Q.1 भौतिकी के स्थूल भाग से क्या तात्पर्य है?

Ans. भौतिकी के स्थूल भाग की परिघटनाओं की व्याख्या के लिए चिरसम्मत् यांत्रिकी के सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है जबकि सूक्ष्म परिघटनाओं के लिए क्वांटम यांत्रिकी का प्रयोग किया जाता है। चिरसम्मत् यांत्रिकी की शाखाएं निम्न है।

1. यांत्रिकी (Mechanics) :- इसमें द्रव्य के नियमों का अध्ययन किया जाता है। यांत्रिकी न्यूटन के गति के नियमों तथा गुरुत्वाकर्षण के नियम पर आधारित है।

1. यांत्रिकी (Mechanics) :- इसमें द्रव्य के नियमों का अध्ययन किया जाता है। यांत्रिकी न्यूटन के गति के नियमों तथा गुरुत्वाकर्षण के नियम पर आधारित है।

2. ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) :- इस शाखा के निकायों के ऊष्मीय संतुलन के नियमों, ऊष्मा प्रवाह की दिशा, ऊष्मा का कार्य में रूपान्तरण एवं ऊष्मा स्थानान्तरण के कारण निकाय की आन्तरिक ऊर्जा, ताप एवं एन्ट्रॉपी आदि में परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है।

3. प्रकाशिकी (Optics) :- इस शाखा में प्रकाश पर आधारित परिघटनाओं तथा परिवर्तन, अपवर्तन, विवर्तन पर विचार किया जाता है।

3. प्रकाशिकी (Optics) :- इस शाखा में प्रकाश पर आधारित परिघटनाओं तथा परिवर्तन, अपवर्तन, विवर्तन पर विचार किया जाता है।

4. दोलन तथा तरंगें (Oscillations and Waves) :- इस शाखा के अंतर्गत हम विभिन्न वस्तुओं के कम्पनों, कम्पित वस्तु द्वारा उत्पन्न विक्षोभ के संचरण आदि का अध्ययन करते हैं।

5. वैद्युत गतिकी (Electrodynamics) :- इस शाखा के अन्तर्गत आवेशित तथा चुम्बकीत वस्तुओं से संबंधित परिघटनाओं का अध्ययन किया जाता है। इसके मूल नियमों का प्रतिपादन गौस, एम्पियर तथा फैराडे आदि ने किया था।

Q.2 भौतिकी की सबसे पुरानी शाखा क्या है?

Ans. चिरसम्मत् यांत्रिकी भौतिकी की पुरानी शाखा है जिसमें द्रव्य और ऊर्जाएं दो अलग-2 अवधारणाएं हैं। प्रारम्भिक रूप से यह न्यूटन के गति के नियमों तथा मैक्सवेल के विद्युत् चुम्बकीय सिद्धान्तों पर आधारित होती है।

Q.3 कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लिखिए?

Ans. यदि कणों के किसी निकाय पर कार्य करने वाला बाह्य बल-आघूर्ण शून्य हो, तो निकाय का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है। यह कोणीय संवेग संरक्षण का नियम है।

Q.4 द्रव्यमान ऊर्जा संरक्षण का नियम लिखिए?

Ans. आइंस्टीन के अनुसार, द्रव्यमान तथा ऊर्जा पृथक-2 अस्तित्व वाली भौतिक राशियां नहीं है, बल्कि एक ही राशि के दो रूप हैं। द्रव्यमान को ऊर्जा में तथा ऊर्जा का द्रव्यमान में बदला जा सकता है।

आइंस्टीन का सूत्र - द्रव्यमान तथा ऊर्जा के बीच तुल्य संबंध E = mc^2 यहां E ऊर्जा, m द्रव्यमान तथा c प्रकाश का वेग है। इसके अनुसार यदि ऊर्जा E विलुप्त हो जाए तो द्रव्यमान m बढ़ जाता है और यदि द्रव्यमान m नष्ट हो जाए तो इसके समतुल्य ऊर्जा E उत्पन्न होती है।

Q.5 भौतिकी के प्रयोजन से आप क्या समझते हैं?

Ans. भौतिकी में अनेक प्रकार की भौतिक घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। इसे भौतिकी का प्रयोजन कहा जाता है।

Q.6 प्रतिध्वनि क्या है?

Q.6 प्रतिध्वनि क्या है?

Ans. किसी बड़े आकार की वस्तु जैसे पहाड़ी से टकराकर लौटने वाली परावर्तित ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते हैं।

Q.7 लेसर क्या है? इसकी विशेषताएं लिखिए।

Ans. लेसर, 'विकिरण के उद्दीपित उत्सर्जन द्वारा प्रकाश का प्रवर्धन' का संक्षिप्त रूप है। लेसर अत्यधिक तीव्र, समदैशिक तथा एकवर्णी प्रकाश पुंज है।