सौर ऊष्मांक क्या है, स्टीफन नियम से सूर्य का ताप ज्ञात कीजिए | solar heat in Hindi

सौर ऊष्मांक

सौर ऊष्मांक, सौर ऊर्जा की वह मात्रा है जो सूर्य की किरणों के लम्बवत् तथा सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी पर रखे गये कृष्ण पिण्ड के एकांक पृष्ठ क्षेत्रफल द्वारा एक मिनट में प्राप्त की जाती है, जबकि यह माना जाये कि वायुमण्डल अनुपस्थित है।
सौर ऊष्मांक का मान लगभग 2 कैलोरी प्रति सेंटीमीटर2 प्रति मिनट है।

और पढ़े… आदर्श कृष्णिका क्या है? फेरी व वीन की कृष्णिका (Blackbody Radiation in Hindi)

सूर्य का ताप ज्ञात करना

माना कि सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी R है तथा सौर ऊष्मांक S है। तब प्रति मिनट R त्रिज्या के गोले द्वारा प्राप्त विकिरण ऊर्जा की मात्रा
= 4πR2 × S
माना कि सूर्य की त्रिज्या r है तथा इसकी सम्पूर्ण उत्सर्जन क्षमता E है, तब प्रति मिनट सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरण उर्जा की मात्रा
= 4πr2E × 60
4πr2E × 60 = 4πR2S
अर्थात्
E = ( \frac{R}{r} )2 × \frac{S}{60} ….(1)
माना कि सूर्य का ताप T है। तब स्टीफन के नियम के अनुसार,
E = σT4 ….(2)
यहां σ स्टीफन नियतांक है
अतः समीकरण (1) व (2) की तुलना करने पर,
σT4 = ( \frac{R}{r} )2 × \frac{S}{60}
अथवा
T = [ ( \frac{R}{r} )2 × \frac{S}{60} × \frac{1}{σ} ]1/4 ….(3)

अर्थात् उपर्युक्त सूत्र से सूर्य के ताप की गणना की जा सकती है।

पढे़… विकिरण संबंधी किरचॉफ का नियम क्या है? (kirchhoff’s Radiation Law in Hindi)

पढे़… विकिरण संबंधी स्टीफन का नियम क्या है? (Stefan’s Law of Radiation in Hindi)

Note – दूसरी विधि (सूर्य के ताप को इस प्रकार भी ज्ञात किया जा सकता है।)

स्टीफन नियम द्वारा सूर्य का ताप ज्ञात करना

सूर्य की केन्द्रीय क्रोड ( का ताप 107K की कोटि का होता है।) के चारों और मोटी कोश होती है, जिसे प्रकाश-मण्डल कहते हैं। यहां हम इस प्रकाश-मंडल के ताप के लिए ही सूत्र प्राप्त करेंगे।

माना कि सूर्य कृष्णिका की भांति विकिरण उत्पन्न करता है। यदि सूर्य के पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकण्ड उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा की मात्रा E है, तो एक मिनट में सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा की सम्पूर्ण मात्रा = 4πR2 × E × 60
यहां R सूर्य की त्रिज्या है।
अर्थात् सम्पूर्ण विकिरण एक समान रूप से सभी दिशाओं में फैल जाते हैं। यदि सूर्य और पृथ्वी के बीच की औसत दूरी r लें, तो यह विकिरण 4πr2 क्षेत्रफल में फैल जाएगी। जो कि r त्रिज्या के गोले का क्षेत्रफल है।
इस गोले के एकांक क्षेत्रफल पर प्रति मिनट गिर रहे विकिरणों की मात्रा
= \frac{4πR^2 E × 60}{4πr^2}
परन्तु परिभाषा से यह सौर नियतांक S है। अतः
S = \frac{60 × 4πR^2 E}{4πr^2}
या S = \frac{60R^2 E}{r^2}
यदि सूर्य का ताप T हो, तो इससे विकरित ऊर्जा,
E = σT4
तब
S = \frac{60R^2 σT^4}{r^2}
अतः सूर्य का ताप,

\footnotesize \boxed{ T = [ \frac{Sr^2}{60R^2σ} ]^{1/4} }

Note – सम्बन्धित प्रशन –
Q. 1 सौर ऊष्मांक की परिभाषा दीजिए ? इसके मान से सूर्य के ताप का आकलन किस प्रकार किया जाता है ?
Q. 2 स्टीफन के नियम का प्रयोग सूर्य का ताप ज्ञात करने में किस प्रकार होता है ?
Q. 3 सौर ऊष्मांक क्या है ? स्टीफन नियम द्वारा सूर्य का ताप ज्ञात कीजिए ।

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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