स्टीफन नियतांक की प्रयोगशाला विधि क्या है | Stefan’s constant value in Hindi

स्टीफन नियतांक की प्रयोगशाला विधि

प्रयोगशाला में स्टीफन नियतांक σ को ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त उपकरण को प्रयोग में लाया जाता है। तथा प्रयुक्त उपकरण में धातु का बना अर्ध्दगोला लिया जाता है जिसमें अन्दर के पृष्ठ पर काली पॉलिश करके लकड़ी के एक बॉक्स में रख दिया जाता है, जिसका सम्पर्क एक टिन के बर्तन से होता है जो इसमें गर्म भाप प्रवाहित करता है। जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।

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स्टीफन नियतांक की विधि
स्टीफन नियतांक की प्रयोगशाला विधि

इसमें दो सुग्राही थर्मामीटर स्थायी अवस्था में ताप T1 तथा T2 को मापते हैं। अर्ध्दगोलों को एक प्लेटफार्म MN पर सममित रूप से रखा जाता है जिसके बीच में एक छिद्र होता हैं। तथा छिद्र में एक तापयुग्म तापमापी लगा दिया जाता है।
जब अर्ध्दगोलें में गर्म वाष्प भेजी जाती है, तो अर्ध्दगोला और भी गर्म हो जाता है। तथा यह एक कृष्णिका की तरह कार्य करता है तथा उत्सर्जित विकिरणों को चकती P अवशोषित करता है जिससे इसके ताप में वृद्धि हो जाती है। यदि स्थायी अवस्था में अर्ध्दगोले का ताप T1 हो तथा चकती P का ताप T0 हो, तब स्टीफन बोल्ट्जमैन नियम के अनुसार, डिस्क द्वारा प्रति सेकण्ड अवशोषित ऊर्जा,
EM = σ(T41 – T40)4 जूल
यदि M डिस्क P का क्षेत्रफल है।

या EM = \frac{σ(T^4_1 - T^4_0)^4}{T} K कैलोरी

यदि डिस्क का द्रव्यमान M तथा विशिष्ट ऊष्मा C हो, तो
MC \frac{dT}{dt} = \frac{σ(T^4_1 - T^4_0)^4}{J}

अथवा
σ = \frac{JMC}{M(T^4_1 - T^4_0)^4} \frac{dT}{dt} वाट मीटर2K-1 …(1)
अर्थात् \frac{dT}{dt} का मान निम्न प्रकार ज्ञात कर लेते हैं।

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स्टीफन नियतांक का मान

सर्वप्रथम ताप युग्म तापमापी के लिए एक संशोधित वक्र खींच लेते हैं जो ताप T तथा गैल्वेनोमीटर G के विक्षेप के बीच होता है।
डिस्क को छिद्र से बाहर करके कक्ष W में गर्म वाष्प भेजते हैं। तथा ताप के स्थायी हो जाने पर डिस्क को पुनः अपनी जगह समंजित कर देते हैं तथा इसके में वृद्धि होने लगती है। तथा धारामापी के विक्षेप में वृद्धि होने लगती है। समय t के सापेक्ष विक्षेप θ को ज्ञात करने के लिए वक्र खींचते हैं तथा इसकी ढाल ज्ञात कर लेते हैं जिससे dθ/dt का परिकलन कर लेते हैं। जैसा कि इन वक्रों में दिखाया गया है।

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स्टीफन नियतांक
स्टीफन नियतांक का मान

अर्थात्
\frac{dT}{dt} = \frac{dT}{dθ} \frac{dθ}{dt} ….(2)

अतः इस प्रकार, \frac{dT}{dt} से ज्ञात करके समीकरण (1) की सहायता से स्टीफन नियतांक का मान ज्ञात हो जाता है।

Note – सम्बन्धित प्रशन –
Q. 1 स्टीफन नियतांक का प्रायोगिक निर्धारण कैसे करते हैं ? समझाइए ।
Q. 2 स्टीफन नियतांक का मान क्या है ? इसे किस प्रकार सिद्ध किया जाता है।

  1. अणुगति एवं ऊष्मागतिकी नोट्स (Kinetic Theory and Thermodynamics)
  2. यान्त्रिकी एवं तरंग गति नोट्स (Mechanics and Wave Motion)
  3. मौलिक परिपथ एवं आधारभूत इलेक्ट्रॉनिक्स नोट्स (Circuit Fundamental and Basic Electronics)
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