Q.1 भौतिकी क्या है?

Q.1 भौतिकी क्या है?

Ans. भौतिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत प्रकृति एवं प्राकृतिक घटनाओं का अध्ययन किया जाता है।

- मानव द्वारा प्रेक्षणों तथा प्रयोगों द्वारा प्राप्त ज्ञान के सुव्यवस्थित संगठन को ही विज्ञान कहते हैं। जहां तक भौतिक विज्ञान का प्रशन है भौतिक विज्ञान शब्द ग्रीक भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है प्रकृति (Nature)। प्रारम्भ में भौतिक शास्त्र को प्राकृतिक विज्ञान (Natural Science) भी कहा जाता था।

Q.2 भौतिकी में तीन संरक्षण नियमों के नाम बताइए?

Ans. भौतिकी में तीन संरक्षण नियम - (1). ऊर्जा संरक्षण का नियम, (2). रेखीय संवेग संरक्षण का नियम तथा (3). विद्युत् आवेश संरक्षण का नियम।

1. ऊर्जा संरक्षण का नियम - ऊर्जा को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है, यही ऊर्जा संरक्षण का नियम है।

1. ऊर्जा संरक्षण का नियम - ऊर्जा को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है, यही ऊर्जा संरक्षण का नियम है।

यान्त्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम - किसी वस्तु पर कार्य करने वाला बल संरक्षी हो तो निकाय की कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है। यह यांत्रिक ऊर्जा के संरक्षण का नियम है।

2. रेखीय संवेग संरक्षण का नियम - यदि कणो के किसी निकाय पर कार्य करने वाला बाह्य बल शून्य है तो उस निकाय का संवेग संरक्षित रहता है।

3. विद्युत् आवेश संरक्षण का नियम - आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। यही आवेश संरक्षण का नियम कहलाता है।

3. विद्युत् आवेश संरक्षण का नियम - आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। यही आवेश संरक्षण का नियम कहलाता है।

Q.3 प्रकृति के चार मूल बल कौन-कौन से हैं?

Ans. प्रकृति में चार प्रकार के मूल बल होते हैं। (1). गुरुत्वाकर्षण बल, (2). विद्युत चुम्बकीय बल, (3). प्रबल नाभिकीय बल तथा (4). दुर्बल नाभिकीय बल।

1. गुरुत्वाकर्षण बल⇒ न्यूटन के अनुसार, ब्रह्मांड में प्रत्येक द्रव्य कण दूसरे द्रव्य कण को अपनी और आकर्षित करता है तो इन कणों के बीच एक आकर्षण बल लगता है। यही आकर्षण बल 'गुरुत्वाकर्षण बल' कहलाता है।

2. विद्युत चुम्बकीय बल⇒ आवेशित कणों के बीच कार्यरत बल को 'विद्युत चुम्बकीय बल' कहते हैं। स्थिर आवेशित कणों के बीच कार्यरत बल को कूलॉम के नियम द्वारा व्यक्त किया जाता है इसलिए इसे कूलाॅम का नियम भी कहते हैं।

3. प्रबल नाभिकीय बल⇒ वह बल जो एक नाभिक में न्यूट्रॉनों तथा प्रोटॉनों को परस्पर साथ-साथ बांधे रखते हैं, 'प्रबल नाभिकीय बल' कहलाते हैं। अतः ये बल दो प्रोटॉनों, दो न्यूट्राॅनों या एक प्रोटाॅन व एक न्यूट्रॉन के बीच कार्यरत रहते हैं।

4. दुर्बल नाभिकीय बल⇒ इन बलों की खोज रेडियोधर्मिता में β-रूप की घटना के दौरान हुई। ये बल अल्प जीवनकाल वाले कणों के बीच अन्योन्य प्रक्रियाओं के फलस्वरूप उत्पन्न बल हैं।

मूल बलों का एकीकरण⇒ एकीकरण भौतिकी की मूलभूत खोज है भौतिकी की महत्वपूर्ण उन्नति प्रायः विभिन्न सिद्धांतों तथा प्रभाव क्षेत्रों के एकीकरण की ओर ले जाती है।