ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम क्या है, परिभाषा, सूत्र | Third Law of Thermodynamics in Hindi

ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम

जैसा कि हम पहले पढ़ चुके हैं कि ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम केवल दो साम्यवस्थाओं के बीच एण्ट्रॉपी में अंतर व्यक्त करता है। किसी विशेष साम्यव्यवस्था में एण्ट्रॉपी का परम मान बताने के लिए एक ऐसा निर्देश बिन्दु लेना होगा, जहां एन्ट्रॉपी शून्य हो। तथा ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार ऐसा निर्देश बिन्दु प्राप्त करना जहां एण्ट्रॉपी शून्य हो, असंभव है। अर्थात् अवस्था तथा एण्ट्रॉपी के आधार पर सन् 1905 में नेन्सर्ट ने एक नियम दिया, जिसे ‘नेन्सर्ट की ऊष्मा प्रमेय’ या ‘ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम’ कहते हैं। इसके अनुसार,

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“यदि निकाय परम शून्य ताप पर है, तो इसकी एण्ट्रॉपी एक सार्वत्रिक नियतांक होती है तथा सुविधा के लिए इसे शून्य माना जाता है।”
नेन्सर्ट के अनुसार, “परम शून्य ताप पर संघनित निकाय में सभी क्रियाएं एण्ट्रॉपी में बिना परिवर्तन के होती हैं।”
फाउलर और गुगेनह्मइम के अनुसार, “कोई भी विधि चाहे वह कितनी भी आदर्श क्यों न हो, उसके द्वारा किसी निकाय को सीमित प्रचालनों द्वारा परम शून्य ताप पर लाना असम्भव है।”
अर्थात् इस नियम को दूसरे शब्दों में इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं –
“परम शून्य ताप पर निकाय की सभी क्रियाएं एण्ट्रॉपी में बिना कुछ परिवर्तन किये होती हैं।
दूसरे शब्दों में, यदि निकाय परम शून्य ताप पर है, तो इसकी एण्ट्रॉपी एक सार्वत्रिक नियतांक होती है जिसे शून्य माना जा सकता है। इसे ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम कहते हैं।”

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ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम का व्यंजक

यदि T1 व T2 परम ताप पर निकाय की दो अवस्थाओं में एण्ट्रॉपी क्रमशः S1 व S2 हो, तो ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम से एण्ट्रॉपी में अन्तर
S2 – S1 = \int^{T_2}_{T_1} …(1)
अब यदि T1 = 0K हो, तो
S2 = \int^{T_2}_0 \frac{dQ}{T} …(2)
उपर्युक्त समीकरण द्वारा ताप T2 पर निकाय की एण्ट्रॉपी ज्ञात कर सकते हैं। अब यदि T2 = 0K हो, तो S2 = 0
अतः समीकरण (1) ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम का गणितीय रूप है।
अर्थात् प्रयोगों द्वारा पाया जाता है कि कोई भी विधि चाहे वह कितनी भी आदर्श क्यों न हो उसके द्वारा किसी निकाय की सीमित प्रचालकों द्वारा परम शून्य ताप पर लाना असम्भव है।

Note – सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं।
Q. 1 ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम क्या है ? समझाइए।
Q. 2 ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम को समझाइए ? तथा वैज्ञानिक ने इस नियम को किस प्रकार सिद्ध किया था ?

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