Top 50 Physics Objective Questions and Answers in Hindi | B.Sc. I, Physics III book-Unit 2

Top 50 Physics Objective Questions and Answers in Hindi

Q.1 अर्द्ध-चालकों में फोरबिडन ऊर्जा अन्तराल-

(a) संयोजी बैण्ड के ठीक नीचे होता है
(b) चालक बैण्ड के ऊपर होता है
(c) संयोजी बैण्ड व चालक बैण्ड के बीच में होता है
(d) संयोजी बैण्ड को ही कहते हैं

Ans. (c) संयोजी बैण्ड व चालक बैण्ड के बीच में होता है

Q.2 एक अर्द्ध-चालक में यह आबन्ध तोड़ने के लिए आवश्यक ऊर्जा होती है-

(a) सदैव 1 eV
(b) अर्द्ध-चालक के वर्जित ऊर्जा अन्तराल के बराबर
(c) फर्मी ऊर्जा से कम
(d) फर्मी ऊर्जा के बराबर

Ans. (b) अर्द्ध-चालक के वर्जित ऊर्जा अन्तराल के बराबर

Q.3 शुद्ध अर्द्ध-चालक का ताप घटाने पर-

(a) अर्द्ध-चालक का प्रतिरोध घटता है
(b) अर्द्ध-चालक की चालकता बढ़ती है
(c) अर्द्ध-चालक की चालकता घटती है
(d) चालन बैण्ड में होल उत्पन्न हो जाते हैं

Ans. (c) अर्द्ध-चालक की चालकता घटती है

Q.4 शुद्ध अर्द्ध-चालक का ताप बढ़ाने पर-

(a) अर्द्ध-चालक की चालकता बढ़ जाती है
(b) चालन बैण्ड में होल उत्पन्न हो जाते हैं
(c) संयोजी बैण्ड में इलेक्ट्रॉन उत्पन्न हो जाते हैं
(d) अर्द्ध-चालक की चालकता घट जाती है

Ans. (a) अर्द्ध-चालक की चालकता बढ़ जाती है

Q.5 अर्द्ध तरंग दिष्टकारी की दक्षता है-

(a) 40.6%
(b) 100%
(c) 50%
(d) 81.2%

Ans. (a) 40.6%

Q.6 पूर्ण तरंग दिष्टकारी की दक्षता है-

(a) 40.6%
(b) 100%
(c) 50%
(d) 81.2%

Ans. (d) 81.2%

Q.7 वोल्टेज नियमन श्रेष्ठ होता है-

(a) L-सेक्शन फिल्टर में
(b) π-सेक्शन फिल्टर में
(c) शण्ट धारिता फिल्टर में
(d) श्रेणी प्रेरकत्व फिल्टर में

Ans. (a) L-सेक्शन फिल्टर में

Q.8 प्रति एकांक वैद्युत क्षेत्र के लिए अनुगमन वेग कहलाता है-

(a) प्रतिरोधकता
(b) चालकता
(c) गतिशीलता
(d) धारा घनत्व

Ans. (c) गतिशीलता

Q.9 जब जर्मेनियम में फास्फोरस मिलाया जाता है तो बनता है-

(a) P-टाइप अर्द्ध-चालक
(b) N-टाइप अर्ध-चालक
(c) चालक
(d) कुचालक

Ans. (b) N-टाइप अर्ध-चालक

Q.10 अग्र अभिनति P-N संधि डायोड में संधि प्रतिरोध का मान-

(a) कम होता है
(b) अधिक होता है
(c) अनंत होता है
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) कम होता है

Q.11 सेतु दिष्टकारी में प्रयुक्त डायोड की संख्या होती है-

(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) चार

Ans. (d) चार

Q.12 पूर्ण तरंग दिष्टकारी को अर्द्ध-तरंग दिष्टकारी से अच्छा माना जाता है इस अंतर के साथ-

(a) आवृत्ति
(b) बाह्य लेवल
(c) रिपिल्स
(d) संरचना

Ans. (c) रिपिल्स

Q.13 किसी जेनर डायोड को वोल्टेज रेगुलेशन के लिए सदैव प्रयुक्त किया जाता है-

(a) अग्र अभिनति में
(b) पश्च (या उत्क्रम) अभिनति में
(c) दिष्टकारी की तरह
(d) स्विच की तरह

Ans. (b) पश्च (या उत्क्रम) अभिनति में

Q.14 एक उत्क्रम अभिनति p-n संधि डायोड में विद्युत धारा नापी जाती है-

(a) एम्पियर में
(b) मिली एम्पियर में
(c) माइक्रो एम्पियर में
(d) बोल्ट में

Ans. (c) माइक्रो एम्पियर में

Q.15 p-n संधि डायोड के अनुदिश लीकेज धारा का कारण है-

(a) अल्पसंख्यक आवेश वाहक
(b) बहुसंख्यक आवेश वाहक
(c) सन्धि धारिता
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) अल्पसंख्यक आवेश वाहक

Q.16 दिष्ट-धारा के अवयवों के पथ में न्यूनतम प्रतिबाधा लगता है-

(a) संधारित्र
(b) प्रेरकत्व
(c) प्रतिरोध
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) प्रेरकत्व

Q.17 P-N सन्धि डायोड व्यवहार करता है-

(a) अर्द्ध-तरंग दिष्टकारी की तरह
(b) पूर्ण-तरंग दिष्टकारी की तरह
(c) उपर्युक्त (a) तथा (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) अर्द्ध-तरंग दिष्टकारी की तरह

Q.18 यदि सन्धि डायोड में अग्र वोल्टेज को बढ़ाया जाए तो अवक्षय परत की मोटाई-

(a) बढ़ती है
(b) अपरिवर्तित रहती है
(c) घटती है
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) घटती है

Q.19 पूर्ण-तरंग ब्रिज-रेक्टिफायर में अर्द्ध-चालक डायोड होते हैं-

(a) दो
(b) एक
(c) चार
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) चार

Q.20 एक p-टाइप अर्द्ध-चालक का उदाहरण है-

(a) शुद्ध जर्मेनियम
(b) शुद्ध सिलिकॉन
(c) आर्सेनिक में अपमिश्रित सिलिकॉन
(d) बोरोन में अपमिश्रित सिलिकॉन

Ans. (d) बोरोन में अपमिश्रित सिलिकॉन

Q.21 जब जर्मेनियम में इण्डियन अपमिश्रित किया जाता है तो अपमिश्रिण बन जाता है-

(a) p-प्रकार का अर्द्ध-चालक
(b) n-प्रकार का अर्द्ध-चालक
(c) एक कुचालक
(d) एक फोटो ट्रांजिस्टर

Ans. (a) p-प्रकार का अर्द्ध-चालक

Q.22 P-प्रकार का अर्द्ध-चालक है-

(a) धनात्मक आवेश
(b) ऋणात्मक आवेश
(c) वैद्युत उदासीन
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) वैद्युत उदासीन

Q.23 किसी p-प्रकार के क्रिस्टल में अधिक होते हैं-

(a) इलेक्ट्रॉन
(b) कोटर (हॉल)
(c) प्रोटॉन
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) कोटर (हॉल)

Q.24 अत्यधिक उत्क्रम वोल्टेज से संधि डायोड में घटित होता है-

(a) पंचर
(b) संतृप्तता
(c) विसरण
(d) ऐवेलांश भंजन

Ans. (d) ऐवेलांश भंजन

Q.25 कमरे के सामान्य ताप पर Ge डायोड के लिए विभव प्राचीर का मान है-

(a) 0.3 V
(b) 0.2 V
(c) 0.7 V
(d) 0.4 V

Ans. (a) 0.3 V

Q.26 जब किसी डायोड में अधिक मात्रा में अशुद्धि मिलाई जाती है तो-

(a) जेनर वोल्टेज घट जाता है
(b) ऐवेलांशी वोल्टेज बढ़ जाता है
(c) अवक्षय पर्त पतली हो जाती है
(d) लीकेज धारा घट जाती है

Ans. (b) ऐवेलांशी वोल्टेज बढ़ जाता है

Q.27 दिष्टकारी के साथ फिल्टर परिपथ प्रयुक्त करने से-

(a) ऊर्मिका घटक बढ़ जाता है
(b) ऊर्मिका घटक घट जाता है
(c) ऊर्मिका घटक अपरिवर्तित रहता है
(d) वोल्टेज नियमन बिगड़ जाता है

Ans. (b) ऊर्मिका घटक घट जाता है

Q.28 एक नैज (शुद्ध) अर्द्ध-चालक का ताप बढ़ाने पर-

(a) अर्द्ध-चालक का प्रतिरोध बढ़ता है
(b) अर्द्ध-चालक की चालकता घटती हैं
(c) चालन बैण्ड में कोटर (हॉल) उत्पन्न हो जाते हैं
(d) अर्द्ध-चालक की चालकता बढ़ती है

Ans. (d) अर्द्ध-चालक की चालकता बढ़ती है

Q.29 ग्राही अशुद्धि –

(a) द्वारा इलेक्ट्रॉन उत्पन्न होते हैं
(b) जर्मेनियम में मिलाई जा सकती है परन्तु सिलिकॉन में नहीं
(c) केवल पांच संयोजी होने चाहिए
(d) केवल त्रि-संयोजी होनी चाहिए

Ans. (d) केवल त्रि-संयोजी होनी चाहिए

Q.30 इण्ट्रेंजिक अर्द्ध-चालक का परम शून्य तापक्रम पर व्यवहार-

(a) कुचालक की भांति होता है
(b) होलों के समूह की भांति होता है
(c) कुछ इलेक्ट्रॉन तथा कुछ हॉल वाले पदार्थ की भांति होता है
(d) धातु चालक की भांति होता है

Ans. (a) कुचालक की भांति होता है

Q.31 आन्तर अर्द्ध-चालक में आवेश वाहको की सान्द्रता ni परम ताप T पर निर्भर करती है-

(a) ni ∝ T
(b) ni ∝ T2
(c) ni ∝ T3/2
(d) ni ∝ 1/T

Ans. (c) ni ∝ T3/2

Q.32 जब किसी अर्द्ध-चालक की चालकता केवल सह-संयोजी बन्ध के टूटने के कारण होती है तो उसे कहते हैं-

(a) ग्राही
(b) दाता
(c) शुद्ध या अन्तः
(d) अशुद्ध या बाह्य

Ans. (c) शुद्ध या अन्तः

Q.33 ताप वृद्धि के साथ नैज अर्द्ध-चालक की वैद्युत चालकता-

(a) बढ़ती है
(b) घटती है
(c) पहले बढ़ती है, फिर घटती है
(d) पहले घटती है, फिर बढ़ती है

Ans. (a) बढ़ती है

Q.34 0K ताप पर शुद्ध अर्द्ध-चालक पदार्थ होगा-

(a) चालक
(b) एक प्रतिरोध
(c) एक कुचालक
(d) एक शक्ति स्त्रोत

Ans. (c) एक कुचालक

Q.35 P-N सन्धि में अवक्षय पर्त बनती है-

(a) इलेक्ट्रॉनों के अनुगमन वेग से
(b) आवेश वाहकों के विसरण से
(c) कोटरों के अनुगमन से
(d) अपद्रव्य आयनों के स्थानांतरण से

Ans. (b) आवेश वाहकों के विसरण से

Q.36 संयोजी इलेक्ट्रॉन रखता है-

(a) अधिकतम ऊर्जा
(b) न्यूनतम ऊर्जा
(c) शून्य ऊर्जा
(d) अनन्त ऊर्जा

Ans. (a) अधिकतम ऊर्जा

Q.37 N-प्रकार के अर्द्ध-चालक का उदाहरण है-

(a) सिलिकॉन में एलुमिनियम का अपमिश्रण
(b) सिलिकॉन में बोराॅन का अपमिश्रण
(c) सिलिकॉन में इण्डियन का अपमिश्रण
(d) सिलिकॉन में आर्सेनिक का अपमिश्रण

Ans. (d) सिलिकॉन में आर्सेनिक का अपमिश्रण

Q.38 एक सिलिकॉन परमाणु में होते हैं-

(a) 4 प्रोटोन
(b) संयोजी इलेक्ट्रॉन
(c) 6 संयोजी इलेक्ट्रॉन
(d) केवल 2 इलेक्ट्रॉन कक्षाएं

Ans. (b) संयोजी इलेक्ट्रॉन

Q.39 एक जर्मेनियम परमाणु में होते हैं-

(a) चार प्रोटोन
(b) चार संयोजी इलेक्ट्रॉन
(c) छः संयोजी इलेक्ट्रॉन
(d) केवल दो इलेक्ट्रॉन कक्षाएं

Ans. (b) चार संयोजी इलेक्ट्रॉन

Q.40 परम शून्य ताप पर शुद्ध अर्द्ध-चालक में सभी इलेक्ट्रॉन होते हैं-

(a) संयोजी बैंड में
(b) चालन बैंड में
(c) वर्जित अन्तराल में
(d) कुछ नहीं कहा जा सकता

Ans. (a) संयोजी बैंड में

Q.41 जर्मेनियम के लिए वर्जित ऊर्जा अन्तराल का मान है-

(a) 0.7 eV
(b) 1.1 eV
(c) 0.1 eV
(d) 1.12 eV

Ans. (a) 0.7 eV

Q.42 सिलिकॉन के लिए वर्जित ऊर्जा अन्तराल का मान है-

(a) 0.7 eV
(b) 1.1 eV
(c) 0.3 eV
(d) 1.12 eV

Ans. (d) 1.12 eV

Q.43 युक्त इलेक्ट्रॉन के सिद्धांत के अनुसार चालन बैण्ड स्थित होता है-

(a) क्रिस्टल के तल पर
(b) मुक्त इलेक्ट्रॉन के संगत ऊर्जा स्तर पर
(c) ऊर्जा अन्तराल पर
(d) मुक्त बिबर के संगत ऊर्जा स्तर पर

Ans. (b) मुक्त इलेक्ट्रॉन के संगत ऊर्जा स्तर पर

Q.44 P-प्रकार की अशुद्धि उत्पन्न करती है-

(a) अतिरिक्त होल
(b) अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन
(c) उदासीनता
(d) होल व इलेक्ट्रॉन दोनों

Ans. (a) अतिरिक्त होल

Q.45 N-प्रकार की अशुद्धि उत्पन्न करती है-

(a) अतिरिक्त होल
(b) अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन
(c) उदासीनता
(d) होल व इलेक्ट्रॉन दोनों

Ans. (b) अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन

Q.46 शुद्ध जर्मेनियम में थोड़ी मात्रा एण्टीमनी मिलाने पर-

(a) जर्मेनियम p-प्रकार का अर्द्ध-चालक बन जाता है
(b) अर्द्ध-चालक में होलों की तुलना में इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है
(c) अर्द्ध-चालक में होलों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की तुलना में बढ़ जाती है
(d) उपरोक्त में कोई नहीं

Ans. (b) अर्द्ध-चालक में होलों की तुलना में इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है

Q.47 एक पूर्ण तरंग दिष्टकारी में यदि निवेशी विभव की आवृत्ति 50 Hz है तो निर्गत विभव की आवृत्ति होगी-

(a) 50 Hz
(b) 100 Hz
(c) 25 Hz
(d) 75 Hz

Ans. (b) 100 Hz

Q.48 एक ब्रिज-रेक्टिफायर का रिपिल फैक्टर होता है-

(a) 0.48
(b) 0.81
(c) 1.11
(d) 0

Ans. (a) 0.48

Q.49 अर्द्ध-तरंग दिष्टकारी का रिपिल गुणांक है-

(a) γ = 1.25
(b) γ = 0.48
(c) γ = 1.21
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) γ = 1.21

Q.50 एक अर्द्ध-चालक में संयोजी बैण्ड तथा चालन बैण्ड के बीच ऊर्जा अन्तराल लगभग होता है-

(a) 0 eV
(b) 1 eV
(c) 5 eV
(d) 15 eV

Ans. (b) 1 eV

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