विकिरण या विकिरण ऊर्जा क्या हैं, इसके प्रमुख गुण बताइए | Radiation in Hindi

विकिरण क्या है

विकिरण ऊर्जा के स्थानान्तरण की वह विधि है जिसमें ऊष्मा के प्रवाह के लिए माध्यम की उपस्थिति की आवश्यक नहीं होती है। सूर्य से ऊष्मा विकिरण द्वारा ही पृथ्वी को प्राप्त होती है। इस प्रकार इसे “विकिरण (Radiation in Hindi)” कहते हैं।

विकिरण ऊर्जा क्या है

प्रत्येक वस्तु अपने ताप के कारण ऊर्जा का उत्सर्जन करती है। इस ऊर्जा को ‘विकिरण-ऊर्जा’ अथवा ‘ऊष्मीय-विकिरण’ कहते हैं।
विकिरण ऊर्जा विद्युत्-चुम्बकीय तरंगों के रूप में प्रकाश की चाल से चलते हैं। इन तरंगों के चलने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
किसी वस्तु से प्रति सेकण्ड उत्सर्जित होने वाली विकिरण ऊर्जा उस वस्तु के पृष्ठ की प्रकृति तथा उसके ताप पर निर्भर करती है। ताप के बढ़ने पर विकिरण ऊर्जा के उत्सर्जन की दर तेजी से बढ़ती है। उच्च ताप पर किसी वस्तु द्वारा उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा में विभिन्न तरंगदैर्ध्य का मिश्रण होता है।

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विकिरण ऊर्जा के गुण

ऊष्मीय-विकिरण व प्रकाश में समरूपता – ऊष्मीय-विकिरण की तरंगें प्रकाश की तरंगों के समान होती हैं। ऊष्मीय विकिरण के मुख्य गुण, जोकि प्रकाश के भी गुण है, जिन्हें इस प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है-

  • “ऊष्मीय-विकिरण प्रकाश के समान निर्वात् में होकर चल सकते हैं।” अर्थात् सूर्य से तथा बल्ब के जलते हुए तन्तु से ऊष्मीय-विकिरण निर्वात् में से होकर आते हैं।
  • “ऊष्मीय-विकिरण प्रकाश के समान सीधी रेखाओं में चलते हैं।” अर्थात् इनके मार्ग में किसी वस्तु के आने पर उसकी छाया बन जाती है।
  • “ऊष्मीय-विकिरण प्रकाश की चाल से चलते हैं।” यही कारण है कि सूर्य-ग्रहण के समय प्रकाश तथा ऊष्मा दोनों एक साथ पृथ्वी पर आने बन्द हो जाते हैं।
  • “ऊष्मीय-विकिरण का परावर्तन प्रकाश के परावर्तन के नियमों के अनुसार होता है।” अर्थात् यदि किसी तप्त वस्तु को अवतल दर्पण के फोकस पर रख दें, तो ऊष्मीय विकिरण दर्पण से परावर्तित होकर समांतर किरण-पुन्जी के रूप में फैल जाते हैं। यही कारण है कि कमरों को गर्म करने वाले वैधुत हीटर में तापक-तार की कुण्डली को एक अवतल दर्पण के फोकस पर रखते हैं।
  • “ऊष्मीय-विकिरण का अपवर्तन प्रकाश के अपवर्तन के नियमों के अनुसार होता है।” इसलिए जब काले कागज को किसी उत्तल लेन्स के फोकस पर रखकर लेन्स पर सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो कागज जल जाता है।
  • “ऊष्मीय-विकिरण जिस माध्यम से होकर जाते हैं उसका ताप नहीं बदलता।” अर्थात् ऊपर वाले प्रयोग में कागज जल उठता है परन्तु स्वयं लेन्स गर्म नहीं होता।
  • “ऊष्मीय-विकिरण व्युत्क्रम-वर्ग-नियम का पालन करते हैं।” अर्थात् किसी बिन्दु पर किसी वस्तु से आने वाले ऊष्मीय विकिरण की तीव्रता वस्तु से उस बिन्दु की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
  • “ऊष्मीय-विकिरण का प्रकाश के समान प्रिज्म द्वारा स्पेक्ट्रम प्राप्त किया जा सकता है।”
  • “ऊष्मीय-विकिरण का प्रकाश के समान ध्रुवण किया जा सकता है।”
  • “ऊष्मीय-विकिरण जिस पृष्ठ पर गिरते हैं, उस पर दाब आरोपित करते हैं।”

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ऊष्मीय-विकिरण के भौतिक महत्व

ऊष्मीय विकिरण के उपरोक्त गुणों से स्पष्ट है कि ऊष्मीय विकिरण व प्रकाश स्वरूप है। जो वास्तव में ऊष्मीय विकिरण एक व्यापक शब्द है जिसमें प्रकाश भी निहित है। हम कह सकते हैं कि प्रकाश वह विकिरण है जो हमारी आंख के रैटिना को प्रभावित करता है। तथा हमें रंगों का आभास कराता है। ऊष्मीय विकिरण व प्रकाश की समरूपता निम्न प्रयोग से और भी स्पष्ट हो जाती है।

यदि हम प्लैटिनम के तार को अंधेरे में ले जाकर उसमें साधारण वैद्युत्-धारा प्रवाहित करें तो तार गर्म हो जाता है। यदि हम एक ताप-वैधुत्-पुन्ज को तार के समीप रखें तो इसके धारामापी में विक्षेप आ जाता है। इससे पता चलता है कि गर्म तार ऊष्मीय विकिरण उत्सर्जित कर रहे हैं। इस दशा में तार ऊष्मीय विकिरण की केवल बड़ी तरंगदैर्ध्य वाली अवरक्त तरंगें देता है, अतः आंख से दिखाई नहीं देता।

अब यदि हम धारा का मान बढ़ाकर तार के ताप को बढ़ाएं तो तार मन्द-लाल होकर चमकने लगता है। इससे पता चलता है कि अब तार दृश्य-प्रकाश की मन्द-लाल तरंगें भी दे रहा है जिसकी तरंगदैर्ध्य अवरक्त तरंगों से कुछ छोटी है। तार का ताप लगातार बढ़ाने पर उसकी चमक चेरी-लाल, फिर नारंगी-लाल, फिर पीली और अन्त में सफेद हो जाती है। इससे पता चलता है कि साधारण ताप पर तार से केवल बड़ी तरंगदैर्ध्य वाली अवरक्त तरंगें ही निकलती है, परन्तु जैसे-जैसे तार का ताप बढ़ता है इसके साथ छोटी तरंगदैर्ध्य वाली प्रकाश तरंगें भी निकलने लगती है। बहुत उच्च ताप पर तार श्वेत-तप्त हो जाता है तथा उससे सभी तरंगें निकलने लगते हैं।

Note – विकिरण ऊर्जा से सम्बन्धित प्रशन परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
Q. 1 विकिरण तथा विकिरण ऊर्जा से आप क्या समझते हैं ? विकिरण ऊर्जा के गुण बताइए ।
Q. 2 विकिरण-ऊर्जा क्या हैं ? इसके प्रमुख गुणों की प्रकाश के गुणों से तुलना कीजिए । तथा इसका भौतिक महत्व भी समझाइए ?
Q. 3 किसी पृष्ठ से उत्सर्जित ऊष्मीय विकिरण की दर किन किन बातों पर निर्भर करती है ?

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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