कला वेग और समूह वेग क्या है, इनके बीच संबंध | phase velocity or group velocity in hindi

कला वेग की परिभाषा

जब किसी माध्यम में एक निश्चित तरंगदैर्ध्य की प्रगामी तरंग संचरित होती है। तो माध्यम में उसके तरंगाग्र के संचरण के वेग को ‘कला वेग’ या ‘तरंग वेग (Phase Velocity in Hindi)’ कहते हैं।

कला वेग \footnotesize \boxed{ v_p = \frac{ω}{k} } …(1)

कला वेग के लिए व्यंजक

माना यदि धनात्मक x-अक्ष दिशा में अनुदिश चलने वाली समतल प्रगामी तरंग का समीकरण,
y = a sin(ωt – kx)

यहां a आयाम, ω कोणीय आवृत्ति तथा k = \frac{2π}{λ} तरंग का संचरण नियतांक है। कोणीय आवृत्ति ω तथा संचरण नियतांक k का अनुपात तरंग वेग vp कहलाता है। अतः
vp = nλ
vp = \frac{ω}{2π} × \frac{2π}{k}

vp = \frac{ω}{k}

अतः “यही कला वेग का सूत्र है।” यहां ω = तरंग की कोणीय आवृत्ति तथा k = संचरण नियतांक है।
तथा (ωt – kx) तरंग की कला है। अतः नियत कला के तरंगाग्र के लिए –
(ωt – kx) = नियतांक
ω – k \frac{dx}{dt} = 0

या \frac{dx}{dt} = \frac{ω}{k}

अतः “तरंग वेग या कला वेग वह वेग है। जिससे कि नियत कला के तल माध्यम में आगे बढ़ते हैं।”

समूह वेग की परिभाषा

जब एक समूह में सूक्ष्म भिन्न-भिन्न तरंगदैर्ध्य की अनेक प्रगामी तरंगे परस्पर अध्यारोपित होती हैं। तो तरंग – पैकेट (या तरंगों के प्रबलीकरण का बिंदु) माध्यम में जिस वेग से आगे बढ़ता है, उसे ‘समूह वेग (Group Velocity in Hindi)’ कहते हैं।

समूह वेग \footnotesize \boxed{ v_g = \frac{dω}{dk} } ….(2)

समूह वेग के लिए व्यंजक

माना एक तरंग पैकेट में दो तरंगें हैं। जिनके आयाम a, समान आवृतियां ω1 व ω2 है। जिनमें बहुत कम अंतर है। माना इनके संचरण नियतांक k1 व k2 है। तब
y1 = a sin(ω1t – k1x) ….(1)
y2 = a sin(ω2t – k2x) …..(2)

जहां x मूल बिंदु के सापेक्ष किसी समय t पर तरंगों का विस्थापन है।
अतः अध्यारोपण के सिद्धांत से,
Y = y1 + y2
Y = a [sin(ω1t – k1x) + sin(ω2t – k2x)]

Y = 2a sin[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ] × cos[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ]

Y = 2a cos[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ] × sin[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ]

अतः परिणामी तरंग का आयाम
N = 2a cos[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ] है।
{चूंकि cosθ का अधिकतम मान 1 होता है।}

अतः परिणामी तरंग का अधिकतम आयाम
Nmax = 2a
इसलिए,
cos[ \frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} ] = 1

\frac{(ω_1 - ω_2)t}{2} \frac{(k_1 - k_2)x}{2} = 0

\frac{(ω_1 - ω_2)}{(k_1 - k_2)} = \frac{x}{t} = vg (समूह वेग)

अतः vg = \frac{ω_1 - ω_2}{k_1 - k_2}
या vg = \frac{∆ω}{∆k}

अतः यदि समूह में बहुत से आवृत्ति अवयव एक सूक्ष्म आवृत्ति अंतराल में हो, तो

vg = \frac{dω}{dk}

अतः “यही समूह वेग का व्यंजक है।”

और पढ़ें.. अप्रगामी तरंगें क्या होती है

कला वेग तथा समूह वेग में संबंध

कला वेग vp = \frac{ω}{k}
तथा
समूह वेग vg = \frac{dω}{dk} तो,

vg = \frac{d}{dK} (kv_p)
vg = vp + K \frac{dv_p}{dK}

{चूंकि K = \frac{2π}{λ} , λ तरंगदैर्ध्य है} अतः

vg = vp + \frac{2π}{λ} . \frac{dv_p}{d( \frac{2π}{λ})}
या vg = vp + \frac{1}{λ} . \frac{dv_p}{d( \frac{1}{λ})}

चूंकि d( \frac{1}{λ} ) = – \frac{1}{λ_2} dλ, अतः

\footnotesize \boxed{ v_g = v_p - λ \frac{dv_p}{dλ} }

अतः “यही विक्षेपक माध्यम में समूह वेग vg व कला वेग vp में सम्बन्ध है।” अर्थात्अविक्षेपक माध्यम में vp = \frac{ω}{k} = नियतांक है, तो
\frac{dv_p}{dλ} = 0

अतः \footnotesize \boxed{ v_g = v_p }

अर्थात् “अविक्षेपक माध्यम अथवा रिक्त आकाश में समूह वेग व कला वेग (या तरंग वेग) आयाम में बराबर होते हैं।”

Note – कला वेग और समूह से सम्बन्धित प्रश्न –
Q. 1 तरंग गति में तरंग वेग तथा समूह वेग में अंतर समझाइए ? एक विक्षेपक व अविक्षेपक माध्यम में समूह वेग व कला वेग (या तरंग वेग) में सम्बन्ध स्थापित कीजिए ?
Q. 2 कला वेग तथा समूह वेग की परिभाषा दीजिए तथा इनके मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए ?
Q. 3 कला वेग तथा समूह वेग की परिभाषा तथा सूत्र ज्ञात करो ?

Share This Post

2 thoughts on “कला वेग और समूह वेग क्या है, इनके बीच संबंध | phase velocity or group velocity in hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *