विकिरण दाब क्या है, परिभाषा व सूत्र ज्ञात कीजिए | Radiation Pressure in Hindi

विकिरण दाब

“जब ऊष्मा विकिरण किसी पृष्ठ पर आपतित होते हैं तब वे उस पृष्ठ पर बहुत कम परन्तु एक निश्चित दाब आरोपित करते हैं। किसी पृष्ठ पर आपतित ऊष्मा विकिरणों द्वारा उस पृष्ठ पर आपतित दाब को ‘विकिरण दाब’ (Radiation Pressure in Hindi) कहते हैं।”
या दूसरे शब्दों में हम इस प्रकार कह सकते हैं कि “जब पृष्ठ पर विकिरण लम्बवत् आपतित होता है, तो पृष्ठ पर आरोपित दाब विकिरण दाब कहलाता है।”

1.लम्बवत् आपतित विकिरण के कारण पृष्ठ पर दाब

माना एक समतल पृष्ठ जिसका क्षेत्रफल S है विकिरण पुंज के पथ में इस प्रकार रखा है कि विकिरण उस पर लम्बवत् आपतित होता हुआ माना जा सकता है। जैसा की चित्र में दिखाया गया है।

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विकिरण दाब
विकिरण दाब

अर्थात् माना कि विकिरणों का ऊर्जा-घनत्व u है यदि इस क्षेत्रफल पर प्रकाश के वेग c के बराबर लम्बाई का तथा विकिरण की दिशा में अक्ष का एक बेलन लें, तो उसमें संचित ऊर्जा cSu होगी । यह ऊर्जा प्रति सेकंड फलक Q में होकर बाहर निकल जाएगी।
W = cSu
अतः विद्युत्-चुम्बकीय सिद्धान्त के अनुसार, ऊर्जा W से सम्बध्द संवेग,
P = \frac{W}{c} = \frac{cSu}{c}
या P = Su
यदि पृष्ठ पर आपतित सभी विकिरणों का अवशोषण हो जाता है, तो पृष्ठ को प्रति सेकंड प्राप्त संवेग Su होगा।
तथा पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल को प्राप्त संवेग,
P = \frac{Su}{S} = u
अर्थात् विकिरणों द्वारा पृष्ठ पर आरोपित दाब,
\footnotesize \boxed{ P = u }

“यही पृष्ठ पर लम्बवत् आपतित विकिरण पुंज द्वारा आरोपित दाब का व्यंजक होगा। अतः इस प्रकार, किसी पृष्ठ पर अभिलम्ब आयतन के लिए विकिरण का दाब ऊर्जा घनत्व के बराबर होता है।”
यदि विकिरण पुंज की तीव्रता I हो, तो स्पष्ट है कि
I = \frac{W}{S} = \frac{cSu}{S} = cu
अतः ऊर्जा-घनत्व, u = \frac{I}{c}
तथा दाब P = \frac{I}{c}

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2.विसरित विकिरण के कारण पृष्ठ पर दाब

माना कि विकिरण किसी समतल पृष्ठ QR पर अभिलम्ब से θ कोण बनाते हुए आपतित हो रहे हैं। पृष्ठ QR का क्षेत्रफल S है। विकिरण का ऊर्जा-घनत्व u है। तथा विकिरण की चाल c है। माना कि विकिरण पुंज के लम्बवत् एक पृष्ठ QM है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

विसरित विकिरण दाब
विसरित विकिरण दाब

अतः चित्र से स्पष्ट है कि पृष्ठ का क्षेत्रफल = S cosθ
अर्थात् प्रति एक सेकंड में पृष्ठ QM से गुजरने वाले विकिरण परिच्छेद क्षेत्रफल S cosθ तथा लंबाई c से मिलकर पृष्ठ के भीतर उपस्थित होंगे। अर्थात् आयतन cS cosθ के सिलिण्डर के भीतर उपस्थित होते हैं।
चूंकि विकिरण का ऊर्जा घनत्व u है अतः इस सिलिण्डर के अन्दर विकिरण ऊर्जा की मात्रा ucS cosθ होगी।
अतः इस प्रकार, पृष्ठ QM से प्रति सेकंड गुजरने वाली विकिरण ऊर्जा की मात्रा = ucS cosθ
चूंकि पृष्ठ QM से गुजरने वाली विकिरण ऊर्जा पृष्ठ QR पर भी आपतित होती है। अतः पृष्ठ QR पर प्रति सेकंड आपतित विकिरण ऊर्जा की मात्रा = ucS cosθ
अतः पृष्ठ QR के एकांक क्षेत्रफल पर प्रति सेकंड आपतित विकिरण ऊर्जा की मात्रा
W = \frac{ucS cosθ}{S} = uc cosθ
अतः पृष्ठ QR के एकांक क्षेत्रफल पर प्रति सेकंड लगने वाला संवेग
P = \frac{W}{c} = \frac{uc cosθ}{c}
या P = u cosθ
अतः पृष्ठ QR के एकांक क्षेत्रफल पर लम्बवत् लगने वाला संवेग
P = (u cosθ) cosθ = u cos2θ
अतः पृष्ठ QR पर लगने वाला दाब, P = u cos2θ
अब विसरित विकिरण के कारण पृष्ठ QR पर दाब,
\footnotesize \boxed{ P = u cos^2θ } ….(1)
यहां u cos2θ, θ के सभी मानों के लिए cos2θ के औसत को व्यक्त करता है। अतः cos2θ का मान ज्ञात करने के लिए हम पृष्ठ QR पर r त्रिज्या के एक अर्ध्दगोले की कल्पना करते हैं। जैसा की चित्र में दर्शाया गया है।

विसरित विकिरण दाब
विसरित विकिरण दाब

यदि पृष्ठ QR पर आपतित होने वाले विकिरण इस अर्ध्दगोले की सतह पर एक समान रूप से वितरित है। अब हम केवल उस विकिरण पर विचार करते है, जो अर्ध्दगोले के केन्द्र O पर θ व θ + dθ दिशाओं के बीच आपतित होते हैं। तब θ व θ + dθ कोणों के बीच के विकिरण को प्राप्त करने वाले अर्ध्दगोले के विभाग का पृष्ठ क्षेत्रफल
= OM को अक्ष तथा O को शीर्ष मानकर O से खींचे गए θ व θ + dθ अर्ध्दशीर्ष कोणों के शंकुओं के द्वारा अर्ध्दगोले के पृष्ठ पर बनी रिंग का क्षेत्रफल
= त्रिज्या r sinθ तथा मोटाई rdθ की रिंग का पृष्ठ क्षेत्रफल
= रिंग की परिधि × रिंग की मोटाई
= 2πr sinθ × rdθ
तो, अर्ध्दगोले के पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πr2 sinθ dθ
अतः θ व θ + dθ कोणों के बीच O पर आपतित होने वाले विकिरण द्वारा O पर आन्तरिक घनकोण अर्थात् रिंग द्वारा O पर आन्तरिक घनकोण
dW = \frac{2πr^2 sinθ dθ}{r^2}
dW = 2π sinθ dθ
अतः सभी दिशाओं से पृष्ठ QR पर आपतित होने वाले विकिरणों के लिए cos2θ का औसत मान
cos2θ = \frac{ \int^{π/2}_{0} cos^2θ dW}{ \int^{π/2}_{0} dW}
cos2θ = \frac{ \int^{π/2}_{0} cos^2θ × 2π sinθ dθ}{ \int^{π/2}_{0} 2π sinθ dθ}
अथवा
cos2θ = \frac{ [- \frac{cos^2θ}{3}]^{π/2}_{0} }{ [1 - cosθ]^{π/2}_{0} }
या cos2θ = \frac{1}{3}
अतः समीकरण (1) में cos2θ का मान रखने पर,
अब विसरित विकिरण के कारण पृष्ठ QR पर दाब,
P = u × \frac{1}{3}
अथवा
\footnotesize \boxed{ P = \frac{u}{3} } ….(2)
या विसरित विकिरण का दाब = \frac{1}{3} × कुल ऊर्जा-घनत्व

अर्थात् विसरित विकिरण के कारण किसी पृष्ठ पर दाब, ऊर्जा-घनत्व के एक-तिहाई के बराबर होता है।

Note – विकिरण दाब से सम्बन्धित प्रशन परिक्षाओं में पूछें जाते हैं।
Q. 1 विकिरण दाब से आप क्या समझते हैं ?
(1).सिद्ध कीजिए कि लम्बवत् आयतन के लिए विकिरण का दाब ऊर्जा-घनत्व के बराबर होता है ?
(2).सिद्ध कीजिए कि किसी कृष्णिका कोष्ठ में उपस्थित विकिरण का दाब उसके सम्पूर्ण ऊर्जा-घनत्व के एक-तिहाई के बराबर होता है ?
Q. 2 सिद्ध कीजिए कि किसी कोटर में बन्द विसरित विकिरण कोटर की दीवार पर ऊर्जा घनत्व के एक तिहाई के बराबर दाब आरोपित करता है ?
Q. 3 विकिरण दाब क्या है ? दर्शाइए कि लम्बवत् आयतन के लिए विकिरण दाब ऊर्जा घनत्व के बराबर होता है ?

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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