औसत (या माध्य) मुक्त पथ क्या है, परिभाषा, सूत्र, उदाहरण को समझाइए | Mean Free Path in Hindi

औसत मुक्त पथ क्या है

अणुगति सिद्धांत के अनुसार, किसी गैस के अणु सदैव तीव्र चालों से सभी सम्भव दिशाओं में गति करते रहते हैं। ये गति करते हुए एक-दूसरे से टकराते हैं जिससे इनकी चाल व गति की दिशा दोनों बदलते रहते हैं। टक्करों के समय को छोड़कर अणु एक दूसरे पर कोई आकर्षण बल नहीं लगाते हैं। अर्थात् दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच अणु ‘नियत चाल’ से ‘सरल रेखा’ में चलते हैं। यदि हम किसी एक अकेले अणु के पथ को देखें, तो वह भिन्न-भिन्न लंबाई की टेढ़ी-मेढ़ी सरल रेखाओं का पथ होगा। जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।

औसत-मुक्त-पथ
औसत-मुक्त-पथ

तो इसे दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच अणु के पथ को “मुक्त पथ” (Free Path) कहते हैं। तथा विभिन्न मुक्त पथों की लंबाईयों में भिन्न-भिन्न होती हैं। अर्थात् “माध्य-मुक्त-पथ (या औसत-मुक्त-पथ) वह औसत पथ है, जो अणु दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच तय करता है।” इसे λ से व्यक्त करते हैं।

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माध्य (या औसत) मुक्त पथ के लिए व्यंजक

माना कि किसी एक बर्तन में एक अणु के अतिरिक्त अन्य सभी अणु स्थिर हैं। माना कि प्रत्येक अणु का व्यास σ है। अतः गतिशील अणु उन सभी अणुओं से टकराएगा, जिनके केंद्र इसके केंद्र से σ दूरी पर स्थित होंगे। जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।

माध्य-मुक्त-पथ
माध्य-मुक्त-पथ

माना यदि अणुओं की माध्य चाल \overline{c} है, तो यह 1 सेकंड में उन सभी अणुओं से टकराएगा, जिसके केंद्र ऐसे सिलेंडर के भीतर है जिसकी त्रिज्या σ है। तथा लंबाई \overline{c} अर्थात् जिसका आयतन πσ2 \overline{c} है। अतः यदि गैस के प्रति एकांक आयतन में n अणु है। तो गतिशील अणु प्रति सेकंड πσ2 \overline{c} n टक्करें मारेंगे।
चूंकि अणु 1 सेकंड में \overline{c} दूरी तय करता है अतः दो टक्करों के बीच अणु द्वारा तय की गई औसत दूरी अर्थात् अणु का माध्य-मुक्त-पथ
λ = \frac{ \overline{c}}{πσ^2 \overline{c} n}
या λ = \frac{1}{πσ^2n}

इस सूत्र की उत्पत्ति में हमने यह माना है कि एक अणु के अतिरिक्त अन्य सभी अणु स्थिर हैं, यह न्याय संगत नहीं है। यदि हम अन्य अणुओं की गति पर भी विचार करें, तो अणु का औसत-मुक्त-पथ निम्न होगा।
λ = \frac{1}{ \sqrt{2} (πσ^2n)} ….(1)

यदि अणुओं का द्रव्यमान m हो, तब mn = ρ (जहां ρ = गैस का घनत्व है), तब
λ = \frac{1}{ \sqrt{2} πσ^2 (\frac{ρ}{m})}
या \footnotesize \boxed{ λ = \frac{m}{ \sqrt{2} (πσ^2ρ)} } ….(2)

“यही गैस के अणु के लिए औसत-मुक्त-पथ या माध्य-मुक्त-पथ का अभीष्ट व्यंजक है।
अतः इस प्रकार “औसत-मुक्त-पथ” गैस के घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात्
λ ∝ \frac{1}{ρ}

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Note – दिखाइए कि गैस के अणु का औसत-मुक्त-पथ इसके परम ताप के अनुक्रमानुपाती और दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

ताप(T) के अनुक्रमानुपाती व दाब(P) के व्युत्क्रमानुपाती

माना यदि गैस के प्रति एकांक आयतन में अणुओं की संख्या n है। तथा यदि गैस का दाब P व ताप T है, तब आदर्श गैस समीकरण से,
P = nkT
अथवा
n = \frac{P}{kT}
अतः समीकरण (1) में n का मान रखने पर,
λ = \frac{1}{ \sqrt{2} πσ^2 (\frac{P}{kT})}
या \footnotesize \boxed{ λ = \frac{kT}{ \sqrt{2} πσ^2P} }

अतः स्पष्ट है कि “गैस का औसत-मुक्त-पथ, गैस के परमताप के अनुक्रमानुपाती तथा दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।”
अर्थात् औसत-मुक्त-पथ की संकल्पना अभिगमन घटनाओं जैसे- ऊष्मा-चालकता, श्यानता व विसरण आदि के अध्ययन में सहायक होता है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न –
Q.1 किसी गैस के अणु के लिए माध्य-मुक्त-पथ से आप क्या समझते हैं ? सिद्ध कीजिए कि किसी गैस के लिए माध्य-मुक्त-पथ गैस के घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती होता है ?
Q.2 सिद्ध कीजिए कि किसी गैस के लिए औसत-मुक्त-पथ उसके घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती क्यों होता है ? तथा गैस के अणुओं का औसत-मुक्त-पथ क्या होता है ?
Q.3 दिखाइए कि किसी गैस के अणु का माध्य मुक्त पथ या औसत मुक्त पथ इसके परम ताप के अनुक्रमानुपाती और गैस के दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है ?

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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