आयाम मॉडुलित तरंगों में शक्ति का व्यंजक, माॅडुलेशन में पाशर्व बैण्ड क्या है?

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प्रशन-1. आयाम मॉडुलित तरंगों में शक्ति की विवेचना कीजिए। तथा इसका व्यंजक स्थापित कीजिए।

आयाम मॉडुलित तरंगों में शक्ति

अतः समीकरण (2) से स्पष्ट है कि प्रत्येक पाशर्व बैण्ड में व्यय शक्ति माॅडुलेशन गुणांक ma के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है। अतः आयाम माॅडुलित तरंग द्वारा प्रतिरोध R में विकरित कुल शक्ति
P = Pc + Psf = Pc + \frac{m^2_a.P_c}{2} = Pc(1 + \frac{m^2_a}{2} ) …(4)
अर्थात् आयाम माॅडुलित तरंग द्वारा विकरित कुल शक्ति अमाॅडुलित वाहक तरंग की शक्ति से अधिक होती है।

अब यदि ma = 1 हो, तो समीकरण (3) से Psf = \frac{1}{2} .Pc
स्पष्टतः पाशर्व बैण्डों द्वारा विकरित कुल शक्ति, वाहक तरंग की कुल शक्ति की आधी होती है। और आयाम माॅडुलित तरंग द्वारा विकरित कुल शक्ति P = 1.5Pc होती है।
अतः स्पष्ट है कि शत-प्रतिशत माॅडुलेशन होने पर आयाम मॉडुलित तरंग द्वारा विकरित कुल शक्ति, अमाॅडुलित वाहक तरंग की शक्ति की डेढ़ गुनी होती है। इस प्रकार

पाशर्व बैण्ड आवृत्ति अवयवों द्वारा विकरित कुल शक्ति/आयाम मॉडुलित तरंग द्वारा विकरित कुल शक्ति = Psf/P

या \frac{m^2_a.P_c/2}{P_c(1 + m^2_a/2)}
या \frac{m^2_a/2}{1 + (m^2_a/2)} = \frac{m^2_a}{2 + m^2_a} …(5)

और पढ़ें… मॉडुलन की परिभाषा, प्रकार, आवश्यकता व आयाम मॉडुलेशन व्यंजक प्राप्त कीजिए।

प्रशन-2. आयाम मॉडुलेशन के आधार पर आवृत्ति स्पेक्ट्रम तथा पाशर्व बैण्ड अथवा बैण्ड चौड़ाई को स्पष्ट कीजिए। इनके लिए व्यंजक स्थापित कीजिए।

आयाम मॉडुलेशन के द्वारा पाशर्व बैण्ड व बैण्ड-चौड़ाई

पाशर्व बैंड अथवा बैंड चौड़ाई व्यावहारिक श्रव्य सिग्नल पूर्णतः ज्या या कोज्या वक्रीय नहीं होता है बल्कि उसमें बहुत पास-पास अनेक आवृत्ति अवयव उपस्थित होते हैं अतः इनमें से प्रत्येक मॉडुलक सिग्नल आवृत्ति के संगत वाहक तरंग के दोनों और की पाशर्व बैण्ड आवृतियों (ωc – ωm) तथा (ωc + ωm) का एक जोड़ा प्राप्त होता है। वाहक तरंग के दोनों और पास-पास की आवृत्तियों के इन समूह को ही “पाशर्व बैण्ड” कहते हैं।

अर्थात् वाहक तरंग के उच्च आवृत्ति की और वाले समूह को उच्च पाशर्व बैण्ड कहते हैं। तथा निम्न आवृत्ति की ओर वाले समूह को निम्न पाशर्व बैण्ड कहते हैं। श्रव्य सिग्नल इन्हीं दोनों पाशर्व बैण्डों के अंतर्गत निहित होता है। जैसा कि चित्र-1 में दिखाया गया है।

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आयाम मॉडुलेशन में पाशर्व बैण्ड व बैण्ड-चौड़ाई
आयाम मॉडुलेशन में पाशर्व बैण्ड व बैण्ड-चौड़ाई

यदि श्रव्य सिग्नल दोनों पाशर्व बैण्डों में निहित है अतः आयाम माॅडुलेशन द्वारा प्रसारण अथवा अधिग्रहण के लिए आवश्यक बैंड की चौड़ाई निम्न होती है।
(बैंड की कोणीय चौड़ाई)AM = (ωc + ωm) – (ωc – ωm) = (2ωm)अधिकतम
अथवा (बैंड चौड़ाई)AM या चैनल परास = ( \frac{2ω_m}{2π} )अधिकतम = 2(fm)अधिकतम …(6)

पढ़ें… ट्रांजिस्टर का आयाम माॅडुलेटर के रूप में उपयोग क्यों किया जाता है?

आयाम मॉडुलेशन के द्वारा आवृत्ति स्पेक्ट्रम का व्यंजक

चूंकि हम जानते हैं कि आयाम माॅडुलित तरंग की समीकरण निम्नलिखित होती है।
(ec)AM = Ec(1 + macosωmt)cosωct …(7)
या (ec)AM = Eccosωct + Ecmacosωmtcosωct
या (ec)AM = Eccosωct + \frac{m_aE_c}{2} [cos(ωc + ωm)t + cos(ωc – ωm)t]
अथवा (ec)AM = Eccosωct + \frac{m_aE_c}{2} cos(ωc + ωm)t + \frac{m_aE_c}{2} cos(ωc – ωm)t …(8)

अर्थात् समीकरण (8) से स्पष्ट होता है कि माॅडुलित तरंग में निम्न तीन तरंगों का मिश्रण होता है –

  • Ec आयाम तथा ωc आवृत्ति की वाहक तरंग
  • \frac{m_aE_c}{2} आयाम तथा (ωc + ωm) आवृत्ति की तरंग
  • \frac{m_aE_c}{2} आयाम एवं (ωc – ωm) आवृत्ति की तरंग ।

अर्थात् आवृत्ति (ωc + ωm) को उच्च पाशर्व आवृत्ति व आवृत्ति (ωc – ωm) को निम्न पाशर्व आवृत्ति कहते हैं।

  1. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  2. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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