिखता है, जैसे कि:

(1). ज्ञान और शिक्षा: लेखक ज्ञान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गैर-काल्पनिक पुस्तकें, निबंध, और विज्ञान लेख लिखते हैं।
(2). कला और साहित्य: साहित्यिक लेखक, उपन्यास, कहानियां, कविताएँ और नाटक जैसे कला से सम्बंधित कृतियां रचते हैं
(3). मनोरंजन: कल्पित लेखक रोमांस, रहस्य, कल्पना, कल्पित विज्ञान आदि जैसे विभिन्न पीढ़ी की मनोहर कहानियां लिखते हैं जो पाठकों को मनोरंजित करती हैं।

लेखक अपने विचारों, अनुभवों, और अध्ययन से प्रेरित होकर रचनाएँ लिखते हैं, जो समाज को समझाने, सृजनशीलता को प्रोत्साहित करने, और ज्ञान को बढ़ाने का काम करती हैं।

गद्य लेखकों का जीवन परिचय (jivan Parichay in Hindi):-

  1. प्रताप नारायण मिश्र का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  2. मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  3. हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  4. महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  5. श्रीराम शर्मा का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  6. काका कालेलकर का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  7. धर्मवीर भारती का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  8. रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

लेखक का जीवन परिचय कैसे लिखें?

जीवन परिचय लिखने के लिए आप निम्नलिखित तरीको की मदद लें सकते है। इसके माध्यम से आप किसी भी लेखक की जीवनी के महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रस्तुत कर सकते हैं इससे आपको लेखकों के बारे में संक्षेप में जानने में मदद मिलेगी। जीवन परिचय को प्रारंभिक जीवन से शुरू करें और वर्तमान दिन तक जारी रखें।

पहला अनुभाग (शुरुआत):-
लेखक का नाम, जन्मतिथि और जन्मस्थान।
लेखक की मृत्युतिथि और मृत्युस्थान।
लेखक के माता-पिता के नाम और पेशेवर विवरण।
लेखक के बचपन के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख, जैसे पाठशाला जाना, रुचियों और प्रेरणा वाले अनुभव, आदि।

दूसरा अनुभाग (शिक्षा और करियर):-
लेखक की शिक्षा का विवरण, जैसे कक्षा, विषय, विश्वविद्यालय आदि।
लेखक के चयनित करियर का विवरण, क्या और क्यों वे उसमें रुचि रखते हैं।
अगर लेखक की कोई कामयाबी या प्रतिस्पर्धी परीक्षा के परिणाम में उत्कृष्टता है, तो इसे शामिल करें।

तीसरा अनुभाग (शौक, रचनाएं एवं कृतियां):-
लेखक के अतिरिक्त शौक और रुचियों का विवरण, जैसे कला, संगीत, खेल, लेखन, यात्रा, आदि।
लेखक की रचनाएं एवं कृतियां के क्षेत्र में किये गए अच्छे प्रदर्शन के बारे में बताएं।

चौथा अनुभाग (साहित्यिक, सामाजिक या सेवा कार्य):-
लेखक ने समाज में सेवा या समर्थन के कार्य का विवरण।
कोई सामाजिक अथवा पर्यावरण संबंधित कार्य जो लेखक ने संपादित किया है, उसके बारे में बताएं।

पांचवा अनुभाग (विशेष उपलब्धियां और संघर्ष):-
लेखक के जीवन में हासिल की गई किसी विशेष उपलब्धि का वर्णन करें।
लेखक के जीवन में आये संघर्ष और चुनौतियों के बारे में संक्षेप में बताएं और उनसे कैसे निपटा आपने विशेष रूप से दर्शाएं।

समाप्ति (वर्तमान दिन):-
वर्तमान में लेखक क्या कर रहे हैं और लेखक भविष्य के उद्देश्यों का संक्षेप में उल्लेख करें।
लेखक व्यक्तिगत गुण, संप्रेषण या संस्कृति के बारे में छोटी जानकारी जो आपको अनूठा बनाते हैं, का वर्णन करें।

कवि परिचय क्या होता है?

“कवि” वह होता हैं जो कविता लिखने का कार्य करता है। कवि कविता रचना करने के लिए शब्द, भावनाएं, छंद, रस, अलंकार, और अर्थ का सजीव संयोजन करता है। वे सामाजिक, व्यक्तिगत, भावनात्मक, और साहित्यिक विषयों पर आधारित अपने भावों को शब्दों में प्रकट करते हैं।

कवि कविता लेखन के माध्यम से अपनी भावनाएं, संवेदनाएं, और अनुभवों को व्यक्त करते हैं। ये रचनाएँ विभिन्न रस, भावों, और विचारों को व्यक्त करने का माध्यम होती हैं और पाठकों को सुंदरता से भरा हुआ आनंद प्रदान करती हैं।

कवि कविता लिखने के लिए रचनात्मकता, समझदारी, और संवेदनशीलता की भावना रखते हैं। वे भाषा को सजाकर, अलंकारों से सुशोभित करके, और रचनाएँ सुसंगत छंद में रचते हैं। कवि का मुख्य उद्देश्य अपने शब्दों के माध्यम से पाठकों को संवेदनशील बनाना, समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना, और सुंदरता को आत्मीय अनुभव कराना होता है।

कवि विभिन्न कला और साहित्यिक दृष्टिकोण से समृद्ध होते हैं और उनकी रचनाएँ साहित्यिक विभाजन, सम्मान, और प्रशंसा के कवि समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पद्य कवियों का जीवन परिचय (jivan Parichay in Hindi):-

  1. कबीरदास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  2. मीराबाई का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  3. रहीम दास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  4. भारतेंदु हरिश्चंद्र का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  5. मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  6. जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  7. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  8. सोहनलाल द्विवेदी का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  9. हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  10. नागार्जुन का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  11. केदारनाथ अग्रवाल का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  12. शिवमंगल सिंह सुमन का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली
  13. संत रैदास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाषा शैली

नोट – विद्यार्थी ध्यान दें कि इसमें हमने कुछ अन्य जीवन परिचय जैसे की एकांकी लेखकों की भी जीवनी के बारे में बताया है, चूंकि परीक्षाओं में इसके बारे में भी पूंछ लिया जाता है-

एकांकी लेखकों का जीवन परिचय (jivan Parichay in Hindi):-

  1. डॉ रामकुमार वर्मा का जीवन परिचय, साहित्यिक अवदान, रचनाएं एवं एकांकी
  2. उदय शंकर भट्ट का जीवन परिचय, साहित्यिक अवदान, रचनाएं एवं एकांकी
  3. सेठ गोविंद दास का जीवन परिचय, साहित्यिक अवदान, रचनाएं एवं एकांकी
  4. उपेन्द्रनाथ अश्क का जीवन परिचय, साहित्यिक अवदान, रचनाएं एवं एकांकी
  5. विष्णु प्रभाकर का जीवन परिचय, साहित्यिक अवदान, रचनाएं एवं एकांकी

लेखकों और कवियों के जीवन परिचय याद करने का तरीका

लेखक और कवियों के जीवन परिचय याद करने का सही तरीका विभिन्न तरीकों से उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को संरचित और सरल तरीके से याद करने पर निर्भर करता है। नीचे दिए गए कुछ चरणों के माध्यम से आप इसकी प्रायोगिकता को सुनिश्चित कर सकते हैं:

सभी जानकारी को संरचित रखें: अपने नोटबुक या कंप्यूटर पर एक फ़ोल्डर बनाएं जिसमें आप लेखकों और कवियों के नामों के अनुसार उनके परिचय, जीवनी और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी रखें।

जीवनी पढ़ें: उन्हें समझने के लिए उनकी जीवनी पढ़ें। जीवनी आपको उनके जीवन के महत्वपूर्ण क्रियाकलापों, संघर्षों, सफलता के अनुभवों और संगठनात्मक विकास के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करेगी।

छोटे सुझाव दें: अपने दिमाग में उन्हें याद रखने के लिए छोटे सुझाव बनाएं। यह सुझाव आपको जीवनी में पहलू जोड़ने में मदद करेंगे, जैसे कि किसी विशेष घटना, स्थान, व्यक्ति या उनकी शिक्षाएं।

समय-समय पर दोहराएं: नियमित अंतराल पर उन्हें दोहराने से याददाश्त बेहतर होती है। अपने नोटबुक में उन्हें बार-बार पढ़ें या उन्हें समीक्षा करने का समय निर्धारित करें।

चरित्रों को सम्बोधित करें: आप उन व्यक्तियों के संदेशों, कार्यों और मूल्यों को ज्ञात करने के लिए उन्हें सम्बोधित कर सकते हैं। यह उन्हें याद करने में मदद कर सकता है।

मनोन्नति करें: यदि आपको कुछ लेखक या कवि की जीवनी याद करने में समस्या हो रही है, तो उन्हें याद करने के लिए अपने आप को प्रोत्साहित करें। सकारात्मक मनोन्नति आपके याददाश्त को मजबूत बनाएगी।

दोस्तों और संबंधितों के साथ बातचीत: दोस्तों और परिवार के साथ उन लेखकों और कवियों के बारे में बातचीत करना भी मददगार साबित हो सकता है।

याद रखें, याददाश्त को सुधारने में समय और प्रयास की आवश्यकता होती है, इसलिए नियमित अभ्यास और प्रयास आपको इस क्षेत्र में माहिर बना सकता है।

इसे भी पढ़ें… जीवन परिचय कक्षा 10 | jivan parichay class 10 in Hindi pdf

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *