Top 50+ Physics Objective types Questions and Answers in Hindi | B.Sc. I, Physics III book-Unit 4

Top 50+ Physics Objective types Questions and Answers in Hindi

Q.1 CRO का उपयोग किया जा सकता है –

(a) वोल्टेज मापन में
(b) आवृत्ति मापन में
(c) कला मापन में
(d) उपरोक्त सभी में

Ans. (d) उपरोक्त सभी में

Q.2 किसी कैथोड किरण दोलन दर्शी CRO में जिस तरंग प्रारूप का प्रेक्षण करना होता है उसे लगाया जाता है-

(a) ग्रिड पर
(b) X-प्लेट पर
(c) Y-प्लेट पर
(d) इनमें से किसी पर नहीं

Ans. (c) Y-प्लेट पर

Q.3 मल्टीमीटर से मापा जा सकता है –

(a) केवल वोल्टेज
(b) केवल धारा
(c) केवल प्रतिरोध
(d) उपर्युक्त सभी

Ans. (d) उपर्युक्त सभी

Q.4 कैथोड किरण दोलन दर्शी CRO को प्रयुक्त कर सकते हैं-

(a) प्रत्यावर्ती विभव तथा धारा मापने में
(b) प्रत्यावर्ती सिग्नल की आवृत्तियों तथा कलाओं की तुलना में
(c) तरंग आकृति चित्रण करने में
(d) उपरोक्त सभी में

Ans. (d) उपरोक्त सभी में

Q.5 टेलीविजन पिक्चर ट्यूब में इलेक्ट्रॉन पुंज का विक्षेपण होता है-

(a) बाह्य स्थाई चुम्बक के द्वारा
(b) वैधुत क्षेत्र के द्वारा
(c) कुंडली में प्रवाहित धारा के द्वारा
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Ans. (c) कुंडली में प्रवाहित धारा के द्वारा

Q.6 आयाम माॅडुलेशन में माॅडुलक तरंग के आयाम के अनुसार परिवर्तित होता है वाहक तरंग का-

(a) आयाम
(b) कला
(c) आवृत्ति
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) आयाम

Q.7 माॅडुलेशन गुणांक m = 1 होने पर, पाश्र्व बैण्डों में उपस्थित शक्ति तथा आयाम मॉडुलित तरंग में उपस्थित कुल शक्ति की निष्पत्ति होती है-

(a) 0.1
(b) 1/2
(c) 1/3
(d) 2/3

Ans. (c) 1/3

Q.8 किसी संसूचक का कार्य माॅडुलित तरंगों को डिमाॅडुलन करना होता है जिसके प्रक्रम के चरण निम्नलिखित क्रम में होते हैं-

(a) डिमॉडुलन एवं छनन
(b) डिमॉडुलन एवं दिष्टीकरण
(c) दिष्टीकरण एवं छनन
(d) उत्पादन एवं छनन

Ans. (c) दिष्टीकरण एवं छनन

Q.9 कैथोड किरण नलिका के आन्तरिक भाग पर किस द्रव्य का लेप किया जाता है-

(a) जर्मेनियम का
(b) ग्रेफाइट का
(c) सल्फर का
(d) फाॅस्फर का

Ans. (d) फाॅस्फर का

Q.10 CRO में तीव्रगामी इलेक्ट्रॉन पुंज की प्राप्ति होती है-

(a) इलेक्ट्रॉन गन से
(b) विक्षेपक प्लेटों से
(c) प्रतिदीप्तशील पदार्थ से
(d) प्रसर्प जनित्र से

Ans. (a) इलेक्ट्रॉन गन से

Q.11 किस यंत्र द्वारा D.C. पावर को A.C. पावर में बदला जाता है-

(a) प्रवर्धक
(b) दोलित्र
(c) दिष्टकारी
(d) एल. ई. डी.

Ans. (b) दोलित्र

Q.12 किसी दोलित्र के स्थिरत्व हेतु बार्कहाउजेन सिद्धान्त है-

(a) Aβ = 0
(b) Aβ = 1
(c) – Aβ = 1
(d) A = 1/ \sqrt{β}

Ans. (b) Aβ = 1

Q.13 आयाम मॉडुलित तरंग के पाश्र्व बैंडो की आवृत्तियां होती हैं-

(a) fc तथा fm
(b) fc तथा fc + fm
(c) fc तथा fc – fm
(d) fc + fm तथा fc – fm

Ans. (d) fc + fm तथा fc – fm

Q.14 माॅडुलेशन कितने प्रकार के होते हैं-

(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) तीन

Q.15 वाहक आवृत्ति fc के साथ सिग्नल आवृत्ति fm के माॅडुलेशन से प्राप्त मॉडुलित तरंग की कुल चैनल परास (या बैंड चौड़ाई) का मान होगा-

(a) fc + fm
(b) 2fc
(c) 2fm
(d) (fc – fm)

Ans. (c) 2fm

Q.16 आयाम माॅडुलेशन में प्रतिशत माॅडुलेशन गुणक होता है-

(a) \frac{E_{max} - E_{min}}{E_{max} + E_{min}} × 100%
(b) \frac{E_{max} - E_c}{E_c + E_{min}} × 100%
(c) \frac{E_{max} + E_{min}}{E_{max} - E_{min}} × 100%
(d) \frac{E_c - E_{min}}{E_c + E_{min}} × 100%

Ans. \frac{E_{max} - E_{min}}{E_{max} + E_{min}} × 100%

Q.17 आयाम मॉडुलित सिग्नल में संदेश रहता है-

(a) केवल ऊपरी पाश्र्व बैण्ड में
(b) केवल निचले पाश्र्व बैंड में
(c) दोनों पाश्र्व बैण्डों में
(d) वाहक तरंग में

Ans. (c) दोनों पाश्र्व बैण्डों में

Q.18 हार्टले दोलित्र के दोलनों की आवृत्ति होती है-

(a) f = \frac{1}{2π \sqrt{L_1C}}
(b) f = \frac{1}{2π \sqrt{L_2C}}
(c) f = \frac{1}{2π \sqrt{(L_1 + L_2)C}}
(d) f = \frac{1}{2π \sqrt{(L_1 + L_2 + 2M)C}}

Ans. (d) f = \frac{1}{2π \sqrt{(L_1 + L_2 + 2M)C}}

Q.19 ट्रांजिस्टर हार्टले दोलित्र में-

(a) प्रेरकीय फीडबैक प्रयुक्त होता है
(b) बिना टैप की गई कुंडली प्रयुक्त होती है
(c) संपूर्ण कुंडली बाह्य परिपथ में होती है
(d) कोई संधारित्र प्रयुक्त नहीं होता है

Ans. (a) प्रेरकीय फीडबैक प्रयुक्त होता है

Q.20 हार्टले दोलित्र में टेपिंग की जाती है-

(a) प्रतिरोध में
(b) कुंडली में
(c) संधारित्र में
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) कुंडली में

Q.21 हार्टले दोलित्र के स्थाई (स्वपोषी) दोलनों के लिए आवश्यक प्रतिबंध है-

(a) hfe = L1 + M
(b) hfe = L2 + M
(c) hfe = \frac{L_1 + M}{L_2 + M}
(d) hfe = L1 + L2 + 2M

Ans. (c) hfe = \frac{L_1 + M}{L_2 + M}

Q.22 उभयनिष्ठ आधार प्रवर्धक के धारा लाभ α तथा उभयनिष्ठ उत्सर्जक प्रवर्धक के धारा लाभ β के बीच गलत संबंध है-

(a) β = \frac{α}{1 - α}
(b) α = \frac{β}{1 - β}
(c) (1 + α) = \frac{β}{1 + β}
(d) (1 – α) = \frac{β}{1 + β}

Ans. (c) (1 + α) = \frac{β}{1 + β}

Q.23 वर्ष A ट्रांजिस्टर की अधिकतम शक्ति प्रवर्धक क्षमता होती है-

(a) 25%
(b) 50%
(c) 75%
(d) 100%

Ans. (a) 25%

Q.24 α व β की सही परिभाषाएं हैं-

(a) α = \frac{I_C}{I_B} तथा β = \frac{I_C}{I_E}
(b) α = \frac{I_C}{I_E} तथा β = \frac{I_C}{I_B}
(c) α = \frac{I_E}{I_C} तथा β = \frac{I_B}{I_C}
(d) g तथा β = \frac{I_C}{I_B}

Ans. (b) α = \frac{I_C}{I_E} तथा β = \frac{I_C}{I_B}

Q.25 दोलित्र के लिए आवश्यक प्रतिबंध है कि-

(a) | 1 – BA | > 0
(b) B = 1/A
(c) | 1 – BA | < 0
(d) 1/B = 1/A

Ans. (b) B = 1/A

Q.26 उभयनिष्ठ उत्सर्जक (CE) विन्यास में ट्रांजिस्टर के धारा लाभ β की परिभाषा के अनुसार-

(a) | \frac{∆I_C}{∆I_B} |VCE = नियतांक
(b) | \frac{∆I_E}{∆I_B} |VCE = नियतांक
(c) | \frac{∆I_B}{∆I_C} |VCB = नियतांक
(d) | \frac{∆I_E}{∆I_B} |VCE = नियतांक

Ans. (a) | \frac{∆I_C}{∆I_B} |VCE = नियतांक

Q.27 पुनर्निवेशी प्रवर्धक दोलित्र की भांति कार्य करेगा जबकि-

(a) लूप लाभ शून्य हैं
(b) लूप लाभ एक से कम हैं
(c) लूप लाभ एक है तथा पुनर्निवेशन धनात्मक एवं पुनर्योजी है
(d) लूप लाभ एक है तथा पुनर्निवेशन ऋणात्मक है

Ans. (c) लूप लाभ एक है तथा पुनर्निवेशन धनात्मक एवं पुनर्योजी है

Q.28 उभयनिष्ठ आधार (CB) विन्यास में ट्रांजिस्टर के धारा लाभ α की सही परिभाषा है-

(a) | \frac{∆I_C}{∆I_B} |VCE = नियतांक
(b) | \frac{∆I_E}{∆I_B} |VCE = नियतांक
(c) | \frac{∆I_B}{∆I_C} |VCB = नियतांक
(d) | \frac{∆I_E}{∆I_B} |VCE = नियतांक

Ans. (b) | \frac{∆I_E}{∆I_B} |VCE = नियतांक

Q.29 CE विधा में ट्रांजिस्टर प्रवर्धक वोल्टता लाभ 40 है तथा निर्गत वोल्टता 20 बोल्ट है। इस दोलित्र की भांति उपयोग में लाने के लिए पुनर्निवेशी वोल्टता होगी-

(a) 0.5 volt
(b) 5 volt
(c) 0.05 volt
(d) 10 volt

Ans. (a) 0.5 volt

Q.30 LC परिपथ के दोलनों की आवृत्ति निर्भर करती है-

(a) केवल कुंडली के प्रेरकत्व पर
(b) केवल संधारित्र की धारिता पर
(c) कुंडली के प्रेरकत्व व संधारित्र की धारिता दोनों पर
(d) कुंडली के प्रतिरोध पर

Ans. (c) कुंडली के प्रेरकत्व व संधारित्र की धारिता दोनों पर

Q.31 CE उभयनिष्ठ उत्सर्जक विन्यास में निर्गत अभिलाक्षणिक वक्र होता है-

(a) नियत IE व VCE व IC के बीच खींचा गया ग्राफ
(b) नियत IE व VCE व IC के बीच खींचा गया ग्राफ
(c) नियत VCE व VBE व IB के बीच खींचा गया ग्राफ
(d) नियत VCB व VCE व IC के बीच खींचा गया ग्राफ

Ans. (b) नियत IE व VCE व IC के बीच खींचा गया ग्राफ

Q.32 ट्रांजिस्टर प्रवर्धक परिपथ में संधारित्र का कार्य होता है-

(a) केवल ए. सी. अवयव का उपपथन करना
(b) ए. सी. व डी. सी. अवयव दोनों का उपपथन करना
(c) ए. सी. व डी. सी. अवयव दोनों को रोकना
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) केवल ए. सी. अवयव का उपपथन करना

Q.33 उभयनिष्ठ आधार (CB) विधा में निर्गत अभिलाक्षणिक वक्र के लिए ग्राफ खींचा जाता है-

(a) नियत IE पर VCB व IC के बीच खींचा
(b) नियत IE पर VCB व IB के बीच खींचा
(c) नियत IE पर VCE व IC के बीच खींचा
(d) नियत IE पर VCE व IB के बीच खींचा

Ans. (a) नियत IE पर VCB व IC के बीच खींचा

Q.34 ट्रांजिस्टर में शांत दशा में तब कहां जाता है जबकि-

(a) ट्रांजिस्टर में कोई धारा नहीं बहती है
(b) ट्रांजिस्टर पर निवेशी सिग्नल नहीं लगाया जाता है
(c) उत्सर्जक सन्धि तथा संग्राहक सन्धि अग्र अभिनति में रहती है
(d) ट्रांजिस्टर अनवायसित होता है

Ans. (b) ट्रांजिस्टर पर निवेशी सिग्नल नहीं लगाया जाता है

Q.35 अपेक्षाकृत विस्तृत आवृत्ति परास में आवृत्ति अनुक्रिया वक्र अच्छा होता है-

(a) L-C युग्मित प्रवर्धक का
(b) R-C युग्मित प्रवर्धक का
(c) कला विभाजन युग्मित प्रवर्धक का
(d) ट्रांसफार्मर सभी

Ans. (b) R-C युग्मित प्रवर्धक का

Q.36 प्रवर्धको में धनात्मक पुनर्निवेश –

(a) प्रवर्धक के लाभ को बढ़ाता है
(b) लाभ स्थायित्व को घटाता है
(c) विकृति को बढ़ाता है
(d) उपरोक्त सभी

Ans. (d) उपरोक्त सभी

Q.37 RC कला विस्थायी दोलित्र में प्रयुक्त प्रत्येक RC परिपथ निवेशी सिग्नल का कला में कितना परिवर्तन करता है-

(a) 30°
(b) 40°
(c) 60°
(d) 90°

Ans. (c) 60°

Q.38 किसी भाषण का दीर्घ दूरी प्रसारण संभव है-

(a) किस भाषण को माइक्रोफोन द्वारा विद्युत चुंबकीय तरंगों में बदलकर
(b) भाषण के संगत प्रवर्धित आवृत्ति सिग्नल को रेडियो आवृत्ति वाहक तरंगों द्वारा माॅडुलित करके
(c) भाषण के संगत विद्युत चुंबकीय तरंगों की आवृत्ति गुणक द्वारा आवृत्ति बढ़ाकर
(d) उपरोक्त में कोई नहीं

Ans. (b) भाषण के संगत प्रवर्धित आवृत्ति सिग्नल को रेडियो आवृत्ति वाहक तरंगों द्वारा माॅडुलित करके

Q.39 माॅडुलेशन का उद्देश्य है-

(a) निम्न आवृत्ति सिग्नल की सहायता से उच्च आवृत्ति सिग्नल को संचरित करना
(b) दो भिन्न-भिन्न आवृत्तियों की तरंगों को जोड़कर परिणामी तरंग प्राप्त करना
(c) उच्च आवृत्ति सिग्नल की सहायता से निम्न आवृत्ति सिग्नल को संचरित करना
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) उच्च आवृत्ति सिग्नल की सहायता से निम्न आवृत्ति सिग्नल को संचरित करना

Q.40 आयाम माॅडुलेशन में –

(a) वाहक तरंगों का आयाम, माॅडुलेटिंग सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलता है
(b) वाहक तरंगों की कला, मॉडुलित सिग्नल की कला के अनुसार बदलती है
(c) मॉडुलेटिंग सिग्नल का आयाम वाहक तरंगों के आयाम के अनुसार परिवर्तित हो जाता है
(d) उपरोक्त सभी

Ans. (a) वाहक तरंगों का आयाम, माॅडुलेटिंग सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलता है

Q.41 आवृत्ति मॉडुलेशन में –

(a) वाहक तरंग की आवृत्ति मॉडुलक सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलती है
(b) वाहक तरंग की आवृत्ति समान रहती है केवल उसकी कला बदलती है
(c) वाहक तरंगों की आवृत्ति माॅडुलक सिग्नल की आवृत्ति के अनुसार बदलती है
(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) वाहक तरंग की आवृत्ति मॉडुलक सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलती है

Q.42 माॅडुलेशन गहराई निर्भर करती है-

(a) केवल वाहक तरंग के आयाम व आवृत्ति पर
(b) श्रव्य व वाहक तरंगों के आयाम पर
(c) केवल वाहक तरंग की आवृत्ति पर
(d) केवल वाहक तरंग के आयाम पर

Ans. (b) श्रव्य व वाहक तरंगों के आयाम पर

Q.43 असत्य कथन है –

(a) p-n सन्धि डायोड को आयाम मॉडुलेटर की भांति प्रयुक्त किया जा सकता है
(b) p-n सन्धि डायोड को डिमॉडुलेनश के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है
(c) एक रैखिक संसूचक का निर्गत विभव निवेशी विभव के अनुक्रमानुपाती होता है
(d) मॉडुलित वाहक तरंग में से श्रव्य तरंग को अलग करना संसूचक कहलाता है

Ans. (a) p-n सन्धि डायोड को आयाम मॉडुलेटर की भांति प्रयुक्त किया जा सकता है

Q.44 वाहक आवृत्ति fc के साथ श्रव्य आवृत्ति fm के मॉडुलेशन से प्राप्त मॉडलित तरंग की कुल चैनल परास का मान होता है-

(a) fc + fm
(b) 2fc
(c) 2fm
(d) fc – fm

Ans. (d) fc – fm

Q.45 500 वाट पावर वाली वाहक तरंग को 60% गहराई तक आयाम मॉडुलित किया जाता है तो माॅडुलित तरंग की कुल पावर होगी –

(A) 90 वाट
(b) 390 वाट
(c) 590 वाट
(d) 490 वाट

Ans. (c) 590 वाट

Q.46 100% मॉडुलन के लिए आयाम मॉडुलित तरंग की कुल शक्ति 42 kw है पाश्र्व बैंड की शक्ति होगी-

(a) 5 kw
(b) 7 kw
(c) 10 kw
(d) 13 kw

Ans. (b) 7 kw

Q.47 माॅडुलेशन गुणांक m = 1 होने पर पार्श्व बैंडों में उपस्थित पावर तथा आयाम मॉडुलित तरंग में उपस्थित कुल पावर का अनुपात होता है-

(a) 0.1
(b) 0.2
(c) 0.33
(d) 0.4

Ans. (c) 0.33

Q.48 आयाम मॉडुलेशन में मॉडुलक तरंग के आयाम के अनुसार परिवर्तित होता है वाहक तरंग का-

(a) आवृत्ति
(b) आयाम
(c) कला
(d) उपरोक्त सभी

Ans. (b) आयाम

Q.49 यदि आयाम मॉडुलित तरंग का अधिकतम तथा न्यूनतम आयाम क्रमशः 5 वोल्ट तथा 3 वोल्ट हो तो मॉडुलेशन की गहराई होगी-

(a) 10%
(b) 40%
(c) 25%
(d) 50%

Ans. (c) 25%

Q.50 संसूचन का अर्थ है –

(a) मॉडुलित तरंग में से श्रव्य तरंगों को अलग करना
(b) मॉडुलित तरंग में से वाहक तरंगों को अलग करना
(c) मॉडुलित तरंग का दिष्टीकरण करना
(d) उपरोक्त सभी

Ans. (a) मॉडुलित तरंग में से श्रव्य तरंगों को अलग करना

Q.51 यदि आयाम मॉडुलित वाहक तरंग का अधिकतम आयाम 20 वोल्ट तथा न्यूनतम आयाम 5 वोल्ट है तो माॅडुलेशन गहराई होगी-

(a) 0.25
(b) 0.40
(c) 0.50
(d) 0.6

Ans. (d) 0.6

Q.52 आयाम मॉडुलित तरंग का अधिकतम और न्यूनतम आयाम क्रमशः 18 mV तथा 2 mV है। इसका मॉडुलन संसूचक होगा-

(a) 8
(b) 0.6
(c) 0.4
(d) 0.7

Ans. (a) 8

Q.53 50% मॉडुलन के साथ यदि वाहक तरंग की अधिकतम आयाम 100 mV है तो इसका न्यूनतम आयाम होगा-

(a) 25 mV
(b) 33.3 mV
(c) 50 mV
(d) 66.7 mV

Ans. (b) 33.3 mV

Q.54 एक आयाम मॉडुलित तरंग के लिए अधिकतम तथा न्यूनतम आयाम क्रमशः 425 mV एवं 75 mV है तो मॉडुलेशन सूचकांक होगा-

(a) 20%
(b) 40%
(c) 50%
(d) 70%

Ans. (d) 70%

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