समानीत द्रव्यमान क्या है, एक स्प्रिंग के दोलनों की आवृत्ति का सूत्र ज्ञात कीजिए | Reduced mass in Hindi

समानीत द्रव्यमान क्या है इसके बारे में हम पड़ चुके होंगे, तथा इसमें हम समानीत द्रव्यमान की आवर्ती के सूत्र के बारे में संक्षेप में अध्ययन करेंगे।
ध्यान दें – समानीत द्रव्यमान या सामान्य द्रव्यमान दोनों एक ही बात है कहीं – कहीं कुछ प्रश्नों में समानीत द्रव्यमान लिखा होता है तो कहीं समान्य द्रव्यमान ।

समानीत द्रव्यमान

किसी वस्तु या निकाय के केंद्र बिंदुओं पर दो पिंडों को एक स्प्रिंग के द्वारा दो सिरों से बांध दिया जाता है। तथा उसमें बल स्थरांक द्वारा दिया गया वस्तु के द्रव्यमान को “समानीत द्रव्यमान या सामान्य द्रव्यमान” कहते हैं।

1. दो क्षैतिज स्प्रिंगों से जुड़े पिण्ड की गति

माना m1 तथा m2 द्रव्यमानों के दो पिण्डों को एक स्प्रिंग के दो सिरों से बांध दिया गया है। जिसका बल स्थिरांक C है। यदि पिण्डों को खींच कर छोड़ दिया जाए, तो किसी क्षण पर कुल विस्थापन,
x = x1 + x2 ….(1)

समानीत द्रव्यमान
समानीत द्रव्यमान

यहां x1, x2, m1, m2 द्रव्यमान के पिण्डों का विस्थापन है, तब दोनों पिण्डों की गति के समीकरण निम्न होंगे।

m1 \frac{d^2x_1}{dt^2} = – Cx
तथा m2 \frac{d^2x_2}{dt^2} = – Cx ….(2)

समीकरण (1) से,
\frac{d^2x}{dt^2} = \frac{d^2x_1}{dt^2} + \frac{d^2x_2}{dt^2}

तथा समीकरण (2) से \frac{d^2x_1}{dt^2} तथा \frac{d^2x_2}{dt^2} के मान रखने पर,

\frac{d^2x}{dt^2} = – \frac{C}{m_1} x – \frac{C}{m_2} x

\frac{d^2x}{dt^2} = – C( \frac{1}{m_1} + \frac{1}{m_2} )x

\frac{d^2x}{dt^2} = – C[ \frac{m_1 + m_2}{m_1m_2} ]x ….(3)
या \frac{d^2x}{dt^2} = – \frac{C}{µ} x

यहां µ = \frac{(m_1m_2)}{(m_1 + m_2)} दोनों पिण्डों का समानीत द्रव्यमान कहलाता है।
\frac{d^2x}{dt^2} + \frac{C}{µ} x = 0 ….(4)

यह समीकरण सरल आवर्त गति करने वाले दोलक का समीकरण है। जिसका द्रव्यमान µ तथा बल स्थिरांक C है। माना यदि दोनों पिण्डों का द्रव्यमान m1 तथा m2 एक ही सीधी रेखा में सरल आवर्त गति करते हैं। तथा दोनों का आवर्तकाल समान होता है। अर्थात्

T = 2π \sqrt{ \frac{(µ)}{C}} ….(5)

किसी भी समय पर x1 तथा x2 विपरीत दिशाओं में होते हैं। जिससे दोनों की गतियों में π कलान्तर होता है। जब m1 व m2 कम्पन करते हैं। तो द्रव्यमान केन्द्र स्थिर रहता है। इस प्रकार दोलक की आवृत्ति (n),

n = \frac{1}{T}

या \footnotesize \boxed{ n = \frac{1}{2π} \sqrt{ \frac{C}{µ}} } ….(6)

अता “यह समीकरण समानीत द्रव्यमान की दोलक की आवृत्ति (n) का व्यांजक कहलाता है।”

और पढ़ें.. सरल आवर्त गति क्या है

2. द्विपिण्ड आवर्ती दोलित्र

द्वि-परमाणुक अणु एक द्विपिण्ड आवर्ती दोलित्र का उदाहरण है जिसमें दोनों परम आन्तरिक बलों द्वारा बंधे रहते हैं। ये बन्ध प्रत्यास्थ स्प्रिंग जैसा कार्य करते हैं। अथवा परमाणुओं के बीच कार्य करने वाला बल
F = – \frac{dv}{dx} या dv = – F dx
इसलिए, समाकलन करने पर,
V = – \int F dx
{चूंकि F = – Cx } तब इसका मान रखने पर,
V = \int Cx dx
V = \frac{1}{2} Cx2 + A
जब परमाणुओं के बीच अनन्त दूरी होती है तब स्थितिज ऊर्जा को शून्य माना जाता है। साम्यावस्था में अणुओं की स्थितिज ऊर्जा – V0 ली जाती है। अतः जब x = 0 तब r = r, V = – V0 अथवा A = – V0 रखने पर, अतः
V = – V0 + \frac{1}{2} Kx2
अर्थात्
V = – V0 + \frac{1}{2} K(r – r0)2
यह एक परवलय का समीकरण है अतः द्विपरमाणुक अणु का स्थितिज ऊर्जा वक्र परवलय जैसा होता है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

आवर्ती दोलित्र

बिन्दुमय वक्र से विचलन के दो कारण हैं –
(1). अधिक आयाम के दोलनों का होना,
(2). द्रव्यमान केन्द्र के परितः अणु का घूर्णन।
परन्तु तली के निकट वक्र परवलयाकार होता है ।
अतः निष्कर्ष निकलता है कि साम्य स्थिति r0 के परितः कम आयाम के लिए द्वि-परमाणुक अणु, द्विपिण्ड आवर्ती दोलित्र की तरह दोलन करता है जिसकी स्वाभाविक आवृत्ति V0 = \frac{1}{2π} \frac{ \sqrt{C}}{µ} होती है यहां µ दोनों परमाणुओं का समानीत द्रव्यमान है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न –
Q. 1 सामान्य द्रव्यमान किसे कहते हैं। सिद्ध करो कि एक द्रव्यमान रहित स्प्रिंग द्वारा सम्बन्धित दो कणों के दोलन सरल आवर्त गति में हैं। इन दोलनों की आवृत्ति क्या होगी?
Q. 2 समानीत द्रव्यमान क्या है। सिद्ध करो कि एक स्प्रिंग द्वारा दो कणों के दोलन एक सरल आवर्त गति में है इन दोलनों की आवृत्ति का सूत्र स्थापित कीजिए?

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